HomeEditorialकवियित्री ऋचा सिन्हा को मिला सर्व भाषा संस्कृति समन्वय पुरस्कार

कवियित्री ऋचा सिन्हा को मिला सर्व भाषा संस्कृति समन्वय पुरस्कार

नई दिल्ली/ अदिति सिंह : देश की संविधान सम्मत सभी भाषाओं के उन्नयन एवं विकास के लिए समर्पित वैश्विक संस्था अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति जो अभी तक ग्वालियर, दिल्ली, गुवाहाटी, कश्मीर, अंडमान निकोबार, मसूरी, भोपाल, शिमला, शिरडी, बैंगलुरु,गोवा, बद्रीनाथ, खरगोन, मुंबई तथा पटना में राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित कर चुकी है ने अपना तीन […]

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नई दिल्ली/ अदिति सिंह : देश की संविधान सम्मत सभी भाषाओं के उन्नयन एवं विकास के लिए समर्पित वैश्विक संस्था अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति जो अभी तक ग्वालियर, दिल्ली, गुवाहाटी, कश्मीर, अंडमान निकोबार, मसूरी, भोपाल, शिमला, शिरडी, बैंगलुरु,गोवा, बद्रीनाथ, खरगोन, मुंबई तथा पटना में राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित कर चुकी है ने अपना तीन दिवसीय सोलहवां राष्ट्रीय अधिवेशन आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित किया। सम्मान समारोह, स्वच्छता के दर्शन पर संगोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का आयोजन श्रीसत्य साई विद्या विहार के वातानुकूलित सभागार में संपन्न हुआ।

—अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति का 16वां राष्ट्रीय अधिवेशन
—पद्मभूषण डॉक्टर विन्देश्वर पाठक हुए संस्कृति समन्वय शिखर सम्मान से अलंकृत
— महेश बंसल को मिला संस्कृति समन्वय सम्मान
—पंडित सुरेश नीरव को गुजरात की संस्था ने दिया हिंदी साहित्य सौरभ प्रज्ञा सम्मान

इस तीन दिनी राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन विश्व विख्यात समाज वैज्ञानिक, सुलभ आंदोलन के जनक पद्मभूषण डॉक्टर विन्देश्वर पाठक ने तथा अध्यक्षता प्रतिष्ठित साहित्यकार प्रज्ञान पुरुष पंडित सुरेश नीरव ने की। मुख्य अतिथि हरियाणा प्रदीप के संपादक महेश बंसल रहे। इस अवसर पर संस्था ने अपने सर्वोच्च अलंकरण ‘संस्कृति समन्वय शिखर सम्मान’ से अलंकृत किया। डॉक्टर पाठक ने इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज साहित्य और पर्यावरण के बीच समन्वय बहुत जरूरी है। और इस दिशा में पंडित सुरेश नीरव के कुशल नेतृत्व में यह संस्था कार्य कर रही है यह एक महत्वपूर्ण कार्य है। और इस अवसर पर आयोजित स्वच्छता का दर्शन और पर्यावरण संगोष्ठी की प्रासंगिकता को जोरदार शब्दों में रेखांकित किया। पर्यावरण संगोष्ठी में पर्यावरणविद् डॉक्टर बृजेश सिंह (बिलासपुर), डॉक्टर मधु चतुर्वेदी (गजरौला), सविता चड्ढा (दिल्ली) तथा पंडित सुरेश नीरव (ग़ाज़ियाबाद) ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि प्रतिष्ठित पत्रकार महेश बंसल को संस्था के महत्वपूर्ण सम्मान संस्कृति समन्वय सम्मान से अलंकृत किया गया।

कवि सम्मेलन का भी आयोजन, दिग्गजों ने कविता पाठ किया

दूसरे सत्र में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया जिसमें गुजरात से राजस्थान पत्रिका (सूरत, गुजरात ) के संपादक प्रदीप जोशी,डॉक्टर राखी कटियार (बड़ोदरा, गुजरात), कर्नाटक बैंगलुरु से दर्शन बेज़ार, महाराष्ट्र मुंबई से डॉक्टर ऋचा सिन्हा,मध्यप्रदेश दमोह से डॉक्टर प्रेम लता नीलम, नागदा से दिनेश दवे, हरियाणा गुरु ग्राम से राजेन्द्र निगम,इंदु राज निगम, यशपाल सिंह यश, छत्तीसगढ़ बिलासपुर से डॉक्टर बृजेश सिंह ब्रजेश तथा दुर्ग से रमाकांत छत्रसाल वडरिया, उत्तर प्रदेश से डॉक्टर मधु चतुर्वेदी (गजरौला), डॉक्टर एल.बी तिवारी अक्स (प्रताप गढ़), डॉक्टर कल्पना पांडेय (गौतम बुद्धनगर),मधु मिश्रा (ग़ाज़ियाबाद) तथा भारत की राजधानी दिल्ली से सविता चड्ढा, अरुण कुमार पासवान और ब्रह्मदेव शर्मा ने कविता पाठ किया।  समारोह में पुस्तक प्रदर्शनी और अधिवेशन में शामिल रचनाकारों की प्रमुख पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया।अहिंदी भाषी राज्यों में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति इसी प्रकार के राष्ट्रीय अधिवेशन समय-समय पर करती रहती है ।

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