नई दिल्ली/खुशबू पांडेय। Advit Jewels IPO Details: भारतीय प्राइमरी मार्केट में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स के लिए एक और बड़ी खबर है। देश के सबसे बड़े जेम्स एंड ज्वेलरी हब जयपुर (राजस्थान) की प्रमुख कंपनी अद्वित ज्वेल्स लिमिटेड (Advait Jewels Limited) अपना इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लेकर आ रही है। कंपनी ने अधिकारिक तौर पर अपने इस पहले पब्लिक इश्यू के लिए प्राइस बैंड की घोषणा कर दी है।
अद्वित ज्वेल्स आईपीओ का प्राइस बैंड ₹130 से ₹138 प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है। इस शेयर की फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। रिटेल और संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) इस आईपीओ के लिए मंगलवार, 23 जून 2026 से बोली (Bidding) लगा सकेंगे। यह पब्लिक इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए गुरुवार, 25 जून 2026 को बंद हो जाएगा। इसका मतलब है कि निवेशकों के पास इस शानदार इश्यू में दांव लगाने के लिए केवल तीन दिनों का समय होगा।

न्यूनतम निवेश और लॉट साइज (Lot Size Details)
छोटे यानी रिटेल निवेशकों के लिए कंपनी ने न्यूनतम लॉट साइज 100 इक्विटी शेयरों का तय किया है। यानी अगर आप अपर प्राइस बैंड (₹138) पर बोली लगाते हैं, तो आपको कम से कम ₹13,800 का निवेश करना होगा। इसके बाद यदि आप अधिक शेयर खरीदना चाहते हैं, तो आपको 100 शेयरों के मल्टीपल्स (जैसे 200, 300, 400 शेयर) में ही आवेदन करना होगा।
आईपीओ से जुटने वाले ₹130 करोड़ का कहाँ होगा इस्तेमाल?
अद्वित ज्वेल्स इस आईपीओ के जरिए बाजार में 1,19,68,000 नए इक्विटी शेयर (Fresh Issue) जारी करने जा रही है। वर्तमान में कंपनी के बाजार में कुल 3,38,42,000 इक्विटी शेयर आउटस्टैंडिंग हैं। कंपनी ने इस आईपीओ से जुटाए जाने वाले फंड के इस्तेमाल का पूरा खाका रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (RHP) में साफ कर दिया है:
- वर्किंग कैपिटल की जरूरतें (₹65 करोड़): कंपनी अपने कारोबार के विस्तार और रोजमर्रा के कामकाज (Working Capital) की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹65 करोड़ की भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल करेगी।
- कर्ज का भुगतान (₹65 करोड़): कंपनी के वित्तीय बोझ और बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए ₹65 करोड़ का उपयोग कंपनी पर बकाया कुछ सुरक्षित या असुरक्षित कर्जों को पूरी तरह या आंशिक रूप से चुकाने के लिए किया जाएगा। कर्ज कम होने से कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार होने की उम्मीद है।
- सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य: बची हुई शेष राशि का उपयोग कंपनी के सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (General Corporate Purposes) और ब्रांडिंग गतिविधियों पर खर्च किया जाएगा।

बिजनेस मॉडल का विश्लेषण: ‘रामभजो’ ब्रांड और जयपुर की विरासत
निवेशकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि अद्वित ज्वेल्स का मुख्य बिजनेस क्या है और इसके फंडामेंटल्स कितने मजबूत हैं। यह कंपनी भारत में रत्नों और राजसी आभूषणों के सबसे बड़े केंद्र जयपुर (राजस्थान) में स्थित है। कंपनी अपने प्रसिद्ध और प्रीमियम ब्रांड नेम ‘रामभजो’ (Rambhajo) के तहत पारंपरिक और आधुनिक, दोनों तरह के हाथ से बने बेहतरीन गहनों की मैन्युफैक्चरिंग और रिटेलिंग करती है।
कंपनी की मुख्य ताकत और यूएसपी (USP):
- कुंदन और पोल्की में महारत: कंपनी मुख्य रूप से सोने (Gold), हीरे (Diamond) और बहुमूल्य रंगीन पत्थरों (Colored Stones) का उपयोग करके कस्टमाइज्ड ज्वेलरी बनाती है। यह विशेष रूप से राजस्थानी कुंदन, बारीक पोल्की और डायमंड स्टडेड (रत्न जड़े) आभूषणों के लिए पूरे देश में मशहूर है।
- पारंपरिक कला और मॉडर्न डिज़ाइन का संगम: कंपनी सदियों पुरानी पारंपरिक कारीगरी की तकनीकों को आज के जमाने के आधुनिक डिजाइन्स के साथ जोड़ती है। यही वजह है कि इसके आभूषणों में भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अनूठी झलक दिखाई देती है, जो सदाबहार (Classic) लगती है।
- कस्टमाइजेशन और विशिष्टता (Exclusiveness): अद्वित ज्वेल्स की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि इसका हर डिज़ाइन अपने आप में अनोखा होता है। कंपनी दुनिया भर की अलग-अलग कला शैलियों को मिलाकर हर दिन कुछ नया इनोवेट करती है। एक बार बनाया गया डिज़ाइन दोबारा दोहराया नहीं जाता।
विविध प्रोडक्ट पोर्टफोलियो: ब्राइडल हैवी कलेक्शन से लेकर वर्किंग वीमेन के लिए रोज़मर्रा में पहने जाने वाले लाइटवेट लग्ज़री गहनों तक, कंपनी के पास नेकलेस, ईयररिंग्स, रिंग्स, चूड़ियां और कस्टमाइज्ड ज्वेलरी की एक बड़ी रेंज मौजूद है। ग्राहकों की पसंद और बजट के अनुसार आभूषणों को 14 कैरेट और 18 कैरेट दोनों तरह के सोने में डिज़ाइन किया जाता है।

इनवेस्टर्स आउटलुक: क्या आपको दांव लगाना चाहिए?
भारतीय आभूषण बाजार में संगठित प्लेयर्स (Organized Retailers) की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। त्योहारों और शादियों के सीजन में कुंदन और पोल्की ज्वेलरी की मांग हमेशा पीक पर रहती है। अद्वित ज्वेल्स का ‘रामभजो’ ब्रांड भारतीय बाजारों में एक मजबूत साख रखता है।
आईपीओ से मिलने वाले पैसों से जब कंपनी अपना कर्ज चुका देगी और वर्किंग कैपिटल बढ़ाएगी, तो इसके मार्जिन में लंबी अवधि में बड़ी बढ़त देखने को मिल सकती है। हालांकि, रिटेल निवेशकों को निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लेनी चाहिए और कंपनी के वित्तीय आंकड़ों व ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर नजर रखनी चाहिए।
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