नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले करोड़ों LPG ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए रसोई गैस सिलेंडर की रीफिल बुकिंग का न्यूनतम अंतराल घटाकर 25 दिन कर दिया है। अब शहर और गांव दोनों जगह के उपभोक्ता एक समान समय-सीमा में दूसरा सिलेंडर बुक कर सकेंगे।
शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए नियम हुए एक समान
पेट्रोलियम मंत्रालय के इस नए आदेश के बाद अब देश भर में घरेलू गैस सिलेंडर की दोबारा बुकिंग को लेकर चल रहा भेदभाव पूरी तरह खत्म हो गया है।
पहले जहां शहर में रहने वाले लोग 25 दिन के अंतराल पर दूसरा सिलेंडर बुक कर पा रहे थे, वहीं ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए यह समय-सीमा 45 दिनों की तय की गई थी। अब गांव और देहात में रहने वाले उपभोक्ता भी अपना पहला 14.2 किलोग्राम वाला सिलेंडर डिलीवर होने के ठीक 25वें दिन ही अगले रीफिल की बुकिंग कर सकेंगे।
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने दी जानकारी, ओएमसी को मिले निर्देश
केंद्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस एवं पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की।
उन्होंने बताया कि देश में एलपीजी की सप्लाई स्थिति में तेजी से सुधार आया है और लंबित पड़े बुकिंग बैकलॉग में भारी कमी दर्ज की गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहले से लागू पाबंदियों को हटाने का निर्णय लिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इंडियन ऑयल (Indane), भारत पेट्रोलियम (Bharatgas) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP Gas) जैसी सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को इस संशोधित व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
वैश्विक संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य का असर हुआ खत्म
गौरतलब है कि फरवरी माह में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच उपजे तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा असर पड़ा था।
उस दौर में भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) का इस्तेमाल करते हुए घरेलू मांग को पूरा करने और गैस की किल्लत से बचने के लिए कई कड़े कदम उठाए थे। इसी के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रीफिल का अंतर बढ़ाकर 45 दिन किया गया था। हालाँकि, जून में स्थिति सामान्य होने पर सरकार ने कमर्शियल एलपीजी पर लगी पाबंदियों को भी धीरे-धीरे हटा दिया था।
बड़े परिवारों और उज्जवला योजना के लाभार्थियों को सीधा फायदा
सरकार के इस फैसले से खासकर ग्रामीण इलाकों के उन परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जहाँ सदस्यों की संख्या अधिक है और ईंधन की खपत ज्यादा होती है।
- उज्जवला योजना (PMUY): प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से जुड़े करोड़ों ग्रामीण परिवारों को इस छूट से बड़ी राहत मिलेगी और वे अपने रसोई बजट व रीफिल शेड्यूल को आसानी से मैनेज कर सकेंगे।
- कालाबाजारी पर लगाम: 45 दिन का लंबा अंतर होने के कारण गांवों में अक्सर गैस खत्म होने पर किल्लत की स्थिति बन जाती थी, जिससे अवैध रीफिलिंग और कालाबाजारी को बढ़ावा मिलता था। नया नियम लागू होने से इस पर पूरी तरह रोक लगेगी।
फेस्टिव सीजन और मांग में तेजी को देखते हुए राहत
आने वाले त्योहारों, शादी-ब्याह के सीजन और आपातकालीन स्थितियों में ग्रामीण परिवारों में रसोई गैस की खपत अचानक बढ़ जाती है।25 दिनों के नए नियम के लागू हो जाने से उपभोक्ताओं को जरूरत के समय लंबे इंतजार से नहीं जूझना पड़ेगा। साथ ही, गैस एजेंसियों और वितरकों (Distributors) के लिए भी सप्लाई चेन का प्रबंधन करना पहले से अधिक पारदर्शी और सुचारू हो जाएगा।

