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दिल्ली जल बोर्ड घोटाले में ACB का बड़ा एक्शन, पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व CEO उदित प्रकाश राय समेत 6 गिरफ्तार

Delhi Jal Board Scam: दिल्ली जल बोर्ड STP टेंडर घोटाले में ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व CEO उदित प्रकाश राय समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के पूर्व जल मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन को एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर घोटाले में गिरफ्तार कर लिया है। ACB ने सत्येंद्र जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय समेत कुल छह आरोपियों को दबोचा है।

भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज

यह संपूर्ण मामला 11 मई 2024 को दर्ज एफआईआर संख्या 10/2024 से संबंधित है। ACB ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ-साथ आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की है।

ACB द्वारा गिरफ्तार किए गए अन्य पांच आरोपियों में:

  • उदित प्रकाश राय: पूर्व सीईओ, दिल्ली जल बोर्ड (आईएएस)
  • अंकित श्रीवास्तव: पूर्व संविदा सलाहकार, दिल्ली जल बोर्ड
  • नागेंद्र यादव: प्रोपराइटर, एएन एंटरप्राइजेज
  • राजा कुमार कुर्रा: मालिक, यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड
  • पंकज वर्मा: प्रोपराइटर, श्रीजंहार

चहेती कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए बदलीं टेंडर की शर्तें

जांच एजेंसी के अनुसार, यह घोटाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की क्षमता बढ़ाने और उनके नवीनीकरण के लिए जारी किए गए टेंडरों से जुड़ा है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया की तकनीकी शर्तों में जानबूझकर इस तरह हेरफेर की गई, जिससे ‘यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ नामक निजी कंपनी को सीधा फायदा पहुंचाया जा सके।

बिना किसी पूर्व पायलट स्टडी के टेंडर में ऐसी शर्तें जोड़ी गईं, जिससे अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियां दौड़ से बाहर हो गईं। इस निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को खत्म करने के चलते सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

ईमेल और डिजिटल सबूतों से खुला राज, 1.52 करोड़ की रिश्वत का दावा

ACB को अपनी तफ्तीश के दौरान कई अहम इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। सरकारी अधिकारियों, बिचौलियों और निजी व्यक्तियों के बीच हुए ईमेल व संदेशों के विश्लेषण से पता चला कि आधिकारिक तौर पर जारी होने से पहले ही टेंडर के दस्तावेज और कॉरिजेंडम आपस में साझा कर लिए गए थे।

इसके अलावा, जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में ‘एएन एंटरप्राइजेज’ के माध्यम से लगभग 1.52 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए। यह राशि यूरोटेक से जुड़ी शेल कंपनियों के जरिए घुमाकर भेजी गई थी, जिसका उपयोग बाद में संपत्ति खरीदने में किया गया। एसीबी फिलहाल इस पूरे मनी ट्रेल की गहराई से जांच कर रही है।

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