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यूपी के आउटसोर्स कर्मियों को CM योगी का बड़ा तोहफा! लॉन्च हुआ UPCOS पोर्टल, हर महीने 5 तारीख को सीधे खाते में आएगा वेतन

UPCOS Portal Launch: सीएम योगी ने यूपी आउटसोर्स सेवा निगम का किया शुभारंभ। 3.5 लाख कर्मियों को मिलेगी जॉब सुरक्षा, 5 तारीख को वेतन, और 40 लाख तक का एक्सीडेंटल बीमा।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के आउटसोर्स कर्मचारियों की दशकों पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान करते हुए ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम’ (UPCOS) और इसके एकीकृत पोर्टल व वेबसाइट का औपचारिक शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक पहल से साढ़े तीन लाख आउटसोर्स कर्मियों सहित 20 लाख लोगों को सर्विस सिक्योरिटी, 40 लाख तक का मुफ्त एक्सीडेंटल इंश्योरेंस और बिचौलियों के शोषण से स्थायी मुक्ति मिल गई है।

शोषण के सिंडिकेट पर सरकार का अंतिम प्रहार: बिचौलियों का खेल हमेशा के लिए खत्म

लखनऊ के भव्य प्रेक्षागृह में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल पोर्टल और वेबसाइट की लॉन्चिंग के साथ ही निगम के आधिकारिक लोगो (Logo) का अनावरण भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने मंच से कई कर्मियों को बढ़ाए गए मानदेय का चेक (Demo Cheques) सौंपा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में व्यवस्था पर कुछ खास सिंडिकेट्स का कब्जा था। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ‘सैफई और रामपुर सिंडिकेट’ जिस तरह प्रदेश के संसाधनों को दीमक की तरह चाट रहे थे, ठीक उसी तरह आउटसोर्सिंग के नाम पर बनी फर्ज़ी एजेंसियां गरीब कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई लूटती थीं। एजेंसियों की मनमानी, यूनिफॉर्म और कमीशन के नाम पर होने वाली अवैध कटौतियों को अब इस निगम के बनने के साथ ही पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया है। अब कोई भी निजी कंपनी किसी कर्मचारी का आर्थिक या मानसिक उत्पीड़न नहीं कर सकेगी।

3.5 लाख कर्मचारी ही नहीं, 20 लाख परिजनों को मिलेगा व्यापक सुरक्षा कवच

मुख्यमंत्री ने योजना का सामाजिक और आर्थिक दायरा समझाते हुए कहा कि यह सिर्फ साढ़े तीन लाख आउटसोर्स वर्क्स का मामला नहीं है। जब एक कर्मचारी को समय पर उसकी मेहनत का पूरा हक मिलता है, तो उससे उसका पूरा परिवार फलता-फूलता है।

इस निगम का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ कर्मचारियों के आश्रितों, माता-पिता और बच्चों समेत लगभग 17 लाख से 20 लाख लोगों तक पहुंचेगा। समय पर मानदेय मिलने से कर्मचारी के बच्चे की पढ़ाई, बुजुर्ग माता-पिता की दवाइयां और बेटी की शादी जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक दायित्व बिना किसी बाधा के पूरे हो सकेंगे। सरकार का मानना है कि कर्मचारियों और राज्य के बीच का रिश्ता केवल ड्यूटी और वेतन का नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और सम्मान का होता है।

5 तारीख को सीधे बैंक खाते में क्रेडिट होगा मानदेय, एजेंसियों की कटौती पर पूर्ण प्रतिबंध

नए निगम (UPCOS) के क्रियान्वयन के साथ ही पारिश्रमिक भुगतान के पूरे ढांचे को पूरी तरह डिजिटल और टाइम-बाउंड (Time-Bound) कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:

  • तय तारीख पर भुगतान: हर महीने की 1 तारीख से 5 तारीख के बीच कर्मचारी का पूरा मानदेय सीधे उसके बैंक अकाउंट में क्रेडिट होना अनिवार्य होगा।
  • सर्विस चार्ज का वहन: आउटसोर्स एजेंसियों को दिया जाने वाला सर्विस चार्ज अब राज्य सरकार सीधे वहन करेगी। कर्मचारी के मूल वेतन में से किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या एजेंसी कटौती पर पूर्ण कानूनी रोक लगा दी गई है।
  • EPF और ESI अंशदान: ईपीएफ (EPF) और ईएसआई (ESI) का सरकारी अंशदान नियमित रूप से जमा किया जाएगा, जिससे कर्मचारी का रिटायरमेंट फंड और मेडिकल फंड पूरी तरह सुरक्षित रहे।

योग्यता और श्रेणी के आधार पर तय होगा मानदेय, ऑनलाइन होगी पूरी भर्ती प्रक्रिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब वे दौरों के दौरान आउटसोर्स कर्मियों से उनकी सैलरी पूछते थे, तो कोई 8 हजार बताता था तो कोई 11 हजार रुपये। लेकिन धरातल पर सच्चाई यह थी कि 9 हजार का कागजी मानदेय पाने वाले कर्मचारी को काटकर सिर्फ 6 हजार रुपये ही दिए जाते थे।

इस आर्थिक भेदभाव को मिटाने के लिए अब न्यूनतम मानदेय का निर्धारण कर्मचारी की शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) और काम की श्रेणी (Job Category) के अनुसार पारदर्शी ढंग से होगा। इसके अलावा, आउटसोर्स पदों पर सभी नई भर्तियां पूरी तरह ऑनलाइन होंगी और इनमें उत्तर प्रदेश सरकार की शत-प्रतिशत आरक्षण नीतियों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

जॉब सिक्योरिटी की गारंटी: बिना ठोस जांच और नोटिस के कोई कंपनी नहीं निकाल पाएगी बाहर

आउटसोर्स कर्मियों की सबसे बड़ी चिंता हमेशा उनकी नौकरी की अनिश्चितता को लेकर रहती थी। छोटी-छोटी बातों पर एजेंसियां उन्हें नौकरी से बाहर कर देती थीं।

सीएम योगी ने इस मनमानी पर लगाम लगाते हुए स्पष्ट किया कि अब कोई भी प्राइवेट आउटसोर्सिंग कंपनी किसी कर्मचारी को सीधे नौकरी से निष्कासित (Terminate) नहीं कर सकेगी। यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ कोई शिकायत आती है, तो कंपनी को पहले राज्य सरकार को सूचित करना होगा। सरकारी स्तर पर निष्पक्ष जांच होगी और जांच में आरोप सही पाए जाने पर ही नियमानुसार कार्रवाई होगी। अगर कंपनी की रिपोर्ट झूठी पाई गई, तो उल्टा कंपनी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

SBI के साथ ऐतिहासिक MoU: 40 लाख का एक्सीडेंटल कवर और एयर एम्बुलेंस तक की सुविधा

आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों को सामाजिक व वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ एक विशेष समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत मिलने वाले लाभ निम्नलिखित हैं:

सुविधा / दुर्घटना प्रकारमिलने वाली वित्तीय सहायता (INR)
दुर्घटना बीमा (Accidental Insurance Cover)₹20 लाख से ₹40 लाख तक (श्रेणी के अनुसार)
अग्निकांड दुर्घटना (Fire Hazard Cover)₹10 लाख तक
आपातकालीन एयर एम्बुलेंस सुविधा₹10 लाख तक
पुत्र की उच्च शिक्षा हेतु सहायता₹8 लाख तक
पुत्री की उच्च शिक्षा हेतु सहायता₹10 लाख तक
दो पुत्रियों के विवाह हेतु सहायता₹8 लाख से ₹10 लाख तक
कर्मचारी की असमय मृत्यु पर तत्काल सहायता₹50,000 (निगम द्वारा तुरंत हस्तांतरित)
मुफ्त स्वास्थ्य सुरक्षा (Health Insurance Cover)₹5 लाख तक (आयुष्मान भारत के तहत)

इसके अलावा, सभी आउटसोर्स कर्मियों के ‘जीरो बैलेंस’ (Zero Balance Account) पर बैंक खाते खोले जाएंगे, जिसके जरिए उनके परिवार के चार सदस्यों को बैंक द्वारा विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। महिला कर्मियों को नियमानुसार मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) का वैधानिक लाभ भी मिलेगा।

टेक्नोलॉजी के दौर में भी नहीं घटेगी मानव श्रम की गरिमा: CM योगी

आधुनिक दौर की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और नई इकोनॉमी की तरफ बढ़ रही है। काम करने के तौर-तरीके और स्वरूप बदल सकते हैं, लेकिन इंसान के पसीने और मेहनत की गरिमा कभी कम नहीं हो सकती।

तकनीक जितनी आगे बढ़ेगी, प्रशासनिक व्यवस्था (Governance) को उतना ही अधिक संवेदनशील और मानवीय होना पड़ेगा। पिछले साढ़े नौ सालों में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने न केवल भय और अराजकता के माहौल को खत्म किया है, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था बनाकर अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक काम किया है।

अगले 6 महीनों में 1 लाख सरकारी नौकरियां, पुलिस में 44 हजार महिलाएं

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार और राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर कई बड़े आंकड़े पेश किए:

  • पारदर्शी भर्तियां: 2017 से पहले नौकरियों की भर्तियों में धांधली और पेपर लीक आम बात थी, लेकिन अब पेपर लीक करने वाले माफियाओं की संपत्ति जब्त कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। आने वाले 6 महीनों में प्रदेश के 1 लाख और युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से सरकारी नौकरियां दी जाएंगी।
  • पुलिस बल में महिला सशक्तिकरण: यूपी पुलिस में अब तक 2.25 लाख से अधिक नई भर्तियां की जा चुकी हैं। 2017 से पहले यूपी पुलिस में सिर्फ 10 हजार महिला कर्मी थीं, जिनकी संख्या आज बढ़कर 44 हजार से अधिक हो चुकी है। आगामी नई भर्तियों के बाद इसमें 11 से 12 हजार और नई महिला पुलिसकर्मियों का इजाफा होगा।
  • इन्वेस्टमेंट और स्टार्टअप्स: यूपी में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव (Investment Proposals) आए हैं। राज्य में भारी उद्योगों (Large Industries) की संख्या 14 हजार से बढ़कर 35 हजार होने जा रही है। 2017 से पहले प्रदेश में महज 120 रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स थे, जिनकी संख्या आज बढ़कर 24,000 के पार पहुंच चुकी है।

कृषि से लेकर MSME तक: यूपी की दौड़ती अर्थव्यवस्था की नई कहानी

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास का खाका खींचते हुए बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने में किसान, नौजवान, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, कारीगर और छोटे कारोबारी मिलकर योगदान दे रहे हैं:

  • कृषि और किसान उद्यमिता: किसानों को केवल खेती तक सीमित न रखकर उन्हें कृषि अर्थव्यवस्था का सफल उद्यमी बनाया जा रहा है। उन्हें आधुनिक तकनीक, मुफ्त सिंचाई, फसल बीमा और डीबीटी (DBT) के जरिए पारदर्शी भुगतान से जोड़ा गया है।
  • ODOP और विश्वकर्मा सम्मान: ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) योजना ने दम तोड़ चुके पारंपरिक हस्तशिल्प और कारीगरों की पीढ़ियों पुराने कारोबार को फिर से जिंदा कर दिया है। आज हमारे कारीगर यूपी की ट्रिलियन-डॉलर इकोनॉमी का मुख्य आधार हैं।
  • MSME क्रांति: प्रदेश में नोक-झोंक और एनओसी (NOC) के चक्कर को खत्म करते हुए उद्योग लगाने के लिए 1000 दिनों की छूट दी गई। सिंगल विंडो सिस्टम की वजह से आज 96 लाख एमएसएमई (MSME) यूनिट्स कार्यरत हैं, जिनमें 3.15 करोड़ से अधिक नागरिकों को सीधा रोजगार मिला हुआ है।
  • महिला आत्मनिर्भरता: झांसी, आगरा, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और रायबरेली जैसे जिलों में मिल्क प्रोड्यूसर ग्रुप्स से 4 लाख से अधिक बहनें जुड़कर अपनी आर्थिक आजादी की नई पटकथा लिख रही हैं। वहीं, राज्य के स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) से 1 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़कर प्रदेश की प्रगति को पंख लगा रही हैं।

मार्केट-रेडी वर्कफोर्स: युवाओं को AI, 3D प्रिंटिंग और IoT की ट्रेनिंग

राज्य के युवाओं को भविष्य की तकनीकी मांग के अनुरूप तैयार करने के लिए सरकार उन्हें अत्याधुनिक स्किल्स से लैस कर रही है।मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को एआई (Artificial Intelligence), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और 3D प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे ग्लोबल इंडस्ट्री के लिए पूरी तरह ‘मार्केट-रेडी’ बन सकें। आज उत्तर प्रदेश के हर प्रशासनिक मंडल में कम से कम एक राज्य विश्वविद्यालय (State University) की स्थापना की जा चुकी है, जिससे उच्च शिक्षा की पहुंच हर गांव और कस्बे तक आसान हो गई है।

KEY POINTS:

  • उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया सीएम योगी ने, यूपीकॉस पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग और लोगो का अनावरण भी
  • सीएम ने आउटसोर्स कर्मियों को वितरित किए बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक, पांच तारीख तक सीधे अकाउंट में जाएगा पारिश्रमिक
  • घटना-दुर्घटना, आपदा का शिकार होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार परिवार को मिलेगा 20 से 40 लाख तक दुर्घटना बीमा कवर
  • 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को ही नहीं, पारिवारिक सदस्यों समेत 17-20 लाख लोगों को मिलेगा निगम का लाभ: सीएम योगी
  • ईपीएफ व ईएसआई का अंशदान भी जमा होगा, सरकार आउटसोर्स एजेंसी को देगी सर्विस चार्ज, कर्मचारी से नहीं होगी कटौती
  • आउटसोर्स कर्मी को सीधे निकाल नहीं सकेगी कंपनी, पहले सरकार को बताना होगा, जांच के बाद होगा निर्णय
  • ‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ के बाद अब एजेंसियों के माध्यम से होने वाले आउटसोर्स कर्मियों के शोषण पर होगा प्रहार
  • किसी व्यक्ति की कृपा पर नहीं, बल्कि श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप सुनिश्चित होगा पारिश्रमिक
  • अकेला नहीं है आउटसोर्स कर्मी, उसकी समस्या को सुनने व सुलझाने का तंत्र विकसित किया सरकार ने: मुख्यमंत्री

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