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Friday, March 5, 2021

कृषि मंत्री का दावा, आएगा किसानों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन  

-कांग्रेस के दांत खाने के और तथा दिखाने के और हैं, रहें सावधान

नई दिल्ली \ टीम डिजिटल | भारतीय जनता पार्टी संसद में पारित कृषि सुधार विधेयकों को लेकर अब जनता के बीच जाएगी और इसकी खूबियां किसानों को समझाएगी। साथ ही विधेयकों का विरोध कर रही कांग्रेस पार्टी एवं विपक्षी दलों की सच्चाई भी बताएगी। विधेयकों को लेकर संसद के बाद आज संसद के बाहर भाजपा मुख्यालय में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मोर्चा संभाला और इसकी खूबियां गिनाई। साथ ही कांग्रेस के विरोध पर जमकर भड़ास भी निकाली। भड़के भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दोमुही राजनीति कर रही है। विरोध करने से पहले कांग्रेस पार्टी को अपने घोषणा पत्र से मुकरने की घोषणा करनी चाहिए।   कांग्रेस के विरोध की तुलना हाथी के दांत से की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दावा किया कि संसद में पारित कृषि सुधार विधेयकों में कोई भी प्रावधान ऐसा नहीं है जिससे किसानों का नुकसान होने वाला है। उन्होंने कहा कि जो कृषि सुधार के विधेयक हैं, ये किसानों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाले हैं। इनके माध्यम से किसानों को स्वतंत्रता मिलने वाली है। ये किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने में मददगार होंगे।

कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के भारी विरोध के बावजूद कृषि से संबंधित तीनों विधेयक आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, २०२०, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक २०२० तथा कृषक (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन एवं कृषि सेवा पर करार विधेयक, २०२० को संसद से पारित कर दिया गया था। इन विधेयकों के पारित होने को असंवैधानिक बताते हुए विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की थी और उनसे आग्रह किया था कि वह इन पर अपने हस्ताक्षर नहीं करें। इन विधेयकों के विरोध पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए तोमर ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस के दांत खाने के और तथा दिखाने के और हैं। वह दोमुंही राजनीति कर रही है। वह देश में झूठ बोलने की राजनीति करती है।

कांग्रेस पहले अपने घोषणापत्र से मुकरने की घोषणा करे : नरेंद्र तोमर

कांग्रेस किसानों को गुमराह करने का प्रयत्न कर रही है, इसमें उसे सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा, कि कांग्रेस अगर इन विधेयकों का विरोध कर रही है तो उसे पहले अपने घोषणा पत्र से मुकरने की घोषणा करनी चाहिए, क्योंकि २०१९ के लोकसभा चुनाव के लिये अपने घोषणा पत्र में उसने कहा था कि एपीएमसी (कृषि उत्पाद विपणन समितियां) कानून को बदलेंगे, किसान के व्यापार पर कोई कर नहीं होगा और अंतरराज्यीय व्यापार को बढ़ावा देंगे। यही चीज संसद से पारित विधेयकों में है। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि मुख्यमंत्रियों की उच्चाधिकार समिति की बैठक में कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि आवश्यक वस्तु अधिनियम अपने उद्देश्य को प्राप्त कर चुका है, उसे अब तत्काल समाप्त कर देना चाहिए।

कृषि मंत्री ने किसानों को दिलाया भरोसा

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने देशभर के किसानों को भरोसा दिलाया कि मोदी सरकार खेती और किसानों के प्रति प्रतिबद्ध है और पहले ही दिन से उसने किसानों के लिए काम करना प्रारंभ कर दिया था। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा के दौरान विपक्ष के किसी भी सदस्य ने विधेयकों के किसी प्रावधान का विरोध नहीं किया बल्कि उनका भाषण उन सब बातों पर केंद्रित रहा जो विधेयक में नहीं थे और विधेयक से संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि इससे ये सिद्ध होता है कि विधेयक में जो प्रावधान हैं वो किसान हितैषी हैं। इन विधेयकों के माध्यम से किसान नई प्रौद्योगिकी से भी जुड़ेगा। इसके कारण किसान अपनी उपज का सही मूल्य बुआई से पूर्व भी प्राप्त कर सकेगा और उसके जीवन में बड़ा बदलाव भी आएगा। उन्होंने कहा कि किसान भाई इन बहकावे वाली राजनीतिक पार्टियों से सावधान रहें। इन कृषि सुधार विधेयकों के तहत अब किसान मंडी के बाहर भी अपनी उपज बेच सकेगा और वह भी अपनी मर्जी के भाव पर। पहले कृषि उपज मंडियों में बेचने पर किसान को टैक्स भी देना पड़ता था लेकिन बाहर फसल बेचने पर उन्हें कोई टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा।

कांग्रेस का नेतृत्व बौना हो गया, अच्छे लोगों की पूछ खत्म

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व बौना हो गया है। कांग्रेस में जो अच्छे लोग हैं उनकी पूछ खत्म हो गई है। कांग्रेस में जिन लोगों के हाथ में नेतृत्व है उनकी कोई हैसियत देश में बची नहीं है। उनकी अपनी पार्टी में ही कोई नहीं सुनता है। कांग्रेस के कुछ नेता देश को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। चुनाव के समय कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा था कि वह एपीएमसी एक्ट को बदल देगी, किसान के ट्रेड पर कोई टैक्स नहीं होगा और अंतरराज्यीय व्यापार को बढ़ावा देंगे। यही बातें संसद से पारित विधेयकों में है। कांग्रेस का कोई भी नेता चाहे वो केंद्र का हो या राज्य का, उसे पहले ये बोलना चाहिए कि हमने जो चुनावी वादे किए थे उसे अब हम पलट रहे हैं।

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