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सिक्किम सुरंग हादसा: भूस्खलन और मीथेन गैस रिसाव के बीच 7 मजदूरों की मौत, 20 अब भी फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Sikkim Tunnel Disaster: सिक्किम की समारदुंग सुरंग में भूस्खलन और मीथेन गैस रिसाव के कारण 7 मजदूरों की मौत हो गई। 20 मजदूर अब भी फंसे हैं। NDRF और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।

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गंगटोक। सिक्किम में सोमवार दोपहर हुए एक भीषण हादसे के बाद निर्माणाधीन समारदुंग सुरंग (Samardung Tunnel) में जिंदगी और मौत की जंग जारी है। भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के बाद टनल का मुख्य द्वार बंद हो जाने से 27 मजदूर अंदर ही फंस गए थे। हालात तब और विकराल हो गए जब सुरंग के भीतर जहरीली मीथेन गैस का रिसाव शुरू हो गया।

प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गैस की वजह से अब तक 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 20 मजदूर अब भी टनल के अंदर फंसे हुए हैं। NDRF, SDRF, सिक्किम पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

गैस लीक के कारण बेसुध हुए कई रेस्क्यू वर्कर्स

यह दर्दनाक हादसा नामची जिले के समरडुंग (झोलुंगे) स्थित NHPC की तीस्ता स्टेज-VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। टनल में अत्यधिक मीथेन गैस भरने के कारण बचाव टीमों को अंदर घुसने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गैस के असर से राहत और बचाव कार्य में जुटे कुछ रेस्क्यू वर्कर्स भी चक्कर खाकर बेहोश हो गए, जिन्हें तुरंत बाहर निकाला गया।

मृतक मजदूरों के शवों को पोस्टमार्टम और शिनाख्त के लिए सिंगतम जिला अस्पताल, गंगटोक के STNM अस्पताल और नामची जिला अस्पताल भेजा गया है। सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) पूरे घटनाक्रम की पल-पल की निगरानी कर रहा है।

कैसे हुआ यह हादसा?

यह घटना सोमवार दोपहर लगभग 3:09 बजे हुई। इस टनल का निर्माण ‘पटेल इंजीनियरिंग’ कंपनी द्वारा तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के तहत कराया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और सुरंग से सुरक्षित बाहर निकले कुछ मजदूरों के अनुसार, अचानक टनल के अंदर एक तेज विस्फोट जैसी आवाज सुनाई दी।

आवाज सुनते ही कुछ मजदूर बाहर की तरफ भागे, लेकिन तभी अचानक हुए भूस्खलन से टनल का प्रवेश द्वार पूरी तरह ब्लॉक हो गया। इसके तुरंत बाद भीतर मीथेन गैस का तेजी से रिसाव होने लगा, जिससे अंदर फंसे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हालांकि भूस्खलन का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

NDRF और SDRF का युद्धस्तर पर अभियान

नामची की जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही सिलिगुड़ी और पाक्योंग में तैनात एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमों को तुरंत अलर्ट कर मौके पर रवाना किया गया।

शुरुआत में स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग के जवानों ने बिना विशेष सुरक्षा उपकरणों के दो बार सुरंग में प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण वे मजदूरों तक नहीं पहुंच सके। बाद में पहुंची NDRF की विशेष टीमों ने आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के साथ टनल में प्रवेश कर रेस्क्यू ऑपरेशन को गति दी और पहले गए दमकलकर्मियों को भी सुरक्षित बाहर निकाला।

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