लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को खेल क्षेत्र में बेहतर अवसर देने के लिए मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय बना रही है। यह प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय है, जो हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर सरधना क्षेत्र में विकसित हो रहा है। निर्माण कार्य अब 85 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 31 मई तक इसे पूरा करने की कोशिशें तेज हैं।
फिलहाल यहां बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बीपीईएस) कोर्स चल रहा है, जबकि आने वाले सत्र में नए विषय शुरू होने वाले हैं। यह विश्वविद्यालय आधुनिक खेल सुविधाओं से लैस होगा और युवाओं के लिए खेल की दुनिया में सफलता का नया रास्ता खोलेगा।
खेल प्रोत्साहन नीति को मिलेगा नया बल
उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत यह विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। लखनऊ से लेकर मेरठ तक यह प्रोजेक्ट युवाओं को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। मेरठ जिले के सरधना इलाके में बन रहे इस संस्थान में न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि आसपास के राज्यों जैसे हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड के खिलाड़ी भी लाभ उठा सकेंगे। मेरठ की राष्ट्रीय राजधानी के निकट स्थिति इसे और खास बनाती है।
विश्वविद्यालय लगभग 36.9813 हेक्टेयर यानी करीब 91.38 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है। इसकी कुल लागत लगभग 369.11 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य ईपीसी मोड पर हो रहा है और लोक निर्माण विभाग इसकी नोडल एजेंसी है। अब तक करीब 247.01 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य 31 मई तक पूरा हो जाए। इसी वजह से फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है।
निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति
मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का 85 प्रतिशत से ज्यादा निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है। भवन निर्माण के बाद फिनिशिंग और अन्य जरूरी काम जोर-शोर से चल रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि तय समयसीमा के अंदर यह प्रोजेक्ट साकार हो जाए। कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत के नेतृत्व में शैक्षणिक और प्रशासनिक तैयारियां भी साथ-साथ चल रही हैं।
यह विश्वविद्यालय एक शिक्षण और एफिलिएटिंग संस्थान होगा। यहां खेल संबंधी विषयों में सैद्धांतिक और प्रायोगिक ज्ञान के आधार पर डिग्री प्रदान की जाएगी। स्नातक स्तर से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध होगी।
आने वाले सत्र में नए कोर्स शुरू होने की तैयारी
वर्तमान में विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बीपीईएस) विषय संचालित हो रहा है। आगामी सत्र से बीपीएड, एमपीएड, बीएससी योगा और विभिन्न डिप्लोमा कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव है। इन नए विषयों के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) से अनुमति अभी बाकी है।
मई महीने में राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में नए कोर्सों को अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मंजूरी के बाद विश्वविद्यालय में लगभग 300 नए छात्रों के प्रवेश का लक्ष्य रखा गया है।
पाठ्यक्रम में फिजिकल एजुकेशन, हेल्थ एंड एप्लाइड स्पोर्ट्स साइंसेज, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स कोचिंग, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास मीडिया टेक्नोलॉजी, एडवेंचर स्पोर्ट्स एंड यूथ अफेयर्स जैसे विषय शामिल होंगे। इनके तहत स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और पीएचडी स्तर की शिक्षा दी जाएगी।
अत्याधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं
मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को आधुनिक खेल सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां सिंथेटिक ट्रैक, हॉकी मैदान, फुटबॉल ग्राउंड, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल और कबड्डी के मैदान बनाए जाएंगे। इसके अलावा लॉन टेनिस कोर्ट, जिम्नेजियम हॉल, सिंथेटिक रनिंग स्टेडियम, स्विमिंग पूल, बहुउद्देशीय हॉल और स्पोर्ट्स साइंस लैब भी विकसित किए जाएंगे।
इस विश्वविद्यालय में 22 ओलंपिक खेलों का संचालन होगा। इस साल से एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, वेट लिफ्टिंग, बॉक्सिंग, रेसलिंग, योग, ताइक्वांडो, जूडो, स्विमिंग और कबड्डी शुरू हो जाएगा। अगले साल से शूटिंग, आर्चरी, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, वुशु, घुड़सवारी और पानी के खेल भी शामिल किए जाएंगे।
युवाओं और ग्रामीण क्षेत्र के लिए बड़ा अवसर
यह विश्वविद्यालय युवाओं में खेल संस्कृति विकसित करने और उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करने पर विशेष ध्यान देगा। ग्रामीण भारत के युवाओं को आधुनिक खेल प्रशिक्षण सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी। कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने बताया कि विश्वविद्यालय खेलों के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उनका कहना है कि यहां विश्वस्तरीय कोचिंग, अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और खेल विज्ञान पर अनुसंधान के जरिए नए मानक स्थापित किए जाएंगे। लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश भारतीय खेलों का सबसे मजबूत केंद्र बने, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, चैंपियन और ओलंपियन तैयार हों।
विश्वविद्यालय के बनने से क्षेत्र का विकास होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह सब कुलाधिपति और मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप देश का एक बड़ा खेल विश्वविद्यालय बनने जा रहा है।
खेल शिक्षा में नया मानक स्थापित करने की दिशा
मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में नया मानक स्थापित करने की ओर बढ़ रहा है। यह न केवल खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करेगा बल्कि खेल प्रबंधन, कोचिंग और संबंधित क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ तैयार करेगा।
सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति को इस विश्वविद्यालय से मजबूत समर्थन मिलेगा। युवा खिलाड़ी यहां बेहतर सुविधाओं और मार्गदर्शन के साथ अपनी प्रतिभा निखार सकेंगे। मेरठ की भौगोलिक स्थिति के कारण यह संस्थान आसपास के राज्यों के लिए भी उपयोगी साबित होगा।
निर्माण कार्य की निगरानी और समयबद्ध पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 31 मई की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभाग सक्रिय हैं।
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