spot_img
28.1 C
New Delhi
Friday, October 22, 2021
spot_img

भारतीय रेल 50 हजार युवाओं को देगा स्किल ट्रेनिंग, बदलेगी युवाओं की किस्मत

-स्किल इंडिया मिशन की प्रगति में भारतीय रेलवे ने लगाई एक ऊंची छलांग
—रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुरू किया रेल कौशल विकास योजना अभियान
—रेलवे देश भर में 75 रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों में देगा प्रशिक्षण
—इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, मशीनिस्ट और फिटर होंगे तैयार, मिलेगा सर्टिफीकेट

नई दिल्ली/ खुशबू पाण्डेय : आजादी का अमृत महोत्सव के 75 साल के हिस्से के रूप में रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से उद्योगों से संबंधित कौशल में प्रवेश स्तर का प्रशिक्षण देने जा रही है। इसके तहत भारतीय रेलवे अगले तीन साल की अवधि में 50 हजार युवाओं की फौज तैयार करेगी, जिन्हें तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। इस अभियान में पूरे देश के युवाओं को शामिल करने के लिए 75 रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों को चिन्हित किया गया है।
शुरुआत में 1 हजार उम्मीदवारों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण चार ट्रेडों में देने की योजना है। मसलन, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, मशीनिस्ट और फिटर तथा इसमें 100 घंटे का प्रारंभिक बुनियादी प्रशिक्षण शामिल होगा। इस अभियान में क्षेत्रीय मांगों और जरूरतों के आंकलन के आधार पर क्षेत्रीय रेलवे और उत्पादन इकाइयों द्वारा अन्य ट्रेडों में प्रशिक्षण कार्यक्रम जोड़े जाएंगे। प्रशिक्षण नि: शुल्क दिया जाएगा। प्रतिभागियों का चयन मैट्रिक में अंकों के आधार पर एक पारदर्शी तंत्र का पालन करते हुए ऑनलाइन प्राप्त किए गए आवेदनों में से किया जाएगा। इसमें 10वीं पास और 18-35 साल के बीच के उम्मीदवार आवेदन करने के पात्र होंगे। हालांकि इस प्रशिक्षण के आधार पर योजना में भाग लेने वालों का रेलवे में रोजगार पाने का कोई दावा नहीं होगा।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को युवाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तत्वावधान में रेल भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में रेल कौशल विकास योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनीत शर्मा तथा रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस मौके पर अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर रेलवे की ओर से उपहार के रूप में रेल कौशल विकास योजना को समर्पित किया। कौशल विकास का विजन प्रधानमंत्री मोदी के विजन का अभिन्न अंग है और रेल कौशल विकास योजना के तहत 50 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य गुणात्मक सुधार लाने के लिए युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण कौशल प्रदान करना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि रेल कौशल विकास योजना के तहत दूरस्थ क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं को प्रशिक्षण प्रक्रिया का लाभ लेना चाहिए।

एक हजार प्रतिभागियों से शुरू होगा प्रशिक्षण

इस योजना के लिए नोडल पीयू – बनारस लोकोमोटिव वक्र्स द्वारा कार्यक्रम का पाठ्यक्रम विकसित किया गया है, जो मूल्यांकन को मानकीकृत करेगा और प्रतिभागियों के केंद्रीकृत डेटाबेस को बनाए रखेगा। यह योजना शुरू में 1 हजार प्रतिभागियों के लिए शुरू की जा रही है, जो अप्रेंटिस अधिनियम के तहत प्रशिक्षुओं को प्रदान किए जाने वाले प्रशिक्षण के अतिरिक्त होगी। प्रस्तावित कार्यक्रमों, आवेदन आमंत्रित करने वाली अधिसूचना, चयनित उम्मीदवारों की सूची, चयन के परिणाम, अंतिम मूल्यांकन, अध्ययन सामग्री और अन्य विवरण के बारे में सूचना के एकल स्रोत के रूप में एक नोडल वेबसाइट विकसित की जा रही है। वर्तमान में, आवेदक प्रारंभिक चरण में स्थानीय रूप से जारी विज्ञापनों के प्रत्युत्तर में आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन दाखिल करना जल्द ही एक केंद्रीकृत वेबसाइट पर शुरू किया जाएगा।

प्रशिक्षण के बाद रेलवे देगा प्रमाणपत्र

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक प्रशिक्षुओं को एक मानकीकृत मूल्यांकन से गुजरना होगा और उनके कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रीय रेल और परिवहन संस्थान द्वारा आवंटित व्यापार में प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। उन्हें उनके व्यापार के लिए यथोचित टूलकिट भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे इन प्रशिक्षुओं को अपनी शिक्षा का उपयोग करने और स्व-रोजगार के साथ-साथ विभिन्न उद्योगों में रोजगार की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

देशभर के युवाओं को शामिल करने की योजना

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक पूरे देश के युवाओं को इसमें शामिल करने के लिए, उपरोक्त ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से देश भर में फैले 75 रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों को चिन्हित किया गया है। यह योजना न केवल युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार करेगी, बल्कि स्वरोजगार के कौशल को भी उन्नत करेगी। साथ ही, पुन : कौशल और अप-स्किलिंग के माध्यम से ठेकेदारों के साथ काम करने वाले लोगों के कौशल में भी सुधार होगा जिससे स्किल इंडिया मिशन में योगदान मिलेगा।

Related Articles

epaper

Latest Articles