चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ईएसआई हेल्थ केयर सिस्टम में अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पानीपत के छह निजी अस्पतालों को डी-पैनल करने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है, जबकि पानीपत ईएसआई अस्पताल के तीन कर्मचारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही पांच चिकित्सा अधीक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने एंटी करप्शन ब्यूरो को पूरे मामले की जांच सौंपी है और प्रदेश के अन्य 133 निजी पैनल अस्पतालों के रिकॉर्ड भी जांचने के आदेश दिए हैं। इस कार्रवाई का मकसद ईएसआई व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
ईएसआई अस्पतालों में अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई
हरियाणा सरकार ने ईएसआई हेल्थ केयर सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में ईएसआई हेल्थ केयर हरियाणा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पानीपत ईएसआई अस्पताल से जुड़ी गड़बड़ियों पर गंभीर चिंता जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए।
पानीपत के छह निजी अस्पतालों को डी-पैनल नोटिस
पानीपत के छह निजी अस्पतालों ने वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान अत्यधिक रेफरल किए थे। इन रेफरल प्रपत्रों पर चिकित्सकों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी पाई गई थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग ने इन अस्पतालों को तुरंत डी-पैनल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इस मामले में पानीपत ईएसआई अस्पताल के तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पांच चिकित्सा अधीक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
इस पूरे प्रकरण में संलिप्त पाए गए पांच चिकित्सा अधीक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) करे।
प्रदेश भर के 133 निजी अस्पतालों की जांच के आदेश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगे निर्देश दिए कि प्रदेश में ईएसआई पैनल पर शामिल बाकी 133 निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा जांच कराई जाए। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की अनियमितता का समय रहते पता लगाना और भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकना है।
ईएसआई अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के निर्देश
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पानीपत ईएसआई अस्पताल की बेड क्षमता 75 से बढ़ाकर 100 करने, वहां ऑपरेशन थिएटर का विस्तार करने के निर्देश दिए। इसी तरह जगाधरी ईएसआई अस्पताल को 80 से 100 बेड और हिसार ईएसआई डिस्पेंसरी को 12 से 50 बेड तक बढ़ाने को कहा गया। सभी अस्पतालों में आधुनिक उपकरण लगाने पर भी जोर दिया गया।
निर्माणाधीन अस्पतालों का काम तेज करने के निर्देश
बावल और बहादुरगढ़ में बन रहे 100-100 बेड वाले ईएसआई अस्पतालों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। इन अस्पतालों के पूरा होने से श्रमिकों और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
डॉक्टरों और स्टाफ की कमी दूर करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ईएसआई हेल्थ केयर में डॉक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। आवश्यकतानुसार स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का साफ उद्देश्य है कि ईएसआई व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
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