नई दिल्ली। प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियों और तीखी आलोचनाओं के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी कार्यप्रणाली में आमूलचूल बदलाव किए हैं। एजेंसी ने प्रश्नपत्र तैयार करने वाले करीब 600 विषय विशेषज्ञों (एक्सपर्ट्स) को बाहर का रास्ता दिखाते हुए नए विशेषज्ञों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसके साथ ही, भविष्य में पर्चों में होने वाली गंभीर गलतियों को रोकने के लिए चार-स्तरीय चेकिंग प्रणाली लागू की गई है। रविवार को यूजीसी-नेट (UGC-NET) के तीन विषयों की परीक्षा रद्द होने और विपक्ष के भारी दबाव के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने यह बड़ा कदम उठाया है।
शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक के बाद सख्त फैसले
नीट-यूजी (NEET-UG) विवाद के चलते धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की कमान संभालने वाले प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को एनटीए के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए मंगलवार शाम मंत्रालय ने बताया कि परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने शिक्षा मंत्री को एजेंसी द्वारा उठाए जा रहे सुधारात्मक कदमों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी।
As a follow up meeting on NTA, Union Education Minister Shri @JoshiPralhad directed that all necessary security and related infrastructural facilities should be put in place for the smooth conduct of examinations.
Following directions from the Minister, DG, NTA apprised on the… pic.twitter.com/SCSnko504d
— Ministry of Education (@EduMinOfIndia) August 18, 2026
क्यों पड़ी इतने बड़े कदम की जरूरत?
एनटीए देश में नीट (NEET-UG), सीयूईटी (CUET-UG) और यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी बेहद संवेदनशील और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करता है। हाल ही में 22 से 30 जून 2026 के बीच आयोजित यूजीसी-नेट परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों और विशेषज्ञों ने भारी गड़बड़ियों की शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की जांच के लिए गठित समिति ने पाया कि अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपरों में व्यापक स्तर पर तथ्यात्मक त्रुटियां, टाइपिंग की गलतियां और गलत अनुवाद मौजूद थे। इन हास्यास्पद खामियों के चलते एनटीए को रविवार को इन तीनों विषयों की परीक्षा रद्द कर पुनः परीक्षा कराने की घोषणा करनी पड़ी, जिससे सरकार और एजेंसी की साख पर सवाल खड़े हो गए थे।
सीआईएसएफ की सुरक्षा में नया दफ्तर और प्रशासनिक फेरबदल
परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए एनटीए के प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है:
- नए अधिकारियों का आगमन: एजेंसी में प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से अगले दो से तीन सप्ताह में 20 से 25 नए अधिकारियों को शामिल किया जाएगा, जबकि आगे की भर्तियों का पुनर्मूल्यांकन चल रहा है।
- नई जगह शिफ्ट होगा कार्यालय: एनटीए मुख्यालय को युद्धस्तर पर एक नए और अधिक सुरक्षित परिसर में स्थानांतरित किया जा रहा है।
- सीआईएसएफ सुरक्षा कवच: नए दफ्तर की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपी जाएगी, ताकि पेपर लीक या डेटा में किसी भी प्रकार की सेंधमारी को पूरी तरह रोका जा सके।
शिक्षा मंत्रालय का दावा है कि इन अभूतपूर्व सांगठनिक और तकनीकी बदलावों से भविष्य में आयोजित होने वाली सभी प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुचिता सुनिश्चित होगी।
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