नई दिल्ली। हरियाणा विधानसभा में कानून-व्यवस्था पर चल रही बहस के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष को करारा जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि अपराध के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस और इनेलो (INLD) सरकारों के कार्यकाल के दौरान हुई आपराधिक घटनाओं और घोटालों का ब्योरा पेश करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में अपराधी कितना भी असरदार क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता।
राजनीतिक लाभ तलाशने का आरोप और विधानसभा का माहौल
विधानसभा के पटल पर इनेलो विधायकों आदित्य देवीलाल और अर्जुन चौटाला द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जब भी कोई घटना घटती है, विपक्ष पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने के बजाय उसमें अपने लिए सियासी मौके ढूंढने में लग जाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की दिलचस्पी अपराध रोकने या पीड़ित के आंसू पोंछने में नहीं, बल्कि सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने में रहती है।
सदन में विपक्षी विधायकों द्वारा किए जा रहे सांकेतिक विरोध पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी सदस्य भले ही अपनी बात रखने के लिए काले कपड़े पहनकर आए हों, लेकिन हरियाणा की जनता उनके काले कारनामों को अच्छी तरह जानती है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखना सभी का अधिकार है, लेकिन यह विरोध तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर होना चाहिए न कि भ्रामक बयानों के दम पर।
1984 के दंगों का जिक्र और कांग्रेस पर हमला
1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उस दौर की त्रासदी को याद करके आज भी लोगों की रूह कांप जाती है, जब निर्दोष लोगों को सड़कों पर जिंदा जला दिया गया था और अपनी जान बचाने के लिए लोगों को केश तक कटवाने पड़े थे।
- कांग्रेस ने आज तक ऐतिहासिक त्रासदी के लिए माफी नहीं मांगी।
- दंगों से जुड़े व्यक्तियों को संरक्षण देना कांग्रेस की नीति को दर्शाता है।
- ऐसे लोगों को रोल मॉडल बताना पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने के समान है।
- राहुल गांधी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा को ऐसे लोगों की तस्वीर अपने घरों में लगानी चाहिए।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस के दौर में लोकतंत्र की जगह एक तरह का ‘रूलतंत्र’ हावी था, जहां आम नागरिक अपनी संपत्ति और घर छोड़कर पलायन करने पर मजबूर हो जाते थे। उन्होंने नए युग के युवाओं से अपील की कि वे इंटरनेट पर कांग्रेस के उस शासनकाल की सच्चाई खोजें ताकि वे समझ सकें कि उस समय कानून व्यवस्था का क्या स्तर था।
इनेलो (1999-2005) शासनकाल के प्रमुख घटनाक्रम
इनेलो के शासनकाल का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1999 से 2005 के बीच कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी थी और आम लोगों में डर का माहौल था। उन्होंने सदन के पटल पर तत्कालीन दौर के कुछ प्रमुख आपराधिक मामलों को रखा:
- रेलू राम पूनिया हत्याकांड (अगस्त 2001): हिसार के लितानी गांव में पूर्व विधायक रेलू राम पूनिया और उनके परिवार के 8 सदस्यों की सोते समय निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसमें एक 45 दिन की मासूम बच्ची भी शामिल थी।
- कंडेला किसान आंदोलन (मई 2002): कंडेला में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस द्वारा गोलियां चलाई गईं, जिसमें कई किसानों की जान गई और अनेक घायल हुए।
- दुलीना कांड (अक्टूबर 2002): झज्जर के दुलीना स्थित पुलिस चौकी के पास भीड़ द्वारा 5 दलित युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
- पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या (अक्टूबर 2002): सिरसा में निडर पत्रकारिता करने वाले रामचंद्र छत्रपति को उनके घर के बाहर गोली मार दी गई थी।
- रणजीत सिंह हत्याकांड (2002): कुरुक्षेत्र के रणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
- JBT शिक्षक भर्ती घोटाला: लगभग 3,206 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाड़े और चयन सूचियों में हेरफेर का मामला सामने आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय नौकरियां राजनीतिक प्रभाव से बांटी जाती थीं, जबकि वर्तमान सरकार बिना पर्ची और बिना खर्ची के मेरिट पर रोजगार दे रही है।
कांग्रेस (2005-2014) शासनकाल के चर्चित मामले
वर्ष 2005 से 2014 के बीच कांग्रेस सरकार के दौरान घटी घटनाओं का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्था सुधारने के दावों के बीच अपराध का स्वरूप और अधिक गंभीर होता चला गया।
- जुलाई 2005: गुरुग्राम में होंडा कंपनी के प्रदर्शनकारी कर्मचारियों पर लाठीचार्ज।
- अगस्त 2005: गोहाना की वाल्मीकि बस्ती में दलित परिवारों के घरों में आगजनी।
- फरवरी 2007: दीवाना स्टेशन के पास समझौता एक्सप्रेस विस्फोट (68 लोगों की मृत्यु)।
- जून 2007: कैथल में मनोज और बबली की ऑनर किलिंग।
- जनवरी 2008: गुरुग्राम में अवैध किडनी प्रत्यारोपण रैकेट का खुलासा।
- अप्रैल 2010: मिर्चपुर गांव में दलित बस्ती पर हमला, बुजुर्ग और दिव्यांग बेटी की जलकर मौत।
- मई 2012: रोहतक का ‘अपना घर’ आश्रय-गृह यौन शोषण मामला।
- जुलाई 2012: मानेसर मारुति संयंत्र हिंसा (HR GM की मृत्यु एवं आगजनी)।
- 2014: हिसार के भगाणा गांव की 4 नाबालिगों के साथ सामूहिक दुष्कर्म।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिर्चपुर कांड के दौरान पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए केस की सुनवाई दिल्ली स्थानांतरित करनी पड़ी थी। उन्होंने रोहतक के ‘अपना घर’ मामले का हवाला देते हुए कहा कि जो सरकार बेसहारा बच्चियों के आश्रय-गृह को सुरक्षित नहीं रख सकी, उसे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
आधुनिक पुलिसिंग और आपातकालीन सेवाएं (Dial-112)
राज्य में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) ‘Dial-112’ के जरिए विभिन्न सेवाओं को एक साथ जोड़ा गया है।
Dial-112 से एकीकृत 10 आपातकालीन सेवाएं
- पुलिस आपातकालीन सेवा (100)
- अग्निशमन सेवा (101)
- मेडिकल इमरजेंसी सेवा (108)
- महिला हेल्पलाइन (1091)
- ट्रैफिक हेल्पलाइन (1073)
- साइबर हेल्पलाइन (1930)
- दुर्गा शक्ति ऐप (सुरक्षा)
- NHAI राजमार्ग हेल्पलाइन (1033
- आपदा प्रबंधन सेवा (1070 / 1077)
- महिला व बाल विकास हेल्पलाइन (181/1098)
वर्तमान में प्रदेश भर में 630 टोयोटा इनोवा क्रिस्टा गाड़ियां इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) के रूप में तैनात हैं। त्वरित पुलिस सहायता की पहुंच को और बढ़ाने के लिए सरकार ने हाल ही में 250 नए रिस्पॉन्स वाहनों की खरीद को मंजूरी दी है।
ऑपरेशन ट्रैकडाउन में 15 दिन में 4,771 गिरफ्तारियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि वांछित, उद्घोषित, जमानत या पैरोल से फरार और अन्य सक्रिय अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ चलाया जा रहा है। 1 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक चले इस अभियान में 4,771 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
अभियान के दौरान 216 हथियार बरामद हुए। इनमें 135 देसी कट्टे, 76 पिस्तौल, तीन रिवॉल्वर और दो बंदूकें शामिल हैं। इसके अलावा 287 कारतूस और 15 मैगजीन बरामद की गईं। 241 नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई, जबकि 1,406 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट अपडेट की गई।
मुख्यमंत्री के अनुसार, 1 दिसंबर से 15 दिसंबर 2025 के बीच चलाए गए ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ में 1,213 मामले दर्ज किए गए और 2,200 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
महिला सुरक्षा को लेकर उन्होंने बताया कि प्रदेश में 33 महिला पुलिस थाने स्थापित किए गए हैं। महिलाओं को तत्काल सहायता देने के लिए ‘दुर्गा शक्ति’ ऐप शुरू किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर दुर्गा शक्ति रैपिड एक्शन फोर्स की 24 कंपनियां और 46 पेट्रोलिंग वाहन तैनात हैं। सुनारिया, रोहतक में महिला पुलिस दुर्गा बटालियन भी स्थापित की गई है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार अपराध की रोकथाम के साथ जांच और अभियोजन की गति को भी तेज करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति और नीयत कानून-व्यवस्था को लेकर साफ है। उनका संदेश था कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से बड़ा कोई नहीं है।
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा में कानून-व्यवस्था पर विपक्ष को उसके पुराने शासन का रिकॉर्ड याद दिलाया।
- सरकार के अनुसार 1 से 15 अगस्त 2026 के ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ में 4,771 अपराधी गिरफ्तार किए गए।
- प्रदेश में 630 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन तैनात हैं और 250 अतिरिक्त वाहनों की खरीद को मंजूरी दी गई है।
- डायल-112 से कुल 10 आपातकालीन सेवाओं को जोड़ा गया है।
- हरियाणा में 33 महिला पुलिस थाने, दुर्गा शक्ति ऐप और संवेदनशील स्थानों पर विशेष पुलिस बल की व्यवस्था का मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया।
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