कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के बाद 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद एक्शन में आए प्रशासन ने मुख्य आरोपी मोहम्मद आदिल के गोदाम को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया है, वहीं बीट सिपाही से लेकर थाना प्रभारी तक कुल 5 पुलिसकर्मियों पर कड़ी गाज गिरी है।
मोहम्मदपुर मनौरी में भीषण धमाका: 2 किलोमीटर दूर तक गूंजी आवाज, 25 मजदूर थे मौजूद
कौशांबी जिले के पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहम्मदपुर मनौरी में स्थित एक अवैध पटाखा निर्माण इकाई में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब रोजाना की तरह लगभग 25 मजदूर फैक्ट्री के अंदर आतिशबाजी और विस्फोटक तैयार करने में जुटे हुए थे।
अचानक हुए इस धमाके की गूंज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के साथ ही आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और बारूद की वजह से लगातार कई घंटों तक एक के बाद एक कई धमाके होते रहे। एयरफोर्स स्टेशन मनौरी से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर हुए इस ब्लास्ट ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
चारपाई पर घायलों को लेकर भागे लोग, मलबे में तड़पते रहे मजदूर
विस्फोट के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच स्थानीय नागरिक तुरंत मदद के लिए आगे आए और झुलसे हुए व मलबे में दबे घायलों को चारपाई पर लिटाकर अस्पताल की ओर भागे।
सूचना मिलने के बाद कौशांबी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों ने मोर्चा संभाला और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
मृतकों में 8 मासूम बच्चे और 2 महिलाएं शामिल; 5 घायलों का इलाज जारी
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों का आंकड़ा 11 तक पहुंच चुका है। मृतकों में मासूम बच्चों और महिलाओं की संख्या अधिक होने से माहौल बेहद गमगीन है। हादसे में मारे गए 11 लोगों की सूची इस प्रकार है:
- प्रियांजलि (5 वर्ष)
- प्रवीण सिंह (13 वर्ष)
- जाह्नवी (12 वर्ष)
- आदित्य (12 वर्ष)
- रवि (8 वर्ष)
- ज्ञान सिंह (40 वर्ष)
- आदित्य (8 वर्ष)
- अंजू (32 वर्ष)
- विक्रम सरोज (35 वर्ष)
- अंश (6 वर्ष)
- नन्हा (4 वर्ष)
हादसे में गंभीर रूप से झुलसे 5 घायलों को प्रयागराज के एसआरएन (SRN) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए है।
प्रशासन का बड़ा बुलडोजर एक्शन, शबाना और साइना हिरासत में
हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आरोपियों की संपत्तियों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। मामले के मुख्य अभियुक्त मोहम्मद आदिल के अवैध गोदाम को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से बारूद का भंडारण करने वाले अन्य परिसरों को भी चिन्हित कर गिराया जा रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले से जुड़ी दो महिलाओं— शबाना और साइना को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

थाना प्रभारी समेत 3 लाइन हाजिर, 2 बीट सिपाही सस्पेंड
रिहायशी इलाके में बिना किसी वैध लाइसेंस के धड़ल्ले से चल रही पटाखा फैक्ट्री और स्थानीय पुलिस की लापरवाही उजागर होने के बाद एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह को पद से हटाकर लाइन हाजिर किया गया। चौकी के मौजूदा इंचार्ज अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी इंचार्ज मनीष पाल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया। ड्यूटी में लापरवाही बरतने और अवैध भंडारण की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को न देने के आरोप में बीट सिपाही जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को निलंबित (Suspend) कर दिया गया।
6 नामजद आरोपियों के खिलाफ BNS और विस्फोटक अधिनियम में एफआईआर
कौशांबी पुलिस ने इस मामले में पिपरी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक अधिनियम की अति-गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले में कुल 6 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें नौशाद अली, शकील और उनकी दोनों पत्नियां शामिल हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 4 विशेष टीमों को गठित किया गया है जो संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जल्द ही सभी दोषियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर उनकी अवैध संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा।
दो दशक से चल रहा था कारोबार, 2024 में निरस्त हुआ था लाइसेंस
प्रारंभिक जांच और जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा के बयानों से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह पटाखा फैक्ट्री लगभग 20 सालों से इस इलाके में संचालित हो रही थी। पूर्व मालिक नौशाद की मृत्यु के बाद उसका बेटा आदिल और भाई शकील मिलकर इसका संचालन कर रहे थे।
साल 2024 में ही प्रशासन ने इस फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित (Suspend) कर दिया था। इतना ही नहीं, मुख्य आरोपी आदिल वर्ष 2024 में अवैध पटाखे बनाने के जुर्म में जेल भी जा चुका था। इसके बावजूद रिहा होने के बाद उसने घनी आबादी वाले मनौरी बाजार में दोबारा बिना लाइसेंस के बारूद और आतिशबाजी का खतरनाक कारोबार शुरू कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक, मुआवजे की घोषणा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशांबी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतक मजदूरों और नागरिकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।
सीएम योगी ने तत्काल राहत कोष से मृतकों के परिजनों को: 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि। घायलों के लिए: 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि प्रयागराज अस्पताल में भर्ती घायलों के इलाज में कोई कमी न आए और पीड़ितों के परिवारों को हर संभव प्रशासनिक मदद मुहैया कराई जाए।
जनपद कौशाम्बी में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है।
मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।
स्थानीय अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने तथा पीड़ित परिवारों से संपर्क कर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 31, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PMNRF से दी सहायता
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कौशांबी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में हुई मौतों पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि। घायलों को: 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री ने घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
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