BAT BMS App Banned: देश की सड़कों पर चलने वाले ई-रिक्शा (टिर्री) की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने एक बेहद सख्त और बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने चलती हुई ई-रिक्शा को दूर से ही अचानक स्विच ऑफ करने वाले विवादित मोबाइल एप्लीकेशन ‘बीएटी बीएमएस’ (BAT-BMS) को तुरंत प्रतिबंधित करने का फैसला किया है।
आधिकारिक सूत्रों से शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने वैश्विक टेक दिग्गज कंपनी गूगल और एप्पल को अपने-अपने रिस्पेक्टिव प्लेटफॉर्म यानी गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से इस चीनी ऐप को तत्काल प्रभाव से हटाने (ब्लॉक करने) के सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद जागी सरकार
पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कई हैरान करने वाले वीडियो तेजी से वायरल हो रहे थे, जिनमें कुछ शरारती तत्व या अनजान लोग सड़क पर सामान्य रूप से चल रहे ई-रिक्शा को महज एक मोबाइल ऐप के जरिए दूर से ही ब्लूटूथ से कनेक्ट कर अचानक बंद कर दे रहे थे।
बीच सड़क पर ई-रिक्शा के इस तरह अचानक ठप हो जाने से न केवल ड्राइवरों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो रहा था, बल्कि यात्रियों की जान को भी भारी सुरक्षा जोखिम था। इस गंभीर सुरक्षा चूक और इसके बड़े पैमाने पर दुरुपयोग होने की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने बिना कोई देरी किए यह तत्काल और बड़ा कदम उठाया है।
आखिर क्या है यह BAT-BMS ऐप और यह कैसे काम करता है?
‘बैट-बीएमएस’ एक मोबाइल एप्लीकेशन है, जिसे मुख्य रूप से चीन की एक टेक कंपनी ‘शेनजेन ग्रीनएनर्जी टेक्नोलॉजी’ ने विकसित (Develop) किया है। यह चीनी कंपनी खुद स्मार्ट लिथियम-आयन बैटरियों का निर्माण करती है और अपनी ही बैटरियों को डिजिटल रूप से मैनेज और कंट्रोल करने के लिए उसने इस ऐप को बनाया था।
आमतौर पर ई-रिक्शा में लगी लिथियम-आयन बैटरी की कार्यप्रणाली, उसकी सुरक्षा और तापमान की निगरानी के लिए एक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगाया जाता है। यह सिस्टम ब्लूटूथ तकनीक के माध्यम से ड्राइवर के मोबाइल फोन से जुड़ जाता है, जिससे वे अपनी बैटरी का चार्जिंग स्टेटस, कुल वोल्टेज, तापमान, करंट और अन्य तकनीकी जानकारियां आसानी से लाइव देख सकते हैं।
चीनी बीएमएस (BMS) की बड़ी सुरक्षा चूक
बाजार में मिलने वाले अधिकांश कम कीमत वाले ई-रिक्शा में जिस चीनी बीएमएस का इस्तेमाल किया जाता है, उसमें ब्लूटूथ कनेक्शन को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत या पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था (Security Protocol) नहीं होती है। इसी तकनीकी कमजोरी या ‘लूपहोल’ का फायदा कुछ शरारती लोगों ने उठाना शुरू कर दिया।
जब कोई व्यक्ति अपने स्मार्टफोन में ‘BAT-BMS’ ऐप डाउनलोड कर लेता है और किसी भी ई-रिक्शा के करीब 10 से 15 मीटर के दायरे में पहुंचता है, तो यह ऐप बिना ई-रिक्शा चालक की अनुमति या किसी पासवर्ड के, उसके वाहन के बीएमएस से ऑटोमैटिक कनेक्ट हो जाता है।
एक बार कनेक्शन स्थापित होने के बाद, ऐप यूजर केवल एक क्लिक से बैटरी के ‘डिस्चार्ज स्विच’ को दूर बैठे ही बंद कर देता है। ऐसा होते ही बैटरी से मोटर तक होने वाली बिजली की आपूर्ति (Power Supply) तुरंत रुक जाती है और ई-रिक्शा बीच सड़क पर ही अचानक खड़ा हो जाता है।
मजाक नहीं, सीधा जेल भेज सकता है ऐसा करना (कानूनी पहलू)
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी इस तरह के ऐप्स के जरिए दूसरों के वाहनों के साथ छेड़छाड़ करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। इंटरनेशनल कमीशन ऑफ साइबर सिक्योरिटी लॉ के चेयरमैन और देश के दिग्गज साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल के अनुसार, किसी के चलते हुए ई-रिक्शा को इस तरह रिमोटली बंद करना कोई सामान्य शरारत या साधारण मजाक की श्रेणी में नहीं आता, बल्कि यह एक गंभीर डिजिटल अपराध है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना वाहन मालिक या चालक की अनुमति के उसके कंप्यूटर सिस्टम (बीएमएस) में अनधिकृत रूप से प्रवेश करना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act) की धारा 66 और धारा 43 के तहत एक दंडनीय अपराध माना जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति इस तरह के कृत्य में लिप्त पाया जाता है, तो उसे कानूनी रूप से 3 साल तक की जेल की सजा और 5 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना या दोनों भुगतना पड़ सकता है।
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