नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने Everest और Lalji Godhoo ब्रांड के कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है। जांच में दोनों कंपनियों के उत्पाद निर्धारित खाद्य मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच के दौरान कम्पाउंडेड हींग में असली हींग की मात्रा तय सीमा से करीब 30 से 40 प्रतिशत कम पाई गई।
यह कार्रवाई एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच के आधार पर की गई। FSSAI ने शिकायत मिलने के बाद बाजार में उपलब्ध प्रमुख हींग ब्रांड्स के सैंपल की जांच कराई। शुरुआती जांच में Everest और Lalji Godhoo के कम्पाउंडेड हींग के नमूने मानकों के अनुरूप नहीं मिले।
कम्पाउंडेड हींग में क्या कमी मिली?
नियमों के अनुसार कम्पाउंडेड हींग तैयार करने में असली हींग के साथ गोंद, स्टार्च और आटे जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इस उत्पाद में कम से कम 5 प्रतिशत अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट होना जरूरी है। यह पैरामीटर हींग में वास्तविक हींग की मात्रा का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है।
FSSAI की जांच में Everest और Lalji Godhoo के सैंपल में अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट की मात्रा सिर्फ 0 से 3 प्रतिशत के बीच मिली। यानी उत्पादों में असली हींग की मौजूदगी निर्धारित 5 प्रतिशत के न्यूनतम मानक से काफी कम थी।
जांच को आगे बढ़ाते हुए मुंबई स्थित दोनों कंपनियों की सेंट्रल लाइसेंस वाली यूनिट्स से भी सैंपल लिए गए। इसके अलावा गुजरात के उम्बरगांव में Everest की एक अन्य यूनिट से गुजरात राज्य के खाद्य विभाग के साथ मिलकर नमूने लिए गए। जांच में इन सैंपलों को भी घटिया गुणवत्ता का पाया गया।
Lalji Godhoo की असली हींग में भी ज्यादा स्टार्च
FSSAI की जांच में Lalji Godhoo की यूनिट से ली गई असली हींग की छह अलग-अलग किस्मों को भी जांचा गया। इन नमूनों में स्टार्च की मात्रा निर्धारित सीमा से काफी ज्यादा मिली।
नियम के मुताबिक असली हींग में स्टार्च की मात्रा 1 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। लेकिन जांच में इन छह किस्मों में स्टार्च की मात्रा 15 से 32 प्रतिशत के बीच पाई गई। यह तय सीमा के मुकाबले कई गुना अधिक है।
इन जांच नतीजों के बाद खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने दोनों ब्रांड के कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया। कंपनियों को अपनी उत्पादन प्रक्रिया में सुधार करने और आगे से निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के लिए कदम उठाने को कहा गया है।
The Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) has taken regulatory enforcement action under the Food Safety and Standards Act, 2006, issuing Prohibition Orders against M/s Everest Food Products Private Limited and M/s Laljee Godhoo and Company #FSSAINotice #FSSAIAction pic.twitter.com/afIwTFCuHb
— FSSAI (@fssaiindia) August 29, 2026
अंडा करी, चिकन करी और गरम मसाले पर नहीं लगा बैन
FSSAI की कार्रवाई को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि बिक्री प्रतिबंध केवल Everest और Lalji Godhoo के संबंधित हींग उत्पादों पर लागू है। इन कंपनियों के दूसरे मसाला उत्पादों पर इस आदेश के तहत कोई रोक नहीं लगाई गई है।
यानी अंडा करी मसाला, चिकन करी मसाला और गरम मसाला जैसे उत्पाद इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं हैं। इसलिए हींग पर हुई कार्रवाई को कंपनी के सभी मसाला उत्पादों पर लागू प्रतिबंध के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
FSSAI ने दोनों कंपनियों से यह भी बताने को कहा है कि वे गुणवत्ता संबंधी कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाएंगी। साथ ही कंपनियों को बाजार में मौजूद घटिया गुणवत्ता वाले हींग उत्पादों को वापस मंगाने की सलाह दी गई है।
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