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वंदना कटारिया ने लिया अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास, ओलंपिक हैट्रिक करने वाली एकमात्र भारतीय खिलाड़ी

भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी फॉरवर्ड वंदना कटारिया ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास की घोषणा कर दी। वंदना टोक्यो ओलंपिक 2020 में ओलंपिक में हैट्रिक गोल करने वाली एकमात्र भारतीय महिला बनी थीं।

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नई दिल्ली/खुशबू पाण्डेय। भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी फॉरवर्ड वंदना कटारिया ने 1 अप्रैल 2025 को अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास की घोषणा कर दी। 320 मैच खेलकर 158 गोल करने वाली यह खिलाड़ी देश की सबसे ज्यादा कैप्स वाली महिला हॉकी प्लेयर के रूप में रिकॉर्ड बनाकर जा रही हैं। वंदना टोक्यो ओलंपिक 2020 में ओलंपिक में हैट्रिक गोल करने वाली एकमात्र भारतीय महिला बनी थीं। उनके करियर में अर्जुन पुरस्कार, पद्मश्री और कई बड़ी उपलब्धियां शामिल हैं।

शुरुआती जीवन और करियर की शुरुआत

वंदना कटारिया का जन्म 15 अप्रैल 1992 को उत्तराखंड के रोशनाबाद में हुआ था। उन्होंने फॉरवर्ड की भूमिका में खेलते हुए जल्दी ही अपनी पहचान बनाई। साल 2006 में उन्हें भारतीय जूनियर टीम में चुना गया और 2009 में सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह मिली। 2013 में महिला हॉकी जूनियर विश्व कप में वंदना भारत की सबसे ज्यादा गोल करने वाली खिलाड़ी रहीं। उस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीता था।

प्रमुख उपलब्धियां और ओलंपिक पल

वंदना कटारिया ने 2014 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा बनाया। उसी साल उन्हें हॉकी इंडिया का प्लेयर ऑफ द ईयर अवार्ड मिला। 2014-15 एफआईएच हॉकी वर्ल्ड लीग राउंड 2 में उन्होंने 11 गोल किए और टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा गोल करने वाली खिलाड़ी बनीं।

2016 रियो ओलंपिक में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। 2018 की एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत फाइनल हार गया लेकिन वंदना प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुनी गईं। टोक्यो ओलंपिक 2020 में 8 अगस्त 2021 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने तीन गोल किए। इस तरह वे ओलंपिक में हैट्रिक गोल करने वाली पहली और एकमात्र भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी बन गईं। भारतीय टीम उस मैच में 4-3 से जीती थी।

सम्मान और योगदान

वंदना कटारिया टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं। 8 अगस्त 2021 को उन्हें केंद्र सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया। मार्च 2022 में हॉकी क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे अर्जुन पुरस्कार से भी नवाज़ी जा चुकी हैं।

अपने 15 साल से ज्यादा लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में वंदना ने कई बड़े टूर्नामेंटों में टीम को मजबूती दी। उन्होंने एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और अन्य प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

संन्यास और विरासत

1 अप्रैल 2025 को वंदना कटारिया ने भावुक पोस्ट के जरिए संन्यास की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारतीय जर्सी पहनना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान था। अब वे भारतीय महिला हॉकी टीम की नई पीढ़ी को सपोर्ट करेंगी।

वंदना कटारिया की मेहनत और उपलब्धियां भारतीय महिला हॉकी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम रहीं। उनकी कहानी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

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