लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की डिजिटल पहचान बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत अब तक 2.23 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका है, जो केंद्र सरकार के लक्ष्य का 77.43 प्रतिशत है। यह डिजिटल प्रयास किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा और पारदर्शी लाभ दिलाने में मदद करेगा।
फार्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति
प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 को हुई थी। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा है। अब तक 2,23,54,644 किसानों का नामांकन पूरा हो चुका है। करीब 65,15,851 किसानों का पंजीकरण अभी बाकी है।
सरकार ने इस काम को मिशन मोड में चलाया है। जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय कर्मचारियों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अगले 30 दिनों यानी 6 जून 2026 तक लक्ष्य हासिल करने की कोशिश की जा रही है।
किसानों को क्या फायदा होगा
फार्मर रजिस्ट्री से एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा। इससे किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि अनुदान, ऋण सुविधा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। वास्तविक किसानों की पहचान हो सकेगी और योजनाओं की निगरानी भी बेहतर होगी।
अंश निर्धारण कार्य में तेज प्रगति
केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं, सरकार भूमि रिकॉर्ड को भी पूरी तरह डिजिटल बनाने पर जोर दे रही है। अंश निर्धारण का काम 87.19 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इससे भूमि संबंधी विवाद कम होंगे और रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी।
सरकार की रणनीति और समयसीमा
योगी सरकार तकनीक का इस्तेमाल कर प्रशासन को आधुनिक बना रही है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान को डिजिटल गवर्नेंस का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। वर्तमान गति के अनुसार किसानों की आईडी बनाने का काम 108 दिनों में यानी 22 अगस्त 2026 तक पूरा होने का अनुमान है।
डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ता यूपी
यह अभियान उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, डेटा आधारित योजना क्रियान्वयन से नीतियां अधिक प्रभावी होंगी। किसानों को मदद पहुंचाने में देरी और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होगी।
राज्य सरकार लगातार इस अभियान की समीक्षा कर रही है और जहां जरूरी है वहां रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। जिला स्तर पर टीमों को सक्रिय किया गया है ताकि तय समय में लक्ष्य हासिल हो सके।
भविष्य की तैयारी
फार्मर रजिस्ट्री और अंश निर्धारण जैसे कदमों से कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी। किसान अपनी जानकारी ऑनलाइन आसानी से देख और अपडेट कर सकेंगे। यह प्रक्रिया लंबे समय में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगी और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक साबित होगी।
सरकार का फोकस वास्तविक किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भविष्य में और भी नई सुविधाएं जोड़ी जा सकेंगी।
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