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हरियाणा: नशे की रोकथाम के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बनेगी ज्वाइंट टास्क फोर्स

नई दिल्ली/सुनील पाण्डेय। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Haryana Chief Minister Nayab Singh Saini) ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। ये टीमें नशे की बिक्री पर रोक लगाने, तस्करों की पहचान करने […]

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नई दिल्ली/सुनील पाण्डेय। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Haryana Chief Minister Nayab Singh Saini) ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। ये टीमें नशे की बिक्री पर रोक लगाने, तस्करों की पहचान करने और उनके खिलाफ विशेष अभियान चलाने का काम करेंगी। हरियाणा विजन-2047 के तहत ‘सेवा’ विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए इसके नेटवर्क को तोड़ना सबसे जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों में सरपंच, वार्ड सदस्य, बीडीपीओ, एसएचओ और स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) को तथा शहरों में नगर निकाय के अधिकारी, पार्षद, थाना प्रभारी और एनजीओ को शामिल कर संयुक्त टास्क फोर्स बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन टास्क फोर्स को इतना प्रभावी बनाया जाएगा कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के मन में कानून का भय पैदा हो और वे इस अवैध धंधे से दूर रहें।

नशा मुक्ति के बाद रोजगार पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। नशामुक्ति केंद्र से स्वस्थ होकर निकलने वाले लोगों की तीन महीने तक विशेष निगरानी की जाएगी तथा उन्हें कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के योग्य बनाया जाएगा, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से दोबारा जुड़ सकें।

प्रदेश में 119 नशा मुक्ति केंद्र

बैठक में बताया गया कि हरियाणा में वर्तमान में 119 नशा मुक्ति केंद्र, 29 पुनर्वास केंद्र और 2 मनोरोग अस्पताल संचालित हैं। साथ ही, नशामुक्त व्यक्तियों की निगरानी के लिए ड्रग एडिक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम भी विकसित किया गया है।

पेंशन और सामाजिक योजनाओं की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंशन एवं अन्य सामाजिक योजनाओं के लाभार्थियों को अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक विवरण में संशोधन की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने पिछले तीन महीनों में 63 हजार नए लाभार्थियों को पेंशन योजनाओं से जोड़ने पर संतोष व्यक्त किया।

दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और छात्रवृत्ति पर भी फोकस

  • दिव्यांग बच्चों के लिए कार्यरत संस्थाओं के पंजीकरण की नई नीति बनाई जाएगी।
  • प्रत्येक जिले में सीनियर सिटीजन क्लब स्थापित किए जाएंगे।
  • पहले चरण में 1000 केयर गिवर्स तैयार किए जाएंगे।
  • अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थियों की लंबित छात्रवृत्तियां प्राथमिकता से जारी करने के निर्देश दिए गए।
  • सभी जिलों में विद्यार्थियों के लिए छात्रावास विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

लाडो लक्ष्मी योजना पर स्पष्टता

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं की पहले से मिल रही पेंशन या अन्य सरकारी सुविधाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि योजना का बजट 5,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है और पात्र महिलाओं से इसका लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराने की अपील की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने तथा परिवार, समाज और देश को नशामुक्त बनाने की शपथ भी दिलाई।

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