नई दिल्ली। देश को रक्षा उपकरण, क्लीन एनर्जी, ईवी बैटरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ भारत की रणनीतिक आपूर्ति श्रृंखला (Strategic Supply Chain) का सबसे मजबूत पिलर बनने जा रहा है। नवा रायपुर में आयोजित रोड शो के दौरान केंद्र सरकार ने 8वीं ट्रेंच के तहत देश के 20 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की, जिनमें से 5 बड़े ब्लॉक अकेले छत्तीसगढ़ के हैं।
8वीं ट्रेंच में 5 ब्लॉकों की नीलामी, 4 लाख करोड़ के राजस्व का अनुमान
केन्द्रीय खान मंत्रालय द्वारा नवा रायपुर में आयोजित इस विशेष रोड शो में राज्य की विशाल खनिज संभावनाओं और निवेश के अवसरों को पेश किया गया। देश के 7 राज्यों में फैले 20 रणनीतिक खनिज ब्लॉकों में से छत्तीसगढ़ के 5 महत्वपूर्ण ब्लॉक नीलामी के लिए रखे गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देशभर के बड़े निवेशकों से इस बोली प्रक्रिया में बढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 65 विभिन्न खनिज ब्लॉकों की नीलामी सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है, जिनसे राज्य को भविष्य में करीब 4 लाख करोड़ रुपये का संभावित राजस्व मिलने की उम्मीद है।
कटघोरा और बस्तर में लिथियम और दुर्लभ खनिजों का भंडार
छत्तीसगढ़ के गर्भ में छिपी खनिज संपदा की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लिथियम, ग्रेफाइट, दुर्लभ मृदा तत्व (Rare Earth Elements), टंगस्टन, वैनेडियम, गैलियम, निकेल और क्रोमियम जैसे तत्व आज की आधुनिक तकनीकों के लिए रीढ़ की हड्डी हैं।
राज्य के कटघोरा और बस्तर क्षेत्र में लिथियम एवं रेयर अर्थ एलिमेंट्स, बलरामपुर में ग्रेफाइट, वैनेडियम व गैलियम और अन्य जिलों में क्रोमियम की भारी संभावनाएं पाई गई हैं। पिछले 30 महीनों (ढाई वर्षों) के भीतर राज्य में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट्स (Exploration Projects) शुरू किए गए हैं और 2,800 किलोमीटर से अधिक हिस्से का जियोलॉजिकल सर्वे पूरा किया जा चुका है। देश का पहला लिथियम ब्लॉक भी छत्तीसगढ़ के कटघोरा से ही नीलाम हुआ था।

सस्टेनेबल माइंस: ग्रीन कवर में 1.22% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
पर्यावरण और खनन के बीच संतुलन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सतत खनन (Sustainable Mining) की नीति पर काम कर रही है।
अत्यधिक उत्खनन गतिविधियों के बावजूद छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र (Forest Cover) में 1.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि खनिजों का दोहन करते हुए जंगलों, पेड़ों और स्थानीय पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे।
ई-रेत संगवारी और टिन पोर्टल की शुरुआत: आदिवासियों और गरीबों को सीधा फायदा
रोड शो के मंच से मुख्यमंत्री श्री साय ने दो ऐतिहासिक डिजिटल पोर्टल्स का शुभारंभ किया:
- ई-रेत संगवारी पोर्टल: इस पोर्टल के जरिए प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लाभार्थियों को घर बनाने के लिए रियायती और सस्ती दरों पर रेत की उपलब्धता आसान और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित होगी।
- टिन पोर्टल (Tin Portal): दंतेवाड़ा जिले के आदिवासी परिवारों द्वारा एकत्र किए जाने वाले टिन अयस्क (Tin Ore) की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता लाने और उन्हें उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से इसे शुरू किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान खनन क्षेत्र में वित्तीय सहायता और कोरंडम (Corundum) पत्थरों की कटिंग व पॉलिशिंग ट्रेनिंग के लिए महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर भी किए गए।
देश भर में 56 ब्लॉकों की सफल नीलामी: केंद्र का बड़ा ऐलान
कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि भारत की सामरिक सुरक्षा और आर्थिक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है। उन्होंने युवाओं और स्टार्टअप्स से माइनिंग सेक्टर में आगे आने की अपील की।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने जोर देकर कहा कि नीलामी का असली फायदा स्थानीय स्तर पर रोजगार, वैल्यू एडिशन (Value Addition) और नागरिक सुविधाओं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल व आवास के विकास में दिखना चाहिए।
खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र ने बताया कि देश में अब तक 88 रणनीतिक खनिज ब्लॉकों में से 56 की नीलामी सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है।
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