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Friday, July 30, 2021
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PM मोदी ने ‘यास ‘ से निपटने के लिए बनाया एक्शन प्लान, NDRF की 46 टीमें तैनात, 13 एयरलिफ्ट

-चक्रवात से निपटने को NDRF की 46 टीमें तैनात, 13 एयरलिफ्ट
-केंद्र एवं राज्यों की सभी एजेंसियों को सख्त आदेश, किया एलर्ट
– 26 मई को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में आएगा तूफान
-राहत, खोज, बचाव के लिए जहाजों और हेलीकॉप्टरों की तैनाती
– अपतटीय कार्यों में शामिल लोगों की समय पर निकासी के निर्देश दिए
-बिजली, टेलीफोन नेटवर्क में कटौती का समय कम करें अधिकारी
– तटीय समुदायों, उद्योगों जैसे हितधारकों से सीधा संपर्क कर उन्हें शामिल करें

नई दिल्ली/ नेशनल ब्यूरो : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज रविवार को चक्रवात ‘यास से निपटने के लिए संबंधित राज्यों तथा केंद्रीय मंत्रालयों एवं एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक हाईलेवल बैठक की। इस दौरान हालात का जायजा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों को राज्यों के साथ निकट सहयोग के साथ काम करने को कहा है, ताकि अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित ढंग से निकालने का काम सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिया है कि अपतटीय गतिविधियों में शामिल लोगों की समय से निकासी सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके अलावा सभी संबद्ध विभागों को बिजली तथा दूरसंचार नेटवर्क में कटौती का समय कम करने और बिजली तथा दूरसंचार नेटवर्क की तेजी से बहाली के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को राज्य सरकारों के साथ उचित तालमेल और नियोजन कार्य करने को भी कहा ताकि अस्पतालों में कोविड के मरीजों के इलाज और टीकाकरण कार्य में कोई व्यवधान नहीं हो।

बता दें कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अलर्ट किया कि चक्रवात ‘यास के 26 मई की शाम को 155-165 किलोमीटर की गति से चलने वाली हवा के तेज होकर 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगा। साथ ही पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा तटों को पार करने की संभावना है। इससे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के तटीय जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। आईएमडी ने यह चेतावनी भी दी है कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में लगभग 2-4 मीटर ऊंचा तूफान आ सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर श्रेष्ठ व्यवहारों से अच्छी सीख लेने के लिए नियोजन और तैयारी की प्रक्रिया में जिला प्रशासन को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित जिलों के नागरिकों को समझने लायक स्थानीय भाषा में क्या करे, क्या नहीं करें का परामर्श और निर्देश दें। प्रधानमंत्री ने तटीय समुदायों, उद्योगों आदि विभिन्न हितधारकों से सीधे संपर्क साधने और उन्हें संवेदी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

बचाव कार्यों के लिए जहाज तथा हेलीकॉप्टरों की तैनाती

इस बीच भारतीय तटरक्षक तथा नौसेना ने राहत, खोज और बचाव कार्यों के लिए जहाज तथा हेलीकॉप्टरों की तैनाती की है। वायु सेना तथा सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां तैनाती के लिए स्टैंडबाई में रखी गई हैं। मानवीय सहायता के साथ सात जहाज और आपदा राहत इकाइयां पश्चिमी तट पर स्टैंडबाई में हैं। बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, गृह राज्य मंत्री, कैबिनेट सचिव, गृह, दूरसंचार, मत्स्यपालन, नागर विमानन, विद्युत, बंदरगाह, नौवहन तथा जल मार्ग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव, रेल बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा, सदस्य तथा एनडीएमए के सचिव सदस्य, आईएमडी तथा एनडीआरएफ के महानिदेशक, प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

एनडीआरएफ की 46 टीमें तैयार, 13 टीमों को भेजा

प्रधानमंत्री को बताया गया कि कैबिनेट सचिव ने 22 मई को सभी तटीय राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव और संबंधित मंत्रालयों एवं एजेंसियों के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की बैठक की। गृह मंत्रालय 24 घंटे सातों दिन स्थिति की समीक्षा कर रहा है और तटीय राज्यों तथा संबंधित मंत्रालयों एवं एजेंसियों के संपर्क में है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने राज्यों में नौकाओं, पेड़ काटने वाले उपकरणों, दूरसंचार उपकरणों आदि के साथ 46 टीमों को पहले से तैयार कर रखा है। इसके अतिरिक्त तैनाती के लिए आज 13 टीमें विमान से रवाना की जा रही हैं और 10 टीमें स्टैंडबाई में (आपात स्थिति के लिए) रखी गई हैं।

सभी मंत्रालयों ने बनाया एक्शन प्लान, की तैनाती

पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा समुद्र में सभी तेल प्रतिष्ठानों को सुरक्षित रखने तथा जहाजों को सुरक्षित बंदरगाह पर लाने के कदम उठाए गए हैं। विद्युत मंत्रालय ने इमरजेंसी रिस्पान्स सिस्टम को सक्रिय कर दिया है तथा ट्रांसफार्रमरों, डीजी सेटों तथा उपकरण आदि को तैयार रखा है ताकि बिजली की फौरन बहाली की जा सके। दूरसंचार मंत्रालय टावरों तथा एक्सचेंजों पर निरंतर निगरानी रखे हुए है और दूरसंचार नेटवर्क को बहाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रभावित होने वाले राज्यों को स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों और प्रभावित इलाकों में कोविड की स्थिति से निपटने के लिए परामर्श जारी किया है। बंदरगाह, नौवहन तथा जल मार्ग मंत्रालय ने सभी जहाजों को सुरक्षित रखने के उपाय किए हैं तथा आपातकालीन जहाजों (टग्स) की तैनाती की है।

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