बुरहानपुर/खुशबू पाण्डेय। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। जिला अस्पताल में आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में करीब 50 गर्भवती महिलाओं की जांच हुई, जिसमें 14 महिलाओं को हाई-रिस्क गर्भावस्था में चिन्हित किया गया।
इन महिलाओं को विशेष निगरानी और परामर्श दिया जा रहा है। योजना के तहत प्रसव पूर्व जांच, सोनोग्राफी, रक्त परीक्षण और डॉक्टरी सलाह मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे गरीब और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक राहत मिल रही है।
बुरहानपुर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिले और आसपास के ग्रामीण इलाकों से लगभग 50 गर्भवती महिलाएं इस शिविर में पहुंचीं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जांच के दौरान 14 महिलाओं को हाई-रिस्क गर्भावस्था की श्रेणी में रखा गया। इन महिलाओं को आगे विशेष निगरानी और जरूरी परामर्श दिया जा रहा है।
यह अभियान हर महीने की 9 और 25 तारीख को जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित रूप से चलाया जाता है। योजना का मुख्य लक्ष्य मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करना तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है।
महिलाओं को मिली मुफ्त जांच की सुविधा
शिविर में पहुंची महिलाओं ने बताया कि अगर ये जांच निजी अस्पताल में करानी पड़ती तो हजारों रुपये खर्च हो जाते। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस योजना के कारण उन्हें सोनोग्राफी, रक्त परीक्षण और अन्य जरूरी जांच बिना किसी खर्च के मिल गई। लाभार्थी वैशाली भालेकर ने कहा कि योजना से उन्हें बड़ी मदद मिली। डॉक्टरों ने अच्छे से जांच की और कोई पैसा नहीं लगा।
एक अन्य महिला नंदिनी ने बताया, “मेरा फ्री चेकअप हुआ है। अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलता है। मैं प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करना चाहती हूं।” महिलाओं ने कहा कि इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत मिल रही है।
डॉक्टरों और अधिकारियों की भूमिका
महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सरिता गोलकर ने बताया कि अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं का शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का चेकअप किया जाता है। जांच के बाद अगर कोई समस्या पाई जाती है तो उसका इलाज भी शुरू कर दिया जाता है। साथ ही, महिलाओं को उनके खानपान और देखभाल के बारे में सही जानकारी दी जाती है।
जिला प्रभारी सीमा डेविड ने कहा कि हर महीने की 9 और 25 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जाता है। इस दौरान प्रसव पूर्व चार जांच के साथ मानसिक स्वास्थ्य की जांच भी की जाती है। परिवार वालों की भूमिका क्या होनी चाहिए, इसकी जानकारी भी दी जाती है। योजना के तहत लाभार्थियों को मिलने वाले फायदों के बारे में भी विस्तार से बताया जाता है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अभियान का उद्देश्य जटिल मामलों की समय पर पहचान करना और उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराना है। इससे गर्भावस्था को सुरक्षित बनाया जा सके और स्वस्थ शिशु का जन्म हो सके।
योजना का व्यापक प्रभाव
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व देखभाल मुफ्त में दी जाती है। बुरहानपुर जैसे जिलों में यह अभियान गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। नियमित जांच से जोखिम कम होता है और मां-बच्चे दोनों की सेहत बेहतर रहती है।
यह योजना पूरे देश में चल रही है और मध्य प्रदेश में भी सक्रिय रूप से लागू की जा रही है। महिलाओं को जागरूक करने और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में यह अभियान सहायक सिद्ध हो रहा है।
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