नई दिल्ली। Delhi PG Collapse: सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) इमारत ढहने से 7 छात्रों की मौत के मामले में फरार चल रहे आरोपी मकान मालिक हरिराम बंसल को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तीन राज्यों में लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने आरोपी को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में लिया।
3 राज्यों में रेड के बाद भिवाड़ी से धरा गया आरोपी
राजधानी के सत्य निकेतन क्षेत्र में 6 सितंबर को हुए भीषण हादसे के बाद से ही आरोपी हरिराम बंसल पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। साउथ कैंपस थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच (Crime Branch) की जॉइंट टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और गुप्त सूचनाओं के आधार पर राजस्थान के भिवाड़ी में बने एक ठिकाने पर घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। पुलिस अब उसे दिल्ली ले आई है, जहाँ उससे पूछताछ की जा रही है।
पालम विहार से हुआ था रफूचक्कर, विदेश भागने की भी थी फिराक
हादसे वाले दिन जब पांच मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हुई, तो आरोपी तुरंत फरार हो गया था। पुलिस टीम ने सबसे पहले उसके पालम विहार स्थित आवास पर छापा मारा, लेकिन वह ठिकाना बदलकर भाग निकला था।
आरोपी के पास वैध पासपोर्ट होने के कारण पुलिस को अंदेशा था कि वह विदेश भाग सकता है। इसीलिए दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कराया था और देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को अलर्ट पर रख दिया था।
10 टीमों का ताबड़तोड़ एक्शन और सर्विलांस का सहारा
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारी की देखरेख में 10 विशेष टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में हरिराम बंसल के रिश्तेदारों और करीबियों के ठिकानों पर दर्जनों जगह दबिश दी। आखिर में पुलिस को लोकेशन सर्विलांस के जरिए भिवाड़ी में उसकी मौजूदगी का सुराग मिला, जिसके बाद पुलिस टीम ने बिना मौका दिए उसे गिरफ्तार कर लिया।
अवैध निर्माण और लापरवाही पर रिमांड में होंगे बड़े खुलासे
पुलिस आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) समेत कई अन्य सख्त धाराओं में केस दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। अदालत से रिमांड हासिल करने के बाद पुलिस आरोपी से यह जानने की कोशिश करेगी कि महज 55 वर्ग गज के छोटे से प्लॉट पर बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर 5 मंजिला अवैध ढांचा किस-किस अधिकारी या स्थानीय तंत्र की शह पर खड़ा किया गया था। इस गिरफ्तारी के बाद पीड़ित परिवारों में इंसाफ की उम्मीद जगी है।

