नई दिल्ली। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐलान किया है कि ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ का लाभ लेने वाली महिलाओं को किसी अन्य सरकारी योजना से वंचित नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने योजना की सालाना आय सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये करने का बड़ा फैसला लिया है।
विपक्ष की अफवाहों पर सीएम सैनी का करारा जवाब
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्षी दलों के कुछ नेता महिलाओं के बीच यह अफवाह फैलाकर गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं कि लाडो लक्ष्मी योजना में रजिस्ट्रेशन कराने से उनकी अन्य पेंशन या सरकारी सुविधाएं बंद हो जाएंगी।
सीएम ने आश्वस्त किया कि इस बात में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। लाडो लक्ष्मी योजना में आवेदन करने या इसका लाभ पाने वाली सभी माताओं-बहनों को वृद्धावस्था, विधवा या अन्य किसी भी सरकारी पेंशन योजना का लाभ पहले की तरह ही निर्बाध रूप से मिलता रहेगा।
योजना का दायरा बढ़ा: 1.80 लाख रुपये तक आय वाले परिवार होंगे शामिल
प्रदेश सरकार ने योजना के विस्तार को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। पहले इस योजना का लाभ केवल उन गरीब परिवारों को मिल रहा था जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक थी।
अब सरकार ने इस आय सीमा को बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये प्रतिवर्ष कर दिया है। इससे प्रदेश की लाखों नई महिलाओं के लिए इस आर्थिक सहायता योजना का हिस्सा बनने का रास्ता साफ हो गया है। पात्र महिलाओं के लिए जल्द ही नया रजिस्ट्रेशन पोर्टल शुरू किया जाएगा, जहाँ वे अपना आवेदन जमा करा सकेंगी।
अब तक 10 लाख महिलाओं के खातों में पहुंचे 2000 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने चुनावी वादों और बजट आवंटन का ब्योरा देते हुए बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले किए गए 217 संकल्पों में से यह सबसे प्रमुख वादा था।
- बजट का प्रावधान: सरकार का गठन होते ही पहले बजट में इस योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम फंड रखा गया था।
- लाभार्थियों का आंकड़ा: वर्तमान में राज्य की लगभग 10 लाख महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है।
- भविष्य की तैयारी: योजना की बढ़ती लोकप्रियता और आय सीमा में ढील को देखते हुए सरकार ने अपने दूसरे बजट में इस योजना के लिए 6,500 करोड़ रुपये का विशाल बजट आवंटित किया है।
महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता का जरिया
सीएम सैनी ने रेखांकित किया कि दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना सिर्फ एक वित्तीय सहायता भर नहीं है, बल्कि यह राज्य की महिलाओं में आत्मविश्वास जगाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
जब महिलाओं के हाथ में अपनी खुद की स्वतंत्र आय होती है, तो परिवार के आर्थिक फैसलों में उनकी भागीदारी मजबूत होती है। इससे न केवल महिला का सामाजिक सशक्तिकरण होता है, बल्कि पूरे परिवार का जीवन स्तर भी सुधरता है।
‘महिला सशक्त होगी तो मजबूत बनेगा हरियाणा’
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने पात्र महिलाओं से अपील की कि जैसे ही रजिस्ट्रेशन पोर्टल खुले, वे बिना किसी झिझक के अपना पंजीकरण कराएं और हर महीने मिलने वाली 2,100 रुपये की वित्तीय मदद का लाभ उठाएं।
उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य सरकार की नीति पूरी तरह साफ़ है जब प्रदेश की नारी मजबूत होगी, तो परिवार समृद्ध होगा और जब हर परिवार समृद्ध होगा, तभी एक विकसित और मजबूत हरियाणा का निर्माण संभव हो सकेगा।

