Mouth Ulcer and Ear Pain: मुंह में छाला होने पर कई बार कान में भी तेज दर्द महसूस होने लगता है, जिसकी मुख्य वजह नसों का आपस में जुड़ाव और मेडिकल भाषा में ‘रेफर्ड पेन’ होना है। अगर छाले के साथ आपके कान में भी टीस उठ रही है, तो जानिए दोनों के बीच का यह कनेक्शन क्या है।
क्या है मुंह के छाले और कान दर्द का कनेक्शन?
मुंह में छाले (Mouth Ulcers) होना भले ही एक सामान्य समस्या लगे, लेकिन जब यह खाने-पीने या बातचीत करने में अड़चन डालने लगे, तो भारी तकलीफ होती है। कई बार मरीज शिकायत करते हैं कि छाला मुंह में है, लेकिन दर्द कान तक पहुंच रहा है। लोग इसे कान का इंफेक्शन मान बैठते हैं, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। जब छाला जीभ के पिछले हिस्से, तालू या गले के करीब होता है, तब कान में दर्द महसूस होना बेहद आम बात है।
हमारे मुंह, गले और कान का नर्वस सिस्टम (नसों का जाल) आपस में गहरा संबंध रखता है। जब मुंह के किसी हिस्से में सूजन या छाला होता है, तो वहां से दर्द के सिग्नल उन नसों के जरिए आसपास के अंगों तक फैल जाते हैं। मेडिकल साइंस में इस स्थिति को ‘रेफर्ड पेन’ (Referred Pain) कहा जाता है।
कब समझें कि दर्द छाले से है या कान में कोई अलग समस्या है?
यदि कान का दर्द छाला होने के साथ ही शुरू हुआ है और हल्का है, तो पूरी संभावना है कि यह रेफर्ड पेन ही है। जैसे-जैसे छाला ठीक होगा, कान का दर्द भी अपने आप गायब हो जाएगा। हालांकि, हर बार कान दर्द की वजह सिर्फ मुंह का छाला ही हो, यह जरूरी नहीं है।
दांतों में सड़न, मसूड़ों की बीमारी या गले का इंफेक्शन भी कान तक दर्द पहुंचा सकता है। लेकिन अगर कान से पानी या पस (Pus) बह रहा हो, सुनने में दिक्कत आ रही हो, तेज बुखार हो या कान के आसपास सूजन दिखे, तो यह सीधे तौर पर कान के इंफेक्शन का संकेत है। ऐसी स्थिति में केवल छाले को वजह मानकर बेफिक्र रहना नुकसानदेह हो सकता है।
छालों के दौरान खान-पान में बरतें ये सावधानियां
छाले की तकलीफ को बढ़ाने में हमारे खान-पान का बड़ा हाथ होता है। जब तक छाला पूरी तरह ठीक न हो जाए, तब तक अधिक तीखा, खट्टा, बहुत नमकीन और गर्म खाना खाने से परहेज करना चाहिए। ये चीजें छाले में जलन और दर्द को कई गुना बढ़ा देती हैं।
इसके बजाय अपनी डाइट में हल्का, सुपाच्य और नरम खाना शामिल करें। बहुत अधिक गर्म पेय पदार्थों की जगह सामान्य तापमान या ठंडे लिक्विड्स लें। दांतों की सफाई करते समय ध्यान रखें कि ब्रश बेहद मुलायम ब्रिसल्स वाला हो, ताकि छाले पर चोट न लगे।
घरेलू उपाय जो दिलाएंगे तुरंत राहत
छाले और उससे होने वाले रेफर्ड पेन से राहत पाने के लिए गुनगुने पानी और नमक का गरारा एक बेहद असरदार घरेलू नुस्खा है।
- एक गिलास हल्के गर्म पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं।
- इस पानी से मुंह में अच्छी तरह कुल्ला (Rinse) करें और पानी बाहर थूक दें।
- दिन में 2 से 3 बार ऐसा करने से मुंह की सूजन कम होती है और दर्द में काफी आराम मिलता है।
बार-बार छाले होने के पीछे हो सकती हैं ये वजहें
अधिकांश लोग मानते हैं कि सिर्फ अधिक मसालेदार खाना खाने से ही मुंह में छाले होते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। अत्यधिक तनाव (Stress) लेना, नींद पूरी न होना और शरीर में जरूरी विटामिन्स तथा पोषक तत्वों की कमी भी छालों की बड़ी वजह बन सकती है। अगर आपको बार-बार मुंह में छाले होने की शिकायत रहती है, तो खुद से इलाज करने के बजाय किसी डेंटिस्ट या डॉक्टर से परामर्श लेना सही फैसला होगा।

