HomeHealthप्रेगनेंसी में बार-बार आती है खट्टी डकार और सीने में होती है...

प्रेगनेंसी में बार-बार आती है खट्टी डकार और सीने में होती है जलन? अपनाएं ये 2 आसान घरेलू तरीके।

Pregnancy Acidity: प्रेगनेंसी में खट्टी डकार, गैस और सीने की जलन से हैं परेशान? जानिए इसके पीछे के मुख्य कारण और पेट को तुरंत ठंडक पहुंचाने वाले आसान घरेलू नुस्खे।

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

Pregnancy Tips: गर्भावस्था (प्रेगनेंसी) का समय हर महिला के लिए बेहद खास होता है, लेकिन इस दौरान शरीर में कई तरह के शारीरिक बदलाव भी आते हैं। इनमें से एक सबसे आम समस्या है पेट में जरूरत से ज्यादा एसिड बनना (हाइपरएसिडिटी)। लगभग हर दूसरी गर्भवती महिला को इस परेशानी से गुजरना पड़ता है।

इसके लक्षणों में पेट या गले में तेज जलन होना, बार-बार खट्टी डकारें आना, मुंह का स्वाद खराब रहना और जी मिचलाने के साथ उल्टी जैसा महसूस होना शामिल है। कई बार यह जलन सीने से ऊपर की तरफ उठती हुई गले तक महसूस होती है, जिससे गर्भवती महिला काफी असहज हो जाती है।

क्यों बढ़ जाती है गर्भावस्था में यह समस्या?

डॉक्टरों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान शरीर में बड़े पैमाने पर हार्मोनल बदलाव होते हैं। इन हार्मोन्स के कारण महिलाओं की पाचन क्रिया काफी धीमी हो जाती है, जिससे पेट में बनने वाला एसिड ऊपर की तरफ (फूड पाइप में) आने लगता है। इसके अलावा, जैसे-जैसे गर्भ में शिशु का आकार बढ़ता है, वैसे-वैसे पेट के अंदरूनी अंगों पर दबाव भी बढ़ने लगता है। यही दबाव एसिडिटी और खट्टी डकार की समस्या को और ज्यादा बढ़ा देता है।

सही खानपान और दिनचर्या से मिलेगी राहत

इस समस्या से बचने का सबसे प्रभावी तरीका यह है कि आप अपनी लाइफस्टाइल और भोजन की आदतों में कुछ जरूरी सुधार करें:

  • भूखे रहने से बचें: समय पर भोजन करें और बहुत ज्यादा देर तक खाली पेट न रहें, क्योंकि खाली पेट रहने से पेट का एसिड और अधिक उग्र हो जाता है।
  • हल्का और सुपाच्य भोजन: अपनी डाइट में दलिया, खिचड़ी और उबली हुई हरी सब्जियों जैसी आसानी से पचने वाली चीजों को शामिल करें।
  • ठंडक देने वाले पेय: नारियल पानी, ताजा छाछ और सादा संतुलित खाना पेट को शांत रखने में काफी मददगार होता है।
  • हाइड्रेशन और भरपूर नींद: दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि पाचन तंत्र सही से काम करे। इसके साथ ही, मानसिक तनाव से बचने और बेहतर पाचन के लिए अच्छी व पूरी नींद लेना बेहद जरूरी है।

भूलकर भी न करें ये गलतियां

एसिडिटी से परमानेंट आराम पाने के लिए कुछ आदतों को तुरंत बदलना जरूरी है:

  • तुरंत लेटने की आदत बदलें: भोजन करने के ठीक बाद कभी भी सीधे बिस्तर पर न लेटें। ऐसा करने से पेट का एसिड तुरंत ऊपर गले की तरफ आता है। खाने के बाद थोड़ी देर हल्के कदमों से टहलना सबसे अच्छा रहता है।
  • सोने की सही पोजीशन: रात को सोते समय हमेशा बाईं करवट (लेफ्ट साइड) लेकर सोएं। विज्ञान और आयुर्वेद दोनों में इस पोजीशन को पाचन के लिए सर्वोत्तम माना गया है, जिससे एसिडिटी कम होती है।
  • इन चीजों से बनाएं दूरी: अत्यधिक तेल-मसाले वाले भोजन, ज्यादा खट्टी और नमकीन चीजें, पैकेज्ड फूड या प्रिजर्वेटिव्स वाले खानपान से पूरी तरह दूरी बना लें।

राहत देने वाले कुछ आसान घरेलू नुस्खे

गर्भावस्था में दवाओं के अत्यधिक सेवन से बचने के लिए आप इन सुरक्षित घरेलू उपायों को आजमा सकती हैं:

  • लौंग और आंवले का पानी: रात के समय एक बर्तन में लौंग, सूखा आंवला और थोड़ी सी चीनी मिलाकर पानी में भिगो दें। सुबह इस पानी को छानकर थोड़ा-थोड़ा पीने से पेट की जलन में बहुत आराम मिलता है।
  • सौंफ या अजवाइन का चूर्ण: अजवाइन या सौंफ के बीजों के पाउडर को हल्की चीनी के साथ मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लेने से भी गैस और खट्टी डकार में तुरंत राहत मिलती है।

कब हो जाना चाहिए सावधान?

वैसे तो यह एक सामान्य समस्या है, लेकिन यदि लक्षण बहुत ज्यादा गंभीर हो जाएं तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर पेट के ऊपरी हिस्से में असहनीय तेज दर्द हो, भूख लगने पर दर्द और बढ़ जाए, खून की उल्टी हो या काले रंग का मल आने की शिकायत हो, तो बिना समय गंवाए तुरंत अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से संपर्क करें।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Ujjain epaper

Latest News