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बहराइच से नेपाल बॉर्डर तक बिछी नई ब्रॉडगेज लाइन, CM योगी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पेशल ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

UP Railway News: बहराइच से नेपालगंज रोड (रुपईडीहा) 56 किमी ब्रॉडगेज लाइन का उद्घाटन। सीएम योगी व रेल मंत्री ने वाराणसी स्पेशल ट्रेन को दिखाई हरी झंडी।

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बहराइच/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड (रुपईडीहा) रेलखंड का उद्घाटन करते हुए नई स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर वाराणसी के लिए रवाना किया। ₹730 करोड़ की लागत से तैयार 56 किलोमीटर लंबे इस रेलमार्ग के ब्रॉडगेज में बदलने से भारत-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा, सुविधा और व्यापार को नया आयाम मिलेगा।

नेपाल सीमा से सीधे जुड़ेंगे बाबा विश्वनाथ, अयोध्या और गोरखपुर के धाम

इस नई रेल सेवा के शुरू होने से इंडो-नेपाल बॉर्डर (Rupaidiha) का पूरा इलाका सीधे बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (Varanasi City) से जुड़ गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कनेक्टिविटी केवल ट्रेनों के आने-जाने का साधन नहीं है, बल्कि यह भारत और मित्र राष्ट्र नेपाल के सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने का मजबूत पुल बनेगी। इस नई बड़ी रेल लाइन (Broad Gauge) से श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर जैसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंचने में काफी आसानी होगी।

₹730 करोड़ से बदली 56 किमी रेलखंड की तस्वीर

समारोह के दौरान वर्चुअली जुड़े रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 56 किलोमीटर लंबे इस पूरे रेलखंड को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ने की ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समय-सीमा के भीतर ₹730 करोड़ का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही क्षेत्र के रेल नेटवर्क को और बेहतर बनाने के लिए 4 नई ट्रेनों की भी सौगात दी गई है, जो आने वाले दिनों में इस इलाके के ट्रांसपोर्ट तंत्र को मजबूत करेंगी।

‘पिछली सरकारों की संकीर्ण सोच का शिकार था सीमावर्ती इलाका’

सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के बाद देश के कई हिस्सों में मीटरगेज (छोटी लाइन) को ब्रॉडगेज में बदला गया और प्रीमियम ट्रेनें चलाई गईं, लेकिन बहराइच और नेपाल सीमा से लगे इस इलाके को हमेशा उपेक्षित रखा गया।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इसे ‘देश का अंतिम इलाका’ मानकर पिछड़ेपन की आग में झोंके रखा। लेकिन वर्तमान सरकार के लिए रुपईडीहा और बहराइच भारत के प्रवेश द्वार (Gateway of India) की तरह हैं। कई पीढ़ियों से ब्रॉडगेज ट्रेन का सपना देख रहे स्थानीय निवासियों का इंतजार अब खत्म हो गया है।

व्यापार, टूरिज्म और ईको-टूरिज्म को मिलेगी नई रफ्तार

इस रेल लाइन के शुरू होने से नेपालगंज रोड, नानपारा, बाबागंज, मटेरा, रिसिया और बहराइच जैसे इलाकों के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा।

सीमावर्ती इलाकों में रेलवे कनेक्टिविटी बेहतर होने से स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान होगी और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही, कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य (Katarniaghat Wildlife Sanctuary) जैसे प्रसिद्ध ईको-टूरिज्म स्पॉट तक पहुंचना अब पर्यटकों के लिए आसान हो जाएगा, जिससे स्थानीय पर्यटन को पंख लगेंगे।

उत्तर प्रदेश में बन रहा रेल नेटवर्क का बड़ा जाल

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बहराइच से खलीलाबाद के बीच नई रेललाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा गोरखपुर से सिद्धार्थनगर, शोहरतगढ़ और बलरामपुर होते हुए बहराइच और नेपालगंज रोड को जोड़ने की योजना पर भी तेजी से काम शुरू किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि केंद्रीय कैबिनेट ने हाल ही में लखनऊ से बहराइच के सड़क मार्ग को फोरलेन (Four-Lane Highway) बनाने की मंजूरी दी है, जिससे पूरे अवध और तराई क्षेत्र का ट्रांसपोर्ट बुनियादी ढांचा विश्वस्तरीय हो जाएगा।

माफियाराज और इंसेफेलाइटिस का हुआ पूरी तरह खात्मा

क्षेत्रीय विकास की तुलना करते हुए सीएम ने कहा कि एक समय था जब इस तराई बेल्ट में माफिया का बोलबाला था और मासूम बच्चे इंसेफेलाइटिस (Encephalitis) जैसी गंभीर बीमारी के कारण दम तोड़ देते थे। पिछली सरकारें इन मौतों पर पर्दा डालती थीं।

लेकिन आज बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, अंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या और सिद्धार्थनगर सहित हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं। बालार्क ऋषि के नाम पर आधुनिक अस्पताल और श्रावस्ती में नया एयरपोर्ट चालू हो चुका है। अब प्रदेश से माफिया और बीमारी, दोनों का नामोनिशान मिट गया है।

विकसित भारत की संकल्पना और 100% रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में नमो भारत (Namo Bharat), वंदे भारत (Vande Bharat) और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें नए भारत की पहचान बन चुकी हैं।

आज देश का लगभग पूरा रेल नेटवर्क शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिफाइड (100% Electrified) हो चुका है और छोटी लाइनें इतिहास बन चुकी हैं। जब रेल की पटरियां चौड़ी होती हैं, तो विकास के रास्ते, बाजार और रोजगार की संभावनाएं भी उतनी ही बड़ी हो जाती हैं। बहराइच-नेपालगंज रोड रेल लाइन का यह विस्तार डबल इंजन सरकार के सुशासन और विकास का जीता-जागता प्रमाण है।

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