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Wednesday, January 14, 2026

1984 सिख दंगा : कानपुर में 4 सिखों की हत्या के मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार

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नई दिल्ली/ अदिति सिंह : 1984 सिख विरोधी दंगों के कानपुर से जुड़े एक मामले में आज 4 लोगों को एसआईटी ने गिरफ्तार किया है। यह मामला निराला नगर, कानपुर का है, जहां चार सिखों को मौत के घाट उतार दिया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में सफीउल्लाह, योगेंद्र सिंह उर्फ बब्बन बाबा, विजय नारायण सिंह उर्फ बच्चन सिंह और अब्दुल रहमान उर्फ लंबू शामिल हैं। नवंबर 1984 के दौरान कानपुर में मारे गए कुल 127 सिखों के कातिलों को सजा दिलवाने के मकसद से सरकार ने विशेष एसआईटी बनाई है। इसके लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी ने बड़ी पहल की थी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में 2017 में संयुक्त तौर पर एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इसके बाद अब तक 67 कातिलों की पहचान एसआईटी ने कर ली है, इसमें से 4 आरोपियों की अब गिरफ्तारी हुई है।

-यूपी सरकार की एसआईटी ने बड़ी जद्दोजहद के बीच की कार्रवाई
-दिल्ली के सिखों ने जताई संतुष्टि, केंद्र एवं यूपी सरकार का किया धन्यवाद
-आरोपियों को सख्त सजा दिलवाने के लिए दिल्ली कमेटी करेगी पैरवी

बताते हैं कि निराला नगर में चार सिखों रछपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह, गुरदयाल सिंह भाटिया तथा सतवीर सिंह भाटिया का 1984 में कत्ल हुआ था। तब दंगाइयों ने मकानों में आगजनी के साथ 2 गोली भी सिखों को मारी थी। जबकि 2 सिखों को ऊपर छत से नीचे फेंक दिया गया था। इस मामले में एस.आई.टी. के द्वारा 28 आरोपियों को चिन्हित किया गया हैं, जिसमें से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दिल्ली कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके ने संतुष्टि जताते हुए एस.आई.टी. बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया है। जीके ने बताया कि 1984 के इंसाफ की लड़ाई बड़ी शिद्दत से लड़ी थी, यही कारण था कि सज्जन कुमार को जेल भेजने में कामयाब रहे थे तथा जगदीश टाइटलर के भी जेल के अंदर जाने के संयोग बन गए थे। पर कमेटी से मेरे हटने के बाद यह लड़ाई कमजोर हुई है।
दिल्ली कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा के नेता सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि 1984 के कानपुर सिख नरसंहार मामले में 38 साल बाद न्याय मिला है और एक मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि 2019 में उस समय दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने गृह मंत्री अमित शाह से संपर्क किया था और कानपुर सिख हत्याकांड की जांच के लिए नई एसआईटी का गठन किया गया था और अब यह निष्कर्ष निकला है कि 38 साल बाद 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

सिख कत्लेआम मामले में बड़ी सफलता मिली : DSGMC


दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका तथा महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि 1984 के कानपुर सिख कत्लेआम मामले में बड़ी सफलता मिली है। जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि 1984 के सिख नरसंहार के केसों की तरह दिल्ली कमेटी ने कानपुर सिख नरसंहार केसों के मामले में भी पैरवी की और 2017 में याचिका नंबर 45 सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने एस.आई.टी बनाने के आदेश दिए और फरवरी 2019 में पूर्व डी.जी.पी अतुल की अगुवाई में एस.आई.टी बनाई गई। उन्होंने कहा कि इन चार आरोपियों के खिलाफ केस की अदालत में पैरवी करेंगे ताकि इन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। इसके अलावा बाकी सभी 67 दोषियों की गिरफ्तारी के लिए केसों की पैरवी डट कर करते रहेंगे ताकि सभी दोषियों को सजा मिल सके।

बाकी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए :गुरमीत शंटी 


शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) के महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने कानपुर सिख नरसंहार मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी पर संतुष्टि जताई है। साथ ही यूपी पुलिस व एस.आई.टी का धन्यवाद भी किया जिन्होंने सिखों के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है। शंटी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व कानपुर की समूची संगत का भी आभार व्यक्त किया जिनके सहयोग से आज गिरफ्तारियां संभव हुईं। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि बाकी बचे आरोपियों को भी तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए, तभी सही मायने में पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा।

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