HomeSocial Welfareयोगी सरकार देगी जल जीवन मिशन को 28 हजार करोड़, 2028 तक...

योगी सरकार देगी जल जीवन मिशन को 28 हजार करोड़, 2028 तक पूरा होगा हर घर नल लक्ष्य

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार जल जीवन मिशन (हर घर नल योजना) को मजबूती से लागू कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करीब 28 हजार करोड़ रुपये खर्च करके प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का काम तेजी से कर रही हैं।

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार जल जीवन मिशन (हर घर नल योजना) को मजबूती से लागू कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करीब 28 हजार करोड़ रुपये खर्च करके प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का काम तेजी से कर रही हैं। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत लक्ष्य को दिसंबर 2028 तक बढ़ाया गया है, जिससे 2.62 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक नल कनेक्शन पहुंचाने में मदद मिलेगी।

केंद्र और राज्य सरकार का बड़ा बजट

केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए जल जीवन मिशन के तहत 13,425 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट आवंटित किया है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार वर्ष 2026-27 में ग्रामीण जलापूर्ति विभाग को लगभग 15 हजार करोड़ रुपये देने जा रही है। इस कुल 28 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि से अधूरे पड़े काम पूरे किए जाएंगे और ग्रामीण इलाकों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

जल जीवन मिशन 2.0 का विस्तार

उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के बीच जल जीवन मिशन 2.0 के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इस नए चरण में मूल मिशन की समयसीमा बढ़ाकर दिसंबर 2028 कर दी गई है।

एसडब्ल्यूएसएम, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के विशेष सचिव व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रभास कुमार के अनुसार, नए स्वरूप में कई नई जिम्मेदारियां भी जोड़ी गई हैं। अब जल गुणवत्ता परीक्षण पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। विंध्य, बुंदेलखंड और प्रदेश के अन्य इलाकों में पानी में मौजूद रासायनिक तत्वों की जांच की जा रही है ताकि पानी को पीने योग्य बनाया जा सके।

जनभागीदारी और स्रोत संरक्षण पर जोर

जल जीवन मिशन 2.0 में जनभागीदारी को अहम जगह दी गई है। पंप हाउस, पानी की टंकियां और अन्य निर्माण कार्य पूरे होने के बाद इन्हें ग्राम एवं पेयजल स्वच्छता समिति (VWSC) को सौंप दिया जाएगा। अगले 10 वर्षों तक जल निगम, VWSC, निर्माण एजेंसियां और ठेकेदार मिलकर इन सुविधाओं के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

पानी के स्रोतों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान रहेगा। बोरवेल, पंप या अन्य जल स्रोतों को सूखने से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इससे लंबे समय तक ग्रामीण इलाकों में नियमित पानी की आपूर्ति बनी रहेगी।

काम की प्रगति और समीक्षा

विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जल जीवन मिशन के तहत अब तक 2.43 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। वर्ष 2026-27 में पूरे 2.62 करोड़ कनेक्शन का लक्ष्य हासिल करने की तैयारी है।

वर्ष 2027 में केंद्र सरकार द्वारा सभी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी ताकि तय लक्ष्य समय पर पूरा हो सके। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत नई प्राथमिकताओं को भी प्रदेश में लागू किया जाएगा।

ग्रामीण जीवन में बदलाव

यह योजना सिर्फ नल कनेक्शन देने तक सीमित नहीं है। इससे ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिलेगा, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आएगी। महिलाओं को पानी लाने के लिए दूर-दूर जाना नहीं पड़ेगा, जिससे उनका समय बचेगा और परिवार की देखभाल में मदद मिलेगी।

योगी सरकार इस मिशन को युद्ध स्तर पर चला रही है। बजट की पर्याप्त उपलब्धता, गुणवत्ता जांच, जनभागीदारी और स्रोत संरक्षण जैसे उपायों से लक्ष्य को समय पर पूरा करने की उम्मीद है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Ujjain epaper

Latest News