सोनीपत। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में सरकारी नौकरियों की तैयारी में जुटे युवाओं को बड़ा भरोसा देते हुए कहा है कि भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी, सुगम और अभ्यर्थियों के अनुकूल बनाने के लिए सरकार निरंतर कदम उठा रही है। इसी दिशा में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) का वार्षिक भर्ती कैलेंडर तैयार किया जा रहा है, जिसे बहुत जल्द सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
इस कैलेंडर के आने से अभ्यर्थियों को साल भर आयोजित होने वाली परीक्षाओं, आवेदन की तिथियों, परीक्षा के शेड्यूल, परिणाम और नियुक्ति की संभावित समय-सीमा की पहले से स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी, जिससे वे अपनी योजना बनाकर तैयारी कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री वीरवार को सोनीपत में आयोजित “छात्र संवाद मुख्यमंत्री के साथ” विशेष कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के सवालों के सीधे जवाब दिए, उनकी शंकाओं का समाधान किया और उनके सुझावों पर तुरंत सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
छात्रों के प्रश्नों पर मुख्यमंत्री के मुख्य आश्वासन
संवाद कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग जिलों से आए अभ्यर्थियों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं और सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे, जिस पर सरकार का रुख इस प्रकार रहा:
1. HSSC भर्ती कैलेंडर (छात्र अंजलि का सुझाव)
जब छात्रा अंजलि ने परीक्षाओं के निश्चित शेड्यूल के लिए कैलेंडर की मांग की, तो मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) अपना सालाना कैलेंडर पहले ही जारी कर चुका है। अब HSSC के कैलेंडर को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ पदों का सृजन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की समय-सीमा पर निर्भर करता है, इसलिए सभी तकनीकी पहलुओं का आकलन करके एक व्यावहारिक कैलेंडर तैयार किया जा रहा है।
2. CET और परीक्षा पाठ्यक्रम (छात्र नीरज का प्रश्न)
कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) की प्रासंगिकता पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि CET का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थियों को बार-बार शुरुआती परीक्षाओं के झंझट से बचाना और चयन प्रक्रिया को सरल बनाना है। उन्होंने बताया कि परीक्षाओं के दौरान बसों की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और केंद्रों के इंतज़ाम को सुधारा गया है। सीईटी के दायरे और पाठ्यक्रम को और अधिक स्पष्ट व सुव्यवस्थित करने पर भी काम जारी है।
3. कोचिंग छात्रों के लिए बस पास सुविधा (छात्र तनुज का सुझाव)
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रोज़ाना शहरों की तरफ आने-जाने वाले आर्थिक रूप से कमज़ोर विद्यार्थियों के लिए बस पास की मांग पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले ज़रूरतमंद छात्रों की आर्थिक स्थिति को समझती है और इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
4. कोचिंग फीस से GST हटाने की मांग (छात्र सोनू का सवाल)
कोचिंग संस्थानों की फीस पर लगने वाले जीएसटी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ पहले से ही जीएसटी मुक्त हैं। कोचिंग संस्थानों पर टैक्स का फैसला जीएसटी काउंसिल के अधीन आता है। चूंकि वे स्वयं जीएसटी काउंसिल के सदस्य हैं, इसलिए विद्यार्थियों के इस विषय को अगली बैठक में काउंसिल के समक्ष ज़रूर रखेंगे।
- HSSC भर्ती कैलेंडर: कैलेंडर अंतिम चरण में, जल्द होगा जारी
- ऑनलाइन परीक्षा में धांधली: पेपर लीक के खिलाफ बना सख्त कानून व जुर्माना
- कोचिंग पर GST: GST काउंसिल की बैठक में उठाया जाएगा मुद्दा
- बस पास व छात्रवृत्ति: जरूरतमंद छात्रों के लिए योजना पर विचार जारी
- प्रतीक्षारत सूची (Waiting List): समयबद्ध वेटिंग लिस्ट व्यवस्था होगी मजबूत
5. ऑनलाइन परीक्षा में गड़बड़ी व पेपर लीक (छात्रा मुस्कान का प्रश्न)
डिजिटल परीक्षाओं में सर्वर डाउन होने, तकनीकी खामियों और पेपर लीक के खतरों पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत और भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर पेपर लीक रोधी कड़े कानून लागू किए जा चुके हैं, जिनमें भारी जुर्माने और कठोर कारावास का प्रावधान है।
6. मेधावी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप (छात्रा वर्षा का सुझाव)
आर्थिक रूप से पिछड़े और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग स्कॉलरशिप देने के विचार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहले से कई छात्र-कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, और इस नए सुझाव पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा।
7. समयबद्ध वेटिंग लिस्ट (छात्र नितिन का सुझाव)
सरकारी भर्तियों में खाली रह जाने वाले पदों को भरने के लिए वेटिंग लिस्ट जारी करने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि यदि चयनित उम्मीदवार तय समय में ज्वाइन नहीं करते, तो प्रतीक्षा सूची में शामिल योग्य अभ्यर्थियों को तुरंत मौका देने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
‘बिना पर्ची, बिना खर्ची’ व्यवस्था पर जोर
संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से पूरी निष्ठा, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार पारदर्शी, निष्पक्ष और ‘बिना पर्ची, बिना खर्ची’ की नीति पर अडिग है। सरकार का एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी योग्य युवा का हक़ न मरे और प्रतिभा के दम पर ही नौकरियां मिलें।
इस संवाद कार्यक्रम के दौरान बीजेपी की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, सोनीपत के विधायक निखिल मदान, हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज के चेयरमैन मोहन लाल कौशिक, सोनीपत के मेयर राजीव जैन, बीजेपी नेता देवेंद्र कौशिक, गोहाना जिला अध्यक्ष विजेंद्र मलिक, सोनीपत के जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज और आईसीएस सेंटर के संस्थापक परिमल कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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