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धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की राजधानी अमृतसर को AAP सरकार ने कूड़े की राजधानी बना दिया: तरुण चुग

Amritsar Chabal Road Dump Yard: अमृतसर के चबाल रोड पर 1.5 लाख मीट्रिक टन कचरे को लेकर बीजेपी सांसद तरुण चुग ने AAP सरकार पर साधा निशाना।

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अमृतसर। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी और सांसद तरुण चुग ने अमृतसर के चबाल रोड स्थित डंपिंग साइट पर 1.5 लाख मीट्रिक टन कचरा जमा होने पर पंजाब की भगवंत मान सरकार और नगर निगम को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में दाखिल हलफनामे का हवाला देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के खोखले ‘बदलाव’ के दावों की पोल अब सरेआम खुल चुकी है।

धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत पर उठ रहे सवाल

सांसद तरुण चुग ने कहा कि पवित्र शहर अमृतसर की गिनती पूरी दुनिया में धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की राजधानी के तौर पर होती है। श्री हरमंदिर साहिब, श्री दुर्ग्याणा मंदिर, श्री वाल्मीकि तीर्थ जैसे आस्था के महाकेंद्रों के साथ-साथ जलियांवाला बाग और महाराजा रणजीत सिंह स्मारक जैसे ऐतिहासिक स्थल यहां मौजूद हैं। दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक रोजाना इस पवित्र धरती का रुख करते हैं। लेकिन AAP सरकार ने इस खूबसूरत और ऐतिहासिक शहर की स्वच्छता बनाए रखने के बजाय इसे दुर्गंध, गंदगी और भारी प्रदूषण के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

घनी आबादी और शिक्षण संस्थानों के पास लगा कचरे का अंबार

तरुण चुग ने बताया कि चबाल रोड पर रेलवे फाटक के ठीक बगल में 11 एकड़ की जमीन पर खुलेआम शहर का कचरा फेंका जा रहा है। यह कोई दूर-दराज का सुनसान इलाका नहीं है, बल्कि अमृतसर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र की एक बेहद घनी रिहायशी आबादी वाली जगह है। इसी व्यस्त रास्ते पर कई नामचीन स्कूल, ऐतिहासिक बाबा बुढा साहिब गुरुद्वारा, प्रसिद्ध चीफ खालसा दीवान द्वारा संचालित नरसिंह कॉलेज और राधा स्वामी डेरा सहित अनेक धार्मिक और शैक्षणिक संस्थान स्थित हैं। रिहायशी इलाके और स्कूलों के इतने पास कचरे का पहाड़ खड़ा होना स्थानीय नागरिकों और छोटे-छोटे स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।

बरसात में महामारी का खतरा, डेंगू और बीमारियों की बढ़ी आशंका

चुग ने चिंता जताते हुए कहा कि मानसून और बारिश के दिनों में यह पूरा इलाका एक बड़ी त्रासदी में बदल जाता है। कचरे के ढेरों से निकलने वाला जहरीला रसायन (लीचेट), गंदा पानी और जलभराव पूरी हवा और जमीन को प्रदूषित कर रहे हैं। सड़ते हुए कचरे की बदबू से लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है, वहीं भारी मात्रा में पनप रहे मच्छर और कीटाणु डेंगू, मलेरिया जैसी वेक्टर जनित और जलजनित बीमारियों का कारण बन रहे हैं। नागरिकों को ऐसे नर्क जैसे हालात में रहने के लिए मजबूर करना AAP सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा सुबूत है।

लगातार जन-प्रदर्शन के बावजूद आंखें मूंदे बैठा रहा प्रशासन

बीजेपी नेता ने कहा कि चबाल रोड की यह भयानक समस्या रातों-रात पैदा नहीं हुई है। स्थानीय निवासी पिछले लंबे समय से इस डंपिंग यार्ड को हटाने और सफाई की मांग को लेकर सड़कें जाम कर रहे हैं, धरने दे रहे हैं और नगर निगम के अधिकारियों को मांग पत्र सौंप चुके हैं। लेकिन शासन और प्रशासन ने आम लोगों की जायज मांगों को लगातार अनसुना किया। जब बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंद लें, तो यह सिर्फ सफाई तंत्र का फेलियर नहीं बल्कि पूरी राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता मानी जाएगी।

PPCB का NGT में हलफनामा: मशीनों का अकाल, नियमों की धज्जियां

तरुण चुग ने बताया कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सामने जो हलफनामा पेश किया है, उसने अमृतसर नगर निगम की घोर लापरवाही को बेनकाब कर दिया है।

हलफनामे के मुताबिक, चबाल रोड साइट पर 1.5 लाख मीट्रिक टन कचरे के बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट (Bioremediation) के लिए जरूरी वर्किंग मशीनरी मौजूद ही नहीं है। इसके अलावा साइट पर पानी की निकासी (Drainage), वैज्ञानिक लैंडफिल साइट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 (Solid Waste Management Rules, 2016) के बुनियादी नियमों का पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा है।

नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा भुगत रही जनता: 8.90 करोड़ के जुर्माने की मांग

अमृतसर नगर निगम की इस भयानक कार्यशैली की वजह से अब करोड़ों रुपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माना लग रहा है। चुग ने डेटा साझा करते हुए बताया कि NGT द्वारा 8 करोड़ रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना पहले ही लगाया जा चुका है। अब PPCB ने नए मामले में इस जुर्माने की राशि को बढ़ाकर लगभग 8.90 करोड़ रुपये करने की मांग की है। चुग ने कड़ा सवाल दागा कि जनता के टैक्स के पैसे से चलने वाले नगर निगम की गलतियों का हरजाना आखिर शहर के लोग क्यों भरें? इसके लिए जिम्मेदार बड़े अफसरों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

पंजाब में भी दिखने लगा दिल्ली का ‘गारबेज मॉडल’

तरुण चुग ने आम आदमी पार्टी पर चुटकी लेते हुए कहा कि दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों का हल निकालने में नाकाम रहने के बाद अब AAP का वही फ्लॉप मॉडल पंजाब के शहरों को बर्बाद कर रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधा सवाल किया कि क्या अमृतसर जैसी पावन नगरी को 1.5 लाख मीट्रिक टन कचरे के ढेर में बदल देना ही उनकी पार्टी का असली ‘बदलाव’ और ‘सुशासन’ है?

भाजपा की मांग: समयबद्ध तरीके से हटे कचरा, तय हो अफसरों की जवाबदेही

तरुण चुग ने पंजाब सरकार और अमृतसर नगर निगम से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की है:

  • वैज्ञानिक निस्तारण: चबाल रोड सहित पूरे अमृतसर की सभी डंपिंग साइट्स से जमा कचरे का तय सीमा के भीतर वैज्ञानिक तरीके से बायो-माइनिंग और निस्तारण किया जाए।
  • खुले में कचरा फेंकने पर रोक: मुख्य मार्गों और घनी आबादी वाले इलाकों में मिश्रित व घरेलू कचरा गिराना तुरंत बंद हो और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
  • स्कूली बच्चों और नागरिकों को राहत: बारिश के सीजन में जलभराव, मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव और दुर्गंध नियंत्रण के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू किया जाए।
  • जवाबदेही तय हो: पिछले कई सालों से जनता की शिकायतों और प्रदूषण के नियमों की अनदेखी करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की पहचान कर उन पर आपराधिक लापरवाही का केस दर्ज किया जाए।

चुग ने अंत में दोहराया कि भाजपा अमृतसर के नागरिकों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और इस पावन शहर की गरिमा के साथ कोई समझौता नहीं होने देगी।

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