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Wednesday, January 26, 2022
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अब दाखिला देने यूनिवर्सिटी जाएगी स्कूलों में छात्रों के पास, छात्रों का होगा कैंपस एडमिशन

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Indradev shukla

– दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योर विश्वविद्यालय अपने पहले वर्ष में ही 6000 छात्रों को देगी दाखिला

– डिप्लोमा कोर्स में 4500 व डिग्री कोर्स में है 1500 सीट

– यूनिवर्सिटी में शामिल किए गए हैं 12 जॉब-ओरिएंटेड बैचलर प्रोग्राम

Indradev shukla

– इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में एचडीएफसी, टेक महिंद्रा, हीरो फिनकॉर्प, टाटा कंसल्टेंसी जैसी कंपनियां करेगी दिल्ली स्किल एन्ड एंटरप्रेन्योर यूनिवर्सिटी के साथ

– परीक्षा में मार्क्स नहीं बल्कि छात्रों के बहुआयामी व्यक्तित्व के विकास पर होगा जोर, नौकरी खोजने वाली नहीं बल्कि नौकरी देने वाली शिक्षा पर सरकार का फोकस।

नई दिल्ली, टीम डीजिटल: दिल्ली के शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी शुरुआत की गई है। दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योर यूनिवर्सिटी(DSEU) में अब   दाखिले लिए यूनिवर्सिटी स्वयं विद्यार्थियों के पास जाएगी और अपने पहले ही सत्र में 6000 विद्यार्थियों को दाखिला देगी। DESU में छात्रों के बहुआयामी व्यक्तित्व के विकास पर ज़ोर दिया जाएगा। उन्हें DSEU में दाखिले के लिए नम्बरों की रेस में नहीं भागना होगा बल्कि एप्टीट्यूड टेस्ट द्वारा उन्हें दाखिला मिलेगा। DSEU  द्वारा शुक्रवार को आयोजित किए गए एक वेबिनार के द्वारा इसकी जानकारी दी गई। वेबिनार में DSEU की कार्यशैली, आने वाले सत्र में दाखिले की प्रक्रिया, विद्यार्थियों के लिए बाजार और इंडस्ट्री की मांग पर आधारित कोर्सेज आदि पर भी चर्चा की गई। वेबिनार में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, विधायक आतिशी, DSEU की उपकुलपति निहारिका वोहरा सहित दिल्ली के सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्य शामिल थे।
इतिहास में पहली बार होगा ऐसा
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने बताया कि देश के इतिहास में ये पहली बार होगा कि जब एक यूनिवर्सिटी एडमिशन देने के लिए विद्यार्थियों के पास खुद जाएगी। उन्होंने कहा कि DSEU दिसम्बर-जनवरी के महीने में स्कूलों में जाकर वहां एक एप्टीट्यूड टेस्ट लेगी और उसके आधार पर बच्चों को DSEU में दाखिला मिल जाएगा। DSEU में दाखिला लेने के लिए उन्हें मार्क्स लाने की दौड़ में नहीं भागना होगा। कैंपस सेलेक्शन की तर्ज पर कैंपस एडमिशन होगा। एडमिशन के लिए बच्चों को परीक्षा में मार्क्स का इंतजार नहीं करना होगा। जो बच्चे पढ़ाई के साथ साथ अपने व्यक्तित्व के 360 डिग्री विकास पर ध्यान केंद्रित रखते हैं उन बच्चों को ध्यान में रख कर ही ये तरीका अपनाया गया है। देश में ये पहली बार है कि कोई यूनिवर्सिटी इस तरीके से एडमिशन देगी। हालांकि विदेशों में टॉप यूनिवर्सिटी और संस्थान इसी तरह के एप्टीट्यूड टेस्ट के आधार पर एडमिशन देते हैं। उपमुख्यमंत्री ने साझा किया कि 2021-22 के सत्र के में DSEU में 6000 बच्चों का एडमिशन किया जाएगा इनमें 4500 बच्चों को डिप्लोमा और 1500 बच्चों को डिग्री कोर्सेज में दाखिला दिया जाएगा।
Manish Sisodia
DSEU का मकसद बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करना
उपमुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान कहा कि DSEU का मकसद दिल्ली के स्कूलों में पढ़ने वाले हरेक बच्चे को ये कॉन्फिडेंस देना है कि उनकी आगे की पढ़ाई के लिए एक विश्वस्तरीय संस्थान तैयार है। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व को स्किल्ड लोगों की ज़रूरत है, 21वीं सदी में हम ये कल्पना नहीं कर सकते कि हम अपने बच्चों को 20वीं सदी के विषय पढ़ाए। DSEU यही काम करेगा और दिल्ली के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को 21वीं सदी के कौशलों में पारंगत करेगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में वोकेशनल स्ट्रीम में पढ़ने वाले बच्चों को डीयू में दाखिला नहीं मिल पाता है। ऐसे बच्चों के मन में हमेशा ये सवाल होता है कि वोकेशनल की पढ़ाई करके हम कहां जाए। DSEU उन विद्यार्थियों के सवाल का जबाव है। जो हमारे विद्यार्थियों को ये कांफिडेंस देगा वो वोकेशनल की पढ़ाई जारी रखे और उन्हें ये कॉन्फिडेंस होगा कि उनकी आगे की पढ़ाई के लिए एक यूनिवर्सिटी अपने दरवाजे खोलकर बैठी है।
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जानिए क्या है कोर्स
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रेजुएशन करने के बाद भी विद्यार्थियों को जॉब नहीं मिल पा रही है क्योंकि उन्होंने जो पढ़ाई की वो बाजार के मांगों को पूरा नहीं करती है। इसलिए DSEU में  बाजार और इंडस्ट्री की मांग को देखकर कोर्सेज को तैयार किया गया है । जिससे हमारे विद्यार्थियों में उद्यमशीलता तो बढ़ेगी ही साथ ही उन्हें जॉब के लिए भी भटकना नहीं होगा। उपमुख्यमंत्री ने साझा किया कि DSEU में विद्यार्थी ने यदि 3 साल के डिग्री कोर्स के लिए एडमिशन लिया और 1 या 2 साल बाद वो कुछ और करना चाहता है तो उसे उतने समय का सर्टिफिकेट या डिप्लोमा भी दिया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को उनके पूरे कोर्स के दौरान 50% समय में इंटर्नशिप के तौर पर इंडस्ट्रीज के साथ काम करना होगा ताकि उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा प्रैक्टिकल नॉलेज मिल सके।

DSEU से जुड़ी ये कंपनियां
गौरतलब है कि DSEU में 12 जॉब-ओरिएंटेड बैचलर प्रोग्राम शामिल किए गए हैं।  इसमें B.A in Digital Media, B.A in business management, B.A in Data Analytics, B.A in Aesthetics and Beauty जैसे कोर्स शामिल है।DSEU के इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में एचडीएफसी बैंक, टाटा कंसल्टेंसी, टेक महिंद्रा और हीरो जैसी कंपनियां जुड़ी हुई है।
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