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Monday, July 26, 2021
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CBSE बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं कोरोना के चलते कैंसिल, 16 लाख विद्यार्थियों को बड़ी राहत

—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया फैसला

नई दिल्ली /नेशनल ब्यूरो: सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर कई दिनों से चल रहे कयास पर आज मंगलवार की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विराम लगा दिया। इस साल कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी। पीएम मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार शाम हुई अहम बैठक में यह फैसला लिया गया। कोरोना महामारी के अनिश्चितता भरे माहौल और विभिन्न हितधारकों की राय लेने के बाद फैसला किया गया कि इस साल कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी। सीबीएसई अब 12वीं के छात्रों के रिजल्ट तैयार करने के लिए कदम उठाएगा। यह एक पारदर्शी, वैकल्पिक प्रक्रिया के जरिए एक समय-सीमा के भीतर होगा। सरकार ने बताया कि पिछले साल की तरह, यदि कुछ छात्र परीक्षा देने की इच्छा रखते हैं, तो स्थिति अनुकूल होने पर सीबीएसई द्वारा उन्हें ऐसा विकल्प प्रदान किया जाएगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,सरकार ने सीबीएसई कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है। व्यापक विचार विमर्श के बाद हमने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया है। इससे न सिर्फ छात्रों को सुरक्षा मिलेगी बल्कि उनका भविष्य भी उज्ज्वल रहेगा।

उन्होंने कहा कि कोरोना ने अकेडमिक कैलेंडर को प्रभावित किया है और बोर्ड परीक्षाओं का मामला छात्रों, शिक्षकों और पैरेंट्स भारी चिंता पैदा कर रहा था जिसे खत्म किया जाना जरूरी था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी की स्थिति पूरे देश में एक बहुआयामी और व्यापक स्थिति है। हालांकि कोरोना के मामलों के नंबर लगातार कम हो रहे हैं। कुछ राज्य इसे प्रभावी ढंग से माइक्रो-कैंटेनमेंट हैंडल कर रहे हैं तो कुछ राज्य अभी भी लॉकडाउन का विकल्प ले रहे हैं। छात्र, शिक्षक और अभिभावक प्राकृतिक रूप से अपनी सेहत को लेकर चिंतित थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों पर ऐसी स्थिति में परीक्षाएं देने दबाव डालना नहीं होना चाहिए।

CBSE के 12 लाख और ICSCE के 4 लाख छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी

सरकार के इस फैसले से सीबीएसई कक्षा 12 की परीक्षा देने जा रहे करीब 12 लाख और आईसीएससीई के 4 लाख छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। यानी इस साल 12वीं के करीब 16 लाख छात्र बिना परीक्षा दिए पास हो सकेंगे। 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द किए जाने पर खुशी जताते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे खुशी है कि 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। हम अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर काफी चिंतित थे। यह बहुत बड़ी राहत है। वहीं, दिल्ली के डिप्टी सीएम और राष्ट्रीय राजधानी के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, हम फैसले का स्वागत करते हैं। यह फैसला छात्रों और टीचरों के हित में है। हमने भी यही मांग की थी। पहले की परफॉर्मेंस पर स्टूडेंट्स को मार्क्स मिलने चाहिए।

विद्यार्थियों को परीक्षाओं में बैठने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए :PM

प्रधानमंत्री ने कहा कि सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं पर फैसला विद्यार्थियों के हित में लिया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने अकादमिक कैलेंडर को काफी प्रभावित किया है और बोर्ड परीक्षाओं का मुद्दा विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के बीच अत्यधिक चिंता उत्‍पन्‍न करता रहा है, जिसे अवश्‍य ही समाप्त किया जाना चाहिए। धानमंत्री ने कहा कि देश भर में कोविड से जुड़ी स्थिति निरंतर बदल रही है। वैसे तो कोविड के मामले घट रहे हैं और कुछ राज्य प्रभावकारी सूक्ष्म-कंटेनमेंट के माध्यम से महामारी से निपट रहे हैं, जबकि कुछ राज्यों ने अब भी लॉकडाउन का विकल्प चुना है। इस तरह की स्थिति में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक स्वाभाविक रूप से चिंतित हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की तनावपूर्ण स्थिति में विद्यार्थियों को परीक्षाओं में बैठने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।

रिजल्ट पूर्णत: स्‍पष्‍ट मानदंडों के अनुसार निष्पक्ष तरीके से तैयार किए जाएं :PM 

प्रधानमंत्री ने विशेष जोर देते हुए कहा कि हमारे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का अत्यधिक महत्व है और इस पहलू पर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में इस तरह की परीक्षाएं हमारे युवाओं को जोखिम में डालने का कारण नहीं बन सकती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी हितधारकों को विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि परिणाम पूर्णत: स्‍पष्‍ट मानदंडों के अनुसार निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से तैयार किए जाएं।  प्रधानमंत्री ने व्यापक परामर्श प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए इस बात की सराहना की कि भारत के कोने-कोने से सभी हितधारकों से परामर्श करने के बाद ही विद्यार्थी हितैषी निर्णय लिया गया है। उन्होंने इस मुद्दे पर राय एवं सुझाव देने के लिए राज्यों का भी धन्यवाद किया। यह भी निर्णय लिया गया कि पिछले साल की तरह ही यदि कुछ विद्यार्थी परीक्षा में बैठने की इच्छा रखते हैं, तो स्थिति अनुकूल होने पर सीबीएसई द्वारा उन्हें ऐसा विकल्प प्रदान किया जाएगा।

यूपी बोर्ड की इंटर परीक्षा भी हो सकती है रद, सरकार ने दिए संकेत

लखनऊ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं परीक्षा भी रद हो गई है। अब उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की इंटरमीडिएट परीक्षा भी रद होने के पूरे आसार हैं। वजह, सीबीएसई परीक्षा का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही इस संबंध में बैठक करके निर्णय लेंगे। वैसे यूपी बोर्ड ने मई माह में ही इंटर के परीक्षार्थियों को प्रमोट करने की तैयारियां कर रखी हैं। यूपी बोर्ट के सचिव ने 22 मई को ही सभी कॉलेजों से कक्षा 12 की प्रीबोर्ड और 11 की छमाही व वार्षिक परीक्षा के अंक मांगे थे, 28 मई तक अधिकांश स्कूल छात्र-छात्राओं के अंक का ब्योरा भेज चुके हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहा कि प्रधानमंत्री ने कोविड संक्रमण के दृष्टिगत सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा रद करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने सभी छात्रों व अभिभावकों की ओर से प्रधानमंत्री को आभार व्यक्त किया। सीएम योगी ने कहा कि यह निर्णय देश भर के छात्रों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने प्रधानमंंत्री नरेद्र मोदी के निर्णय का आभार जताते हुए कहा कि उनके लिए हमेशा से ही बच्चों का भविष्य व स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता रहे हैं। कोरोना काल की परिस्थितियों को देखते हुए बच्चों के हित में लिए गए इस निर्णय से न केवल बच्चों को बल्कि उनके अभिभावकों को भी राहत मिलेगी।

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