नई दिल्ली/विशाखापत्तनम/खुशबू पाण्डेय। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि आंध्र प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो गया है। इससे राज्य रेलवे आधुनिकीकरण के मामले में आगे बढ़ गया है। विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब के शिलान्यास के बाद हुई सभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने यह जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि साउथ कोस्ट रेलवे जोन का गठन 1 जून 2026 से प्रभावी होगा।
रेलवे बजट और परियोजनाओं में बड़ा इजाफा
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आंध्र प्रदेश को इस बार रेलवे के लिए रिकॉर्ड 10,134 करोड़ रुपये का बजट मिला है। यह राशि पिछले वर्षों में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए मिले कुल 886 करोड़ रुपये से बहुत ज्यादा है।
वर्तमान में राज्य में करीब 1,06,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं। इन परियोजनाओं का मकसद बंदरगाहों, पर्यटन स्थलों और बड़े शहरों को बेहतर तरीके से जोड़ना तथा पूरे राज्य में कनेक्टिविटी बढ़ाना है।
अवसंरचना विकास की प्रमुख उपलब्धियां
मंत्री ने राज्य में रेलवे की कई अहम उपलब्धियों का जिक्र किया। आंध्र प्रदेश में 74 रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण और पूर्ण विकास कार्य चल रहा है। उन्होंने इसे देश स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि बताया।
रेलवे ने राज्य में 832 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण पूरा कर लिया है। इसके अलावा 299 फ्लाईओवर और अंडरपास अभी निर्माणाधीन हैं।
ट्रैक बिछाने के काम में भी अच्छी प्रगति हुई है। 1,759 किलोमीटर रेल पटरियां बिछाई जा चुकी हैं, जबकि 3,300 किलोमीटर पटरियों का निर्माण कार्य जारी है।
यात्री सेवाओं में सुधार
यात्री सुविधा को बेहतर बनाने के लिए आंध्र प्रदेश में फिलहाल 16 वंदे भारत ट्रेनें और 22 अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं। इन ट्रेनों से यात्रा की गति और आराम दोनों में इजाफा हुआ है।
पूरे ईस्ट कोस्ट रेलवे कॉरिडोर को चार लाइन वाले नेटवर्क में अपग्रेड किया जा रहा है। इससे इस कॉरिडोर की क्षमता दोगुनी हो जाएगी और 500 नई ट्रेनों को चलाने की गुंजाइश बनेगी।
माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए बंदरगाहों, पर्यटन केंद्रों और प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली मालगाड़ी और कंटेनर सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। इससे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को फायदा पहुंचेगा और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का प्रस्ताव
अश्विनी वैष्णव ने भविष्य की हाई-स्पीड रेल सेवाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रमुख दक्षिणी गलियारों में प्रस्तावित हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और यात्रा समय के बारे में बताया:
- अमरावती से हैदराबाद: लगभग 70 मिनट
- अमरावती से चेन्नई: लगभग 112 मिनट
- हैदराबाद से पुणे: लगभग 1 घंटा 55 मिनट
- पुणे से मुंबई: लगभग 48 मिनट
- चेन्नई से बेंगलुरु: लगभग 73 मिनट
- हैदराबाद से बेंगलुरु: लगभग 2 घंटे 8 मिनट
मंत्री ने इस पूरे नेटवर्क को “हाई-स्पीड डायमंड” का नाम दिया। उन्होंने कहा कि यह नेटवर्क दक्षिण भारत में गतिशीलता बढ़ाएगा, आर्थिक एकीकरण को मजबूत करेगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देगा।
केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता
सभा के अंत में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये सारी पहलें आंध्र प्रदेश को रेलवे और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति को दिखाती हैं। सरकार संतुलित विकास और जन कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए सरकार बुनियादी ढांचे के विकास में दक्षिणी राज्यों के साथ पूरा न्याय करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल विकास के मुद्दों को राजनीति का हिस्सा बना रहे हैं।
इस प्रकार आंध्र प्रदेश में रेलवे क्षेत्र में हो रहे काम राज्य की प्रगति को नई ऊंचाई दे रहे हैं। विद्युतीकरण, नया रेलवे जोन, आधुनिक ट्रेनें और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के प्रस्ताव मिलकर राज्य की कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का काम करेंगे।
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