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संसद में गूंजे हरियाणा के मुद्दे! सांसद संजय भाटिया ने महिलाओं, किसानों और MSME पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट

राज्य सभा सांसद संजय भाटिया ने मानसून सत्र में महिलाओं, किसानों, जनधन योजना और MSME पर सरकार से मांगी रिपोर्ट। जानिए हरियाणा के लिए क्या रहे मुख्य आंकड़े।

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्य सभा में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चर्चा देखने को मिली। हरियाणा से सांसद संजय भाटिया ने देश के उच्च सदन में आम जनता की समस्याओं, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और विशेष रूप से हरियाणा राज्य पर उनके प्रभाव को लेकर केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से कई लिखित और मौखिक प्रश्न पूछे।

उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, युवाओं के कौशल विकास, कृषकों की आय, खाद्य सुरक्षा, सहकारिता आंदोलन, वित्तीय समावेशन (बैंकिंग सेवाओं की पहुंच), छोटे व मध्यम उद्योगों (MSME) की वित्तीय स्थिति और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे दूरगामी विषयों पर मंत्रालयों से विस्तृत आंकड़े प्राप्त किए।

सांसद भाटिया की इस पहल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर की बड़ी नीतियों के क्रियान्वयन की स्थिति जानना और यह सुनिश्चित करना था कि हरियाणा के निवासियों को इन केंद्रीय योजनाओं का सीधा लाभ सुगमता से मिल पा रहा है या नहीं।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के उत्साहजनक परिणाम

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सांसद संजय भाटिया के सवाल का जवाब देते हुए आंकड़े प्रस्तुत किए, जिनसे स्पष्ट होता है कि देश में बालिकाओं की स्थिति में सुधार आ रहा है:

लिंगानुपात और बालिका शिक्षा में प्रगति

  • जन्म के समय लिंगानुपात: वर्ष 2014-15 के 918 से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 929 (अनंतिम) दर्ज किया गया।
  • माध्यमिक शिक्षा में नामांकन: बालिकाओं का सकल नामांकन अनुपात (GER) 75.51 प्रतिशत से उछलकर 83.4 प्रतिशत तक पहुँच चुका है।

सरकार ने सदन को अवगत कराया कि विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के आपसी समन्वय से बालिकाओं की बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, सही पोषण, करियर मार्गदर्शन, आत्मरक्षा के प्रशिक्षण और लैंगिक समानता लाने के लिए कई स्तरों पर व्यापक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

शिक्षा और उद्योगों का तालमेल: युवाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता

शिक्षा मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के तहत शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों के बीच की दूरी को समाप्त करने पर प्राथमिकता से काम हो रहा है।

  • विश्वविद्यालय टाउनशिप: केंद्रीय बजट 2026-27 में देश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स गलियारों के समीप 5 नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने का प्रावधान किया गया है।
  • कौशल संवर्धन: छात्रों की रोजगार योग्यता बढ़ाने के लिए डिग्री पाठ्यक्रमों में अनिवार्य इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप योजनाएं, उद्योग-अकादमिक साझेदारी और हुनर पर आधारित वोकेशनल कोर्स जोड़े जा रहे हैं।

सांसद संजय भाटिया ने इन जानकारियों को पटल पर रखकर यह रेखांकित किया कि हरियाणा जैसे तीव्र गति से बढ़ते औद्योगिक राज्य के युवाओं के लिए शिक्षा और उद्योगों के बीच का यह बेहतर तालमेल आने वाले दिनों में नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

किसानों के हितों का संरक्षण और देश में प्रचुर खाद्यान्न भंडार

खाद्य सुरक्षा और कृषक वर्ग से जुड़े मुद्दे पर उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 1 अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार केंद्रीय पूल में उपलब्ध अनाज का सुरक्षित भंडार (बफर स्टॉक) तय मानकों से काफी अधिक था।

इसके अलावा, रबी विपणन सीजन 2026-27 के दौरान गेहूं की सरकारी खरीद बढ़कर 357.57 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े तक पहुँच गई। इसका सीधा फायदा देश के 34.82 लाख से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के सीधे भुगतान के रूप में मिला। सरकार ने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त खाद्यान्न का सही इस्तेमाल करने, गोदामों का किराया-खर्च घटाने और बाजार में अनाज के दामों को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के जरिए खाद्यान्न की बिक्री जारी रखी जा रही है।

‘सहकार से समृद्धि’: गांवों में मजबूत हो रहा प्राथमिक सहकारी नेटवर्क

सहकारिता मंत्रालय ने सांसद भाटिया के प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि केंद्र के ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के अंतर्गत 15 जुलाई 2026 तक पूरे भारत में 38,138 नई सहकारी समितियों का पंजीकरण संपन्न हो चुका है। हरियाणा में भी प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), दुग्ध उत्पादक संघों और मत्स्य पालन समितियों के ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।

पैक्स (PACS) अब केवल कर्ज बांटने तक सीमित न रहकर किसानों को कृषि उपकरण, आधुनिक कोल्ड स्टोरेज, उन्नत बीज, उर्वरक और अन्य जरूरी सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध करा रहे हैं। इसके साथ ही, किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए तीन बड़ी राष्ट्रीय स्तर की संस्थाएं काम कर रही हैं:

  • राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL): किसानों के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाना।
  • राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL): जैविक खेती को बढ़ावा देना और प्रमाणित जैविक उत्पाद बेचना।
  • भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL): किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

इन राष्ट्रीय संस्थाओं से हजारों स्थानीय प्राथमिक सहकारी समितियों के जुड़ने से गांव स्तर पर ही मूल्य संवर्धन (Value Addition) और किसानों की आमदनी बढ़ाने का बड़ा अवसर निर्मित हो रहा है।

वित्तीय समावेशन का विस्तार: जनधन खातों की बड़ी उपलब्धि

वित्त मंत्रालय की ओर से दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 15 जुलाई 2026 तक देश में 58.77 करोड़ से अधिक प्रधानमंत्री जनधन खाते खोले जा चुके थे। सामाजिक समावेशन की दिशा में सबसे बड़ी बात यह है कि इनमें से 32.75 करोड़ खाते केवल महिलाओं के नाम पर दर्ज हैं।

हरियाणा राज्य के आंकड़ों की बात करें तो मई 2026 तक प्रदेश में 111.39 लाख जनधन खाते पूरी तरह सक्रिय भूमिका में काम कर रहे हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन खातों में न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) रखने की कोई बाध्यता नहीं है और खाताधारकों को मुफ्त दुर्घटना बीमा तथा ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी दी जाती है। इससे वह वर्ग औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ पाया है जो लंबे समय से वित्तीय सेवाओं से कटा हुआ था।

MSME क्षेत्र को सिडबी और ईसीएलजीएस का संबल

छोटे एवं मध्यम दर्जे के उद्योगों (MSME) पर पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त मंत्रालय ने बताया कि भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) ने अपनी सेवाओं का विस्तार करते हुए देश भर में 71 नई शाखाएं खोली हैं।

लघु उद्योगों को आर्थिक संकट से उबारने और कर्ज की सुलभता के लिए सरकार ने ECLGS 5.0 के तहत अतिरिक्त वित्तीय मदद देने और 100 प्रतिशत गारंटी सुरक्षा देने का प्रावधान किया है। हरियाणा जैसे एमएसएमई बाहुल्य राज्य के लिए यह कदम स्थानीय विनिर्माण, व्यापार और नए रोजगार पैदा करने के दृष्टिकोण से काफी राहत देने वाला है।

नवीकरणीय ऊर्जा: फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स में नई संभावनाएं

पर्यावरण और स्वच्छ ऊर्जा के संदर्भ में, नई एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि भारत में जल निकायों (जलाशयों और झीलों) के ऊपर तैरने वाले सौर पैनलों (Floating Solar Energy) की संभावित क्षमता 102.18 गीगावाट (GW) आंकी गई है।

हरियाणा सहित कई अन्य राज्यों में जलस्रोतों के व्यावसायिक उपयोग का तकनीकी अध्ययन किया गया है। यद्यपि वर्तमान में कोई पृथक ‘फ्लोटिंग सोलर पॉलिसी’ अधिसूचित नहीं हुई है, परंतु विभिन्न संबंधित अंतर-मंत्रालयी विभागों के बीच तालमेल बिठाकर इस तकनीक को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है।

हरियाणा के हितों की राष्ट्रीय स्तर पर पैरवी

राज्य सभा के इस सत्र के दौरान सांसद संजय भाटिया की सक्रियता ने यह दर्शाया कि वे राष्ट्रीय नीतियों के बड़े परिप्रेक्ष्य के साथ-साथ हरियाणा की जमीनी जरूरतों को लेकर पूरी तरह सजग हैं। महिला कल्याण, किसान विकास, युवा रोजगार, सहकारी समितियों, जनधन बैंकिंग और एमएसएमई जैसे व्यावहारिक विषयों को उठाकर उन्होंने सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा सदन के समक्ष प्रस्तुत कराया। उनकी यह संसदीय तत्परता यह सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है कि केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं की पूरी ताकत और लाभ हरियाणा के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

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