लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार परिषदीय विद्यालयों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण का भी एक सशक्त केंद्र बनाने जा रही है। प्रदेश सरकार अगस्त 2026 में स्कूलों के माध्यम से दो विशेष और व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रही है, जिससे राज्य के लाखों बच्चों को गंभीर और संक्रामक बीमारियों से दोहरा सुरक्षा कवच प्राप्त होगा।
इस विशेष योजना के तहत डिप्थीरिया, टिटनेस, काली खांसी, खसरा (मीजल्स) और रूबेला जैसी घातक बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाने की तैयारी की गई है। यह अभियान प्रदेश के सभी 75 जनपदों के परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों, सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूलों, मदरसों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक साथ संचालित किया जाएगा।
दो चरणों में चलेगा विशेष टीकाकरण अभियान
महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने राज्य के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) और जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को अभियान के सफल संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अगस्त टीकाकरण टाइमलाइन:
- टीडी/टीडीएपी (TD/TDAP) अभियान —> 3 से 7 अगस्त 2026
- एमआर (MR – मीजल्स रूबेला) अभियान —> 18 से 28 अगस्त 2026
पहला चरण: डिप्थीरिया, टिटनेस और काली खांसी पर वार (3 से 7 अगस्त)
अभियान का पहला चरण 3, 4, 6 और 7 अगस्त को आयोजित किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार टीडी और टीडीएपी (TD/TDAP) वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक दी जाएगी:
- 5 से 6 वर्ष (संभावित कक्षा-1): टीडीएपी-2 (TDAP-2) की खुराक।
- 10 वर्ष (संभावित कक्षा-5): टीडी-10 (TD-10) की खुराक।
- 16 वर्ष (संभावित कक्षा-10 व 11): टीडी-16 (TD-16) की खुराक।
- दैनिक लक्ष्य: प्रत्येक टीकाकरण सत्र में 50 से 75 पात्र बच्चों को कवर करने का लक्ष्य तय किया गया है।
दूसरा चरण: खसरा और रूबेला का खात्मा (18 से 28 अगस्त)
टीकाकरण का दूसरा चरण 18 से 28 अगस्त के बीच आयोजित होगा। यह चरण पूरी तरह से खसरा (Measles) और रूबेला (Rubella) जैसी बीमारियों के उन्मूलन पर केंद्रित रहेगा।
- आयु वर्ग: इसके तहत 5 से 10 वर्ष तक की आयु के सभी पात्र बच्चों को एमआर (MR) वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक दी जाएगी।
- दैनिक लक्ष्य: इस चरण में प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन 100 से 125 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग का संयुक्त माइक्रोप्लान
अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग परस्पर समन्वय के साथ कार्य करेंगे। हर विद्यालय में एक नोडल शिक्षक नामित किया जाएगा। शिक्षक, एएनएम, आशा (ASHA) और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से पात्र बच्चों की सटीक सूची तैयार करेंगे। टीकाकरण को लेकर फैलाए जाने वाले भ्रम को दूर करने के लिए प्रार्थना सभाओं और अभिभावक-शिक्षक बैठकों (PTM) के जरिए जागरूकता फैलाई जाएगी। पूरे अभियान की प्रगति, गुणवत्ता और छूटे हुए बच्चों का डेटा प्रतिदिन निर्धारित डिजिटल पोर्टलों पर अपलोड किया जाएगा, जिसकी राज्य स्तर से निगरानी होगी।
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