रायपुर/बस्तर। PM Awas Yojana: खुद का एक मजबूत और पक्का घर होना दुनिया के हर परिवार की सबसे बड़ी चाहत होती है। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में रहने वाली सोमारी बाई के लिए यह सपना ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ की बदौलत सच साबित हुआ है। बस्तर जिले के विकासखंड तोकापाल के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सिंगनपुर की निवासी सोमारी बाई का परिवार कभी एक बेहद कमजोर और कच्ची झोपड़ी में कठिन हालातों के बीच जीने को मजबूर था। लेकिन आज, सरकार की इस जनहितैषी योजना की मदद से उनका पूरा परिवार एक सुरक्षित, पक्के और सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस घर में पूरे सम्मान के साथ अपना जीवन बिता रहा है।
हर साल मरम्मत का खर्च और मौसम की मार थी बड़ी मुसीबत
अनुसूचित जनजाति वर्ग से ताल्लुक रखने वाली सोमारी बाई का पांच सदस्यों का एक छोटा सा परिवार है। पक्के मकान के अभाव में यह परिवार बरसों तक कच्चे घर में रहने को विवश था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकना, गर्मियों में भीषण लू और सर्दियों में कड़ाके की ठंड की मार झेलना उनकी नियति बन चुकी थी। इन सबके अलावा, हर साल बारिश से पहले कच्चे मकान की मरम्मत पर होने वाला भारी-भरकम अतिरिक्त खर्च उनकी आर्थिक कमर तोड़ देता था और परिवार के लिए हमेशा एक सुरक्षित आशियाने की चिंता बनी रहती थी।
सरकारी मदद से 27 वर्गमीटर में तैयार हुआ नया आशियाना
सोमारी बाई के जीवन में बड़ा बदलाव तब आया जब वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनका आवेदन मंजूर कर लिया गया। इस योजना के अंतर्गत उन्हें सरकार की तरफ से तीन अलग-अलग किश्तों में कुल 1.20 लाख रुपये की सीधी आर्थिक सहायता राशि प्राप्त हुई। इस मिली हुई राशि का पूरी ईमानदारी से उपयोग करते हुए सोमारी बाई ने 27 वर्गमीटर के दायरे में अपने सपनों का एक मजबूत और सुरक्षित पक्का मकान तैयार करवा लिया।
मनरेगा और अन्य योजनाओं के जुड़ाव से बना ‘पूर्ण घर’
सोमारी बाई के इस नए आशियाने को केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बेहतरीन तालमेल (अभिसरण) से एक ‘पूर्ण घर’ का रूप दिया गया है।
घर को पूरी तरह सुविधायुक्त बनाने के लिए इसमें कई अन्य योजनाओं को जोड़ा गया:
- जल जीवन मिशन: इस योजना के जरिए उनके घर में सीधे नल से साफ और सुरक्षित पेयजल की सुविधा पहुंचाई गई।
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: रसोई को धुएं से मुक्त करने के लिए सोमारी बाई को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिया गया।
- स्वच्छ भारत मिशन: परिवार के स्वास्थ्य और सम्मान की रक्षा के लिए घर में एक पक्के शौचालय का निर्माण कराया गया।
- मनरेगा (MGNREGA): मकान बनाने के दौरान परिवार को अतिरिक्त आर्थिक मदद देने के लिए मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी का नकद भुगतान भी किया गया, जिससे उन्हें बड़ा संबल मिला।
मरम्मत के पैसों की बचत से अब पढ़ रहे हैं बच्चे
इस नए पक्के मकान ने सोमारी बाई के परिवार की पूरी जिंदगी को एक नई दिशा दी है। अब उन्हें हर साल मकान की मरम्मत पर फालतू पैसे खर्च नहीं करने पड़ते। इस तरह हर साल होने वाली आर्थिक बचत का उपयोग वे अब अपने बच्चों की अच्छी पढ़ाई-लिखाई और परिवार की दूसरी जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने में कर पा रही हैं। सुरक्षित छत मिल जाने से परिवार को खराब मौसम की मार और बीमारियों से बड़ी राहत मिली है, जिससे समाज में उनका आत्मसम्मान और आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। सोमारी बाई ने इस खुशी के मौके पर अपने परिवार का बरसों पुराना सपना सच करने के लिए शासन-प्रशासन के प्रति दिल से आभार जताया है।
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