HomeSocial Welfareबलिया का सत्तू अब अमेरिका-दुबई पहुंचा, ODOP से 700 महिलाओं को रोजगार

बलिया का सत्तू अब अमेरिका-दुबई पहुंचा, ODOP से 700 महिलाओं को रोजगार

उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत बलिया का पारंपरिक चने का सत्तू अब देश की सीमाएं पार कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बना रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल से बलिया का सत्तू और उससे बने लड्डू अमेजन, फ्लिपकार्ट और जियो मार्ट जैसे प्लेटफॉर्म पर अच्छी डिमांड पा रहे हैं।

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत बलिया का पारंपरिक चने का सत्तू अब देश की सीमाएं पार कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बना रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल से बलिया का सत्तू और उससे बने लड्डू अमेजन, फ्लिपकार्ट और जियो मार्ट जैसे प्लेटफॉर्म पर अच्छी डिमांड पा रहे हैं।

दक्षिण भारत के राज्यों से लेकर अमेरिका, दुबई समेत खाड़ी देशों तक यह उत्पाद पहुंच चुका है। इस कारोबार से स्थानीय स्तर पर सात सौ से ज्यादा महिलाओं को रोजगार मिला है और द्वाबा क्षेत्र के किसानों को उनकी चने की फसल के बेहतर दाम मिल रहे हैं।

ODOP योजना ने बदला बलिया के सत्तू का स्तर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओडीओपी योजना उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान दिला रही है। बलिया जिले में चने के सत्तू को इस योजना के तहत चुना गया था। पहले यह मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर ही जाना जाता था, लेकिन अब यह पूरे देश और विदेशों में चर्चा में है। सत्तू एक पौष्टिक और सस्ता खाद्य पदार्थ है जो गर्मियों में ठंडक पहुंचाता है और प्रोटीन से भरपूर होता है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले लोग अब इसे खूब पसंद कर रहे हैं।

जब से बलिया का सत्तू ओडीओपी में शामिल हुआ है, तब से इसका कारोबार कई गुना बढ़ गया है। पहले यह सिर्फ गांवों और छोटे बाजारों तक सीमित था, लेकिन अब शहरी लोग भी इसे नियमित रूप से खरीद रहे हैं। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में इसकी मांग बढ़ी है।

अमेजन-फ्लिपकार्ट पर बढ़ती डिमांड, विदेशों तक पहुंच

बलिया के सत्तू और सत्तू के लड्डू अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से उपलब्ध हैं। अमेजन, फ्लिपकार्ट और जियो मार्ट पर ग्राहक इसे अच्छी संख्या में खरीद रहे हैं। निधि उद्योग की संस्थापक नीति अग्रवाल ने बताया कि सत्तू के लड्डू को अमेरिका और खाड़ी देशों में निर्यात करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। आने वाले समय में यह बलिया का पारंपरिक स्वाद वैश्विक बाजार में और मजबूती से जगह बनाएगा।

सत्तू से बने लड्डू की पैकिंग आकर्षक तरीके से की जा रही है ताकि यह लंबे समय तक ताजा रह सके और एक्सपोर्ट के लिए उपयुक्त हो। चीन, नेपाल और दुबई जैसे देशों में पहले से ही सत्तू की पहुंच हो चुकी है।

सात सौ महिलाओं को मिला रोजगार, किसानों को फायदा

इस बढ़ते कारोबार का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय महिलाओं को हुआ है। व्यवस्थापक सौरभ अग्रवाल के अनुसार करीब सात सौ से ज्यादा महिलाएं सत्तू के उत्पादन, पैकेजिंग और अन्य कामों से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। ये महिलाएं घर बैठे काम कर रही हैं जिससे परिवार की आय बढ़ रही है।

दूसरी ओर द्वाबा क्षेत्र के किसान भी खुश हैं। उनकी चने की फसल को सीधे खरीदा जा रहा है जिससे उन्हें अच्छे दाम मिल रहे हैं। वर्तमान में बलिया में करीब साढ़े छह हजार हेक्टेयर क्षेत्र में चने की खेती हो रही है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है।

जीआई टैग की तैयारी, नकली उत्पादों पर लगेगी रोक

अधिकारियों का कहना है कि बलिया के सत्तू को जीआई टैग (Geographical Indication) मिलने की प्रक्रिया चल रही है। इसके मिलने के बाद इस उत्पाद को एक अलग और असली पहचान मिल जाएगी। नकली सत्तू पर रोक लगेगी और ब्रांडिंग मजबूत होगी। इससे एक्सपोर्ट के और ज्यादा मौके खुलेंगे और किसानों को बेहतर कीमत मिल सकेगी।

भृगु मंदिर से शुरू हुई ब्रांडिंग की यात्रा

मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ने बताया कि भृगु मंदिर के आसपास सत्तू के स्टॉल लगते हैं जहां लोग इसे बाबा का प्रसाद मानकर लेते हैं। इसी को ध्यान में रखकर ब्रांडिंग की शुरुआत की गई। आकर्षक बॉक्स में पैक करके होली, दिवाली जैसे त्योहारों पर मंत्रियों, विधायकों और पुलिस कर्मियों को गिफ्ट किया गया। इससे सत्तू की पहचान बड़े स्तर पर बनी। बाद में इंडस्ट्रियल एरिया में प्रोसेसिंग यूनिट शुरू की गई और किसानों को एफपीओ (Farmer Producer Organization) के जरिए जोड़ा गया।

जिलाधिकारी बोले- योगी के प्रयास से स्थानीय उत्पाद चमक रहे हैं

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ओडीओपी योजना का अच्छा असर दिख रहा है। इससे न सिर्फ उत्पादों को पहचान मिल रही है बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। बलिया की सांस्कृतिक पहचान अब पूरे देश में फैल रही है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी प्रदेश के सभी मंत्रियों और विधायकों को बलिया का सत्तू भेजा ताकि इस पारंपरिक उत्पाद को ज्यादा से ज्यादा प्रमोशन मिल सके।

बलिया का सत्तू अब सिर्फ एक स्थानीय खाद्य पदार्थ नहीं रह गया है। यह रोजगार, किसानों की आय और वैश्विक ब्रांडिंग का उदाहरण बनता जा रहा है। ओडीओपी योजना की सफलता से दूसरे जिलों के उत्पादों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। आने वाले समय में बलिया के सत्तू के लड्डू अंतरराष्ट्रीय बाजार में और ज्यादा स्वाद बिखेरेंगे।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Ujjain epaper

Latest News