Eye Care Tips: आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी और डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर और टीवी हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। घंटों तक लगातार स्क्रीन के सामने बैठे रहने के कारण लोगों को आंखों में सूखापन (ड्राईनेस), जलन, भारीपन, पानी आना और कम दिखाई देने जैसी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आयुर्वेद में आंखों को शरीर का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंग माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार, अगर हम अपनी दैनिक दिनचर्या और खान-पान में थोड़े से पारंपरिक बदलाव करें, तो इन समस्याओं से आसानी से बच सकते हैं।
क्यों खराब हो रही है आंखों की सेहत?
आयुर्वेद के जानकारों के अनुसार, आंखों में होने वाली इन दिक्कतों के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण जिम्मेदार होते हैं:
- डिजिटल स्क्रीन्स का बहुत अधिक या गलत तरीके से (जैसे अंधेरे में) इस्तेमाल करना।
- खराब जीवनशैली, कम नींद लेना और आदतों के प्रति लापरवाही बरतना।
- मौसम में होने वाले अचानक और असामान्य बदलाव।
इन सभी कारणों से आंखों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, जिससे बचने के लिए प्राकृतिक उपायों को अपनाने पर जोर दिया गया है।
पादाभ्यंग और ठंडे पानी का अचूक उपाय
आंखों की रोशनी को बेहतर बनाए रखने और स्क्रीन की थकावट को मिटाने के लिए आयुर्वेद में ‘पादाभ्यंग’ यानी पैरों के तलवों की तेल से मालिश करने को बहुत लाभकारी बताया गया है। रोजाना रात को सोते समय गुनगुने तेल से पैरों की मालिश करने से पूरे शरीर को आराम मिलता है और आंखों की नसें रिलैक्स होती हैं। इसके साथ ही, दिन में तीन से चार बार साफ और ठंडे पानी से आंखों पर हल्के छींटे मारना चाहिए। यह एक बहुत ही सरल तरीका है जो आंखों को तुरंत ताजगी देता है और जलन से राहत दिलाता है।
योग और व्यायाम से आंखों को दें आराम
स्क्रीन पर काम करने के दौरान आंखों की मांसपेशियों को सक्रिय रखने के लिए आयुर्वेद और योग में कई आसान अभ्यास बताए गए हैं:
- पामिंग (Palming): इसमें कुछ देर के लिए अपनी आंखें बंद करें और दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर आंखों के ऊपर हल्के से रखें। हथेलियों की गर्माहट आंखों के तनाव को तुरंत कम करती है।
- आई मूवमेंट: अपनी आंखों की पुतलियों को धीरे-धीरे दाएं-बाएं और ऊपर-नीचे घुमाएं। इससे आंखों की एक्सरसाइज होती है।
- त्राटक और ध्यान: सुबह के समय सूरज की हल्की धूप में बैठना, मोमबत्ती की लौ पर ध्यान लगाना और त्राटक क्रिया करना आंखों की एकाग्रता और स्वास्थ्य के लिए उत्तम माना जाता है।
इन जरूरी बातों का भी रखें ख्याल
डिजिटल दौर में अपनी आंखों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ सामान्य सावधानियां बरतनी बेहद जरूरी हैं। पढ़ते या काम करते समय कमरे में पर्याप्त रोशनी रखें। मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन को अपनी आंखों से एक सुरक्षित दूरी पर सेट करें। लगातार काम करने के बजाय बीच-बीच में आंखों को थोड़ा आराम दें और रात में पर्याप्त नींद जरूर लें। यदि इसके बाद भी आंखों में लगातार दर्द, धुंधलापन या कोई अन्य गंभीर समस्या बनी रहती है, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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