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Wednesday, August 17, 2022

नारी सशक्तीकरण के लिए जरूरी है कि बेटियों को शिक्षा का अवसर मिले

— बेटियों को शिक्षा के लिए सैनिक स्कूल में प्रवेश देने वाला पहला राज्य बना यूपी
—राष्ट्रपति ने कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय सैनिक स्कूल में बालिका छात्रावास का शिलान्यास किया
—सैनिक स्कूल के हीरक जयन्ती वर्ष के अवसर पर पहुंचे राष्ट्रपति, डाक टिकट का किया विमोचन

लखनऊ /टीम डिजिटल : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि चरित्र निर्माण ही सैनिक स्कूलों की विशेषता होती है। चरित्र बल ही देश के गौरव के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर देने की भावना का आधार होता है। कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय उप्र सैनिक स्कूल में शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ, खेल-कूद, व्यायाम, सांस्कृतिक क्रिया-कलापों तथा नैतिक व राष्ट्रीय मूल्यों के निर्माण पर ज़ोर दिया जाता है। यहां के विद्यार्थियों को कैडेट्स कहा जाता है और कैडेट्स की तरह अनुशासित रहने की शिक्षा दी जाती है। यह अनुशासन जीवन के सभी क्षेत्रों में सहायक सिद्ध होता है। उप्र सैनिक स्कूल के अनेक पूर्व छात्रों ने सेनाओं के साथ-साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, न्यायपालिका, सिविल और पुलिस सेवाओं सहित अनेक क्षेत्रों में प्रभावशाली योगदान दिया है। वे सभी इस स्कूल का गौरव होने के साथ-साथ सभी कैडेट्स के लिए आदर्श उदाहरण भी हैं।


राष्ट्रपति आज यहां कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय उप्र सैनिक स्कूल के हीरक जयन्ती वर्ष के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने उ0प्र0 सैनिक स्कूल के संस्थापक प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ0 सम्पूर्णानन्द जी की प्रतिमा का अनावरण, स्कूल परिसर में निर्मित डॉ0 सम्पूर्णानन्द प्रेक्षागृह का लोकार्पण, कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल लखनऊ की क्षमता दोगुनी किए जाने की परियोजना एवं बालिका छात्रावास का शिलान्यास किया। राष्ट्रपति जी द्वारा कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय सैनिक स्कूल के हीरक जयन्ती वर्ष के अवसर पर डाक टिकट का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर सैनिक स्कूल पर केन्द्रित एक फिल्म भी प्रदर्शित की गयी। राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्थापित यह सैनिक स्कूल देश में स्थापित प्रथम सैनिक स्कूल है। यहां के विद्यार्थियों और अध्यापकों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए अन्य सैनिक स्कूलों के लिए श्रेष्ठ प्रतिमान स्थापित किया है। यह देश का पहला सैनिक स्कूल है, जहां पर बेटियों को भी शिक्षा दी जा रही है। नारी सशक्तीकरण के लिए जरूरी है कि बेटियों को शिक्षा का अवसर मिले। उन्होंने प्रदेश सरकार की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों को शिक्षा के लिए सैनिक स्कूल में प्रवेश देने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है। इस वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री जी ने सभी सैनिक स्कूलों में बेटियों को शिक्षा का अवसर प्रदान किये जाने की घोषणा की है, जबकि उ0प्र0 सैनिक स्कूल में 03 वर्ष पहले ही बेटियों को प्रवेश का अवसर मिल गया था।

उत्तर प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में काफी आगे

राष्ट्रपति ने कहा कि डॉ0 सम्पूर्णानन्द जी पहले मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने सैनिक स्कूल की स्थापना के बारे में सोचा। उनके मस्तिष्क में यह कल्पना रही होगी कि देश का शासन और संचालन अच्छी दिशा में हो, इस हेतु अनुशासित नागरिक का होना आवश्यक है। इस हेतु उन्होंने उत्तर प्रदेश में सैनिक स्कूल की स्थापना की। राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में काफी आगे है। इसके लिए मुख्यमंत्री जी एवं प्रदेश के शिक्षा विभाग से जुड़ी टीम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर अत्यन्त प्रसन्नता हुई कि मुख्यमंत्री जी ने गोरखपुर में भी सैनिक स्कूल का शिलान्यास किया है। साथ ही, प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार से राज्य में 16 नये सैनिक स्कूल स्थापित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के केन्द्रीय बजट में केन्द्र सरकार द्वारा देश में 100 सैनिक स्कूल की स्थापना प्रस्तावित है।

सैनिक विद्यालय में बालिकाओं के प्रवेश की व्यवस्था सराहनीय कदम : राज्यपाल

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उ0प्र0 सैनिक स्कूल देश का पहला सैनिक स्कूल है। इसका नाम कारगिल शहीद कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय के नाम पर रखा गया है। यह विद्यालय श्रेष्ठ एवं उत्तम शिक्षा के लिए ख्यात है। उन्हांेने कहा कि मुख्यमंत्री ने युवाओं की शिक्षा तथा देश की रक्षा को ध्यान में रखते हुए उ0प्र0 सैनिक स्कूल की क्षमता दोगुनी करने का निर्णय लिया है। विद्यालय में बालिकाओं के एडमिशन की व्यवस्था सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किये हैं। राज्य में शिक्षा का यह स्वर्णिम दौर है। नई शिक्षा नीति को क्रियान्वित करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है।

प्रदेश के लिए गौरव की बात है : योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय उ0प्र0 सैनिक स्कूल कई मायनों में नये प्रतिमान गढ़ रहा है। उ0प्र0 सैनिक स्कूल के संस्थापक प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ0 सम्पूर्णानन्द ने देश में सैनिक स्कूल की परिकल्पना की थी। यह वर्ष 1960 का कालखण्ड था। वर्ष 1962 में देश पर हमला हुआ। इससे सैनिक स्कूल की स्थापना के पीछे डॉ0 सम्पूर्णानन्द जी की दूरदर्शी सोच प्रकट होती है। इसके लिए उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारा धर्म है।

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