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योगी सरकार की 102 एंबुलेंस सेवा ने कम किया मातृ मृत्यु अनुपात, गर्भवती महिलाओं को मिल रही तेज मदद

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की 102 एंबुलेंस सेवा (मदर एंड चाइल्ड सर्विसेस) गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इस सेवा के रिस्पांस टाइम में उल्लेखनीय सुधार के कारण मातृ मृत्यु अनुपात में कमी आई है।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की 102 एंबुलेंस सेवा (मदर एंड चाइल्ड सर्विसेस) गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इस सेवा के रिस्पांस टाइम में उल्लेखनीय सुधार के कारण मातृ मृत्यु अनुपात में कमी आई है। वर्ष 2015-17 की तुलना में 2021-23 में मातृ मृत्यु अनुपात काफी घटकर 141 प्रति लाख पहुंच गया है। सेवा अब औसतन सिर्फ सात मिनट में पहुंच रही है, जिससे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो पा रही है।

102 एंबुलेंस सेवा का रिस्पांस टाइम हुआ बेहतर

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य अमित घोष के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 102 एंबुलेंस सेवा को मजबूत किया गया। पहले रिस्पांस टाइम ज्यादा होने से गर्भवती महिलाओं को समय पर मदद नहीं मिल पाती थी। अब स्थिति बदल गई है।

वर्ष 2016 में रिस्पांस टाइम 11:28 मिनट था, जो अब घटकर 7:06 मिनट रह गया है। उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे कम रिस्पांस टाइम वाली राज्य के रूप में पहले स्थान पर है। यह सुधार लगातार निगरानी और सुधार कार्यों का परिणाम है।

पुरानी एंबुलेंस हटाकर नई लगाई गई

सरकार ने सेवा को और बेहतर बनाने के लिए पुरानी एंबुलेंस को बदलने का फैसला किया। वर्ष 2019 और 2023 में कुल 2,228 खटारा एंबुलेंस हटाई गईं। उनकी जगह नई, आधुनिक उपकरणों से लैस एंबुलेंस ली गईं। इसके अलावा 306 नई एंबुलेंस भी जोड़ी गईं।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कुल 2,270 एंबुलेंस सेवा 102 संचालित हो रही हैं। इनके जरिए रोजाना औसतन 40,524 जच्चा-बच्चा को लाभ मिल रहा है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में यह सेवा सक्रिय है।

मातृ मृत्यु अनुपात में आई कमी

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि 102 एंबुलेंस सेवा के बेहतर रिस्पांस टाइम का सीधा असर मातृ मृत्यु अनुपात पर पड़ा है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे (SRS) के आंकड़ों के मुताबिक:

  • वर्ष 2015-17 में मातृ मृत्यु अनुपात: 216 प्रति लाख
  • वर्ष 2021-23 में मातृ मृत्यु अनुपात: 141 प्रति लाख

यह कमी अस्पतालों को मजबूत करने और एंबुलेंस सेवा सुधार के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई है।

साल दर साल रिस्पांस टाइम में सुधार

एंबुलेंस सेवा के रिस्पांस टाइम के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • 2016: 11:28 मिनट
  • 2017: 12:01 मिनट
  • 2018: 11:21 मिनट
  • 2020: 13:42 मिनट (कोरोना काल)
  • 2021: 12:02 मिनट (कोरोना काल)
  • 2022: 7:01 मिनट
  • 2023: 7:02 मिनट
  • वर्तमान: 7:06 मिनट

कोरोना जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी सेवा चालू रही। अब सामान्य स्थिति में यह और बेहतर हो गई है। उत्तर प्रदेश 7:06 मिनट के रिस्पांस टाइम के साथ देश में नंबर एक है। दूसरे स्थान पर राजस्थान (7:57 मिनट) और तीसरे पर केरल (10:45 मिनट) है।

गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान

यह सेवा खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। आपात स्थिति में तेजी से अस्पताल पहुंचाने से जान बचाने में मदद मिल रही है। सरकार अस्पतालों को भी लगातार बेहतर बना रही है, ताकि एंबुलेंस से पहुंचने के बाद तुरंत इलाज शुरू हो सके।

मातृ दिवस के मौके पर यह उपलब्धि खास मायने रखती है। योगी सरकार के स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कामों से मातृ स्वास्थ्य में सुधार देखा जा रहा है। आंकड़े दिखाते हैं कि निरंतर प्रयास से सकारात्मक नतीजे मिल सकते हैं।

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