गांधीनगर। गुजरात सरकार ने शहरों में सालों से जमा पुराने कचरे यानी लिगेसी वेस्ट को साफ करने का बड़ा अभियान चला रखा है। अब तक 273.33 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा हो चुका है। कुल 304.09 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट की पहचान हुई थी, जिसमें से ज्यादातर साफ हो गया है।
इस काम से 902 एकड़ जमीन खाली हुई है, मीथेन गैस का उत्सर्जन कम हुआ है और कई जगहों पर हरे-भरे जंगल बनाए गए हैं। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक सभी शहरों को 100% लिगेसी वेस्ट मुक्त बनाना है। यह प्रयास स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों को साफ-सुथरा और रहने लायक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
लिगेसी वेस्ट क्या है और क्यों जरूरी है इसका निस्तारण?
लिगेसी वेस्ट का मतलब है शहरों की डंप साइटों पर सालों से जमा पुराना कचरा। यह कचरा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, मीथेन गैस छोड़ता है और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बनता है। कई बार इसमें आग भी लग जाती है। गुजरात सरकार इसे शहरी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है। पुराने कचरे को साफ करने से प्रदूषण कम होता है, जमीन खाली होती है और उसे नए विकास कार्यों या हरे क्षेत्रों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
गुजरात ने कितना पुराना कचरा साफ किया?
राज्य के शहरी क्षेत्रों में कुल 304.09 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट की पहचान की गई थी। इनमें से 273.33 लाख मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो चुका है। यह बड़े राज्यों में सबसे अच्छा प्रदर्शन है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान से गुजरात अन्य राज्यों के लिए मिसाल बन रहा है। सरकार ने मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत लिगेसी वेस्ट रिमेडिएशन का लक्ष्य रखा है।
निस्तारण से मिले फायदे: जमीन खाली और पर्यावरण सुरक्षित
पुराने कचरे को हटाने से राज्य में करीब 902 एकड़ जमीन खाली हो गई है। इस जमीन का इस्तेमाल अब प्रोसेसिंग प्लांट बनाने और अन्य विकास कार्यों के लिए किया जा रहा है। अहमदाबाद की बोपल-घुमा डंप साइट और राजकोट की नाकरावाड़ी डंप साइट को पूरी तरह साफ करके वहां मियावाकी तरीके से घने जंगल विकसित किए गए हैं। इन साइटों से मीथेन गैस का उत्सर्जन काफी कम हो गया है। साथ ही, कचरे में आग लगने की घटनाएं भी अब नहीं के बराबर हैं। इससे शहरों का पर्यावरण स्वच्छ हुआ है और लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहा है।
निर्मल गुजरात 2.0 योजना के तहत विशेष मदद
गुजरात सरकार ने निर्मल गुजरात 2.0 योजना शुरू की है, जो स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 से जुड़ी हुई है। इस योजना के अंतर्गत शहरी स्थानीय निकायों को लिगेसी वेस्ट निस्तारण के लिए 75 करोड़ रुपये का विशेष फंड दिया गया है। इसका मकसद शहरों को कूड़ा मुक्त बनाना है। सरकार का मानना है कि स्वच्छता और आधुनिक ढांचे के साथ-साथ पुराने कचरे का सही निपटारा शहरों को रहने के लिए बेहतर बनाता है।
शहरीकरण को अवसर बनाने की दिशा में गुजरात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए योजनाबद्ध शहरी विकास की नींव रखी थी। आज उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार शहरों को हरा-भरा, साफ-सुथरा और टिकाऊ बनाने पर जोर दे रही है। लिगेसी वेस्ट मैनेजमेंट इसी का बड़ा हिस्सा है। गुजरात इस काम में आगे रहकर देश भर के लिए एक उदाहरण पेश कर रहा है।
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