रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। प्रदर्शन के 14वें दिन शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा आंदोलनरत छात्रों का समर्थन करने रांची पहुंचीं। इस दौरान जब वे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों से मिलने जा रही थीं, तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने उन पर स्याही फेंक दी।
घटना के तुरंत बाद मौके पर भारी हंगामा शुरू हो गया और नारेबाजी होने लगी, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए स्याही फेंकने वाले आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है।
“हम डरने वाले नहीं”: नेहा बोरा का तीखा हमला
स्याही फेंके जाने के बावजूद नेहा बोरा ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े और पेलेट गन का इस्तेमाल किया, तब भी वे पीछे नहीं हटे थे। ऐसे में यह मामूली स्याही उन्हें डिगा नहीं सकती।
नेहा बोरा ने माँग रखी कि भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने की सीधी जवाबदेही केवल निजी एजेंसियों तक सीमित न रखकर दोषी सरकारी अधिकारियों पर भी तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी सभी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जाए। उन्होंने घोषणा की कि वे 10 तारीख को छात्रों द्वारा दी गई अपील का पूरा समर्थन करेंगी।
#WATCH रांची, झारखंड: AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा, “… झारखंड और पूरे देश में होने वाली हर परीक्षा सरकारी संस्थाओं द्वारा पारदर्शी और स्पष्टीकरणीय तरीके से होनी चाहिए। जब भी कोई पेपर लीक होता है, तो उसकी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ प्राइवेट एजेंसियों पर नहीं डाली जा सकती। संबंधित… pic.twitter.com/8CEp7Hbs2i
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 7, 2026
14वें दिन भी भूख हड़ताल जारी, एक अभ्यर्थी अस्पताल में भर्ती
छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन पिछले दो हफ्तों से लगातार जारी है। अभ्यर्थी परीक्षाओं में पारदर्शिता और स्वतंत्र जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने पर अड़े हुए हैं। शुक्रवार को विधानसभा घेराव और मार्च के दौरान सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी, जिससे विधानसभा का प्रश्नकाल भी बाधित रहा।
लंबे समय से अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है। शुक्रवार को एक अनशनकारी छात्र की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।
#WATCH रांची, झारखंड: छात्रों के प्रदर्शन स्थल पर AISA प्रेसिडेंट नेहा बोरा पर कथित तौर पर स्याही फेंकने वाले आदमी को पुलिस कस्टडी में ले लिया गया है। pic.twitter.com/dwngf8mAcJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 7, 2026
वार्ता के लिए गठित 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल
अभ्यर्थी न्याय मंच ने मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के लिए सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के नाम घोषित किए हैं. मंच के मुताबिक रामावतार महतो, दीनबंधु मंडल, चंदन कुमार, रवि शंकर, प्रेम कुमार, अमित कुमार और विमल कुमार छात्रों और अभ्यर्थियों की मांगें सरकार के सामने रखेंगे।
सरकार और अभ्यर्थियों के बीच बातचीत के आसार
झारखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह गतिरोध समाप्त करने के लिए केवल वास्तविक छात्रों और उनके प्रतिनिधियों से ही संवाद करेगी। सरकार ने प्रतिनिधिमंडल में पत्रकारों, वकीलों या बाहरी विशेषज्ञों की मौजूदगी पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद ‘अभ्यर्थी न्याय मंच’ ने केवल 7 छात्र प्रतिनिधियों की नई सूची तैयार की है, जो जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी माँगें रखेंगे।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

