नई दिल्ली/खुशबू पाण्डेय। मारुति सुजुकी इंडिया में महिला कर्मचारियों की संख्या 1,300 के पार पहुंच गई है। कंपनी ने जेंडर डाइवर्सिटी को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। गुरुग्राम और मानेसर प्लांट्स के शॉपफ्लोर पर महिलाओं की भर्ती बढ़ने से यह आंकड़ा हासिल हुआ है। अब महिलाएं वाहन असेंबली लाइन और क्वालिटी कंट्रोल जैसे महत्वपूर्ण काम संभाल रही हैं।
मारुति सुजुकी की महिला कर्मचारियों में बढ़ोतरी
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने बुधवार को जानकारी दी कि कंपनी में कुल महिला कर्मचारियों की संख्या 1,300 से ज्यादा हो गई है। पिछले दो सालों में वाहन निर्माण, इंजन और ट्रांसमिशन जैसे तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं को लगातार मौके दिए गए। अब ये महिला कर्मचारी शॉपफ्लोर पर असेंबली लाइन और क्वालिटी चेकिंग का काम कर रही हैं, जहां सटीकता और नियमितता की बहुत जरूरत होती है।
शॉपफ्लोर पर महिलाओं की भूमिका बढ़ी
कंपनी ने बताया कि गुरुग्राम और मानेसर प्लांट्स में शॉपफ्लोर पर महिलाओं की भर्ती तेज हुई है। पिछले एक साल में यहां 190 से ज्यादा महिलाओं को शामिल किया गया। ये महिलाएं पुरुष कर्मचारियों के साथ मिलकर कारों का निर्माण कर रही हैं। इससे पहले इंजीनियरिंग, मार्केटिंग, सेल्स, फाइनेंस, लीगल, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन विभागों में महिलाओं की अच्छी भागीदारी थी। अब शॉपफ्लोर पर भी उनकी मौजूदगी बढ़ रही है।
समान ट्रेनिंग और विकास के अवसर
मारुति सुजुकी में महिला कर्मचारियों को पुरुष कर्मचारियों के बराबर ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम दिए जाते हैं। इसका मकसद है कि उन्हें करियर में आगे बढ़ने के बराबर मौके मिलें। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि असली भागीदारी तब दिखती है जब महिलाएं शॉपफ्लोर पर सीधे वाहन निर्माण में योगदान दें। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इच्छा जताई कि शॉपफ्लोर पर महिलाओं की संख्या और बढ़े।
महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाएं और सुरक्षा
कंपनी ने महिला कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। एक आंतरिक सर्वे के आधार पर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया गया। इसमें अलग रेस्ट रूम, चेंजिंग एरिया और क्रेच सुविधा शामिल है। शाम की शिफ्ट में सुरक्षा के लिए गार्ड और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा, कर्मचारियों के लिए सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम चलाए गए हैं ताकि कार्यस्थल पर समावेशी माहौल बने। कंपनी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी कर्मचारी यौन उत्पीड़न रोकथाम (POSH) ट्रेनिंग में 100 प्रतिशत भाग लें। इससे कार्यस्थल पर सुरक्षा और जागरूकता बनी रहती है।
मारुति सुजुकी इंडिया लगातार जेंडर डाइवर्सिटी को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। यह कदम न सिर्फ कंपनी के लिए बल्कि पूरे ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक सकारात्मक उदाहरण है।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

