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CM मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला! 2,480 करोड़ रुपये की योजनाओं को मिली हरी झंडी

MP Cabinet Decisions 2026: मध्य प्रदेश कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे, आईटी पार्क, महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी और सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹2,480 करोड़ की स्वीकृति दी। जानिए सभी फैसले।

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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद (कैबिनेट) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। राज्य के सर्वांगीण विकास, बुनियादी ढांचे (Infra Structure) के विस्तार, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण को नई गति देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने लगभग 2,480 करोड़ रुपये की वित्तीय व सैद्धांतिक स्वीकृतियों पर मुहर लगाई।

इस बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी (IT), खेल, कृषि व सिंचाई, तकनीकी नवाचार, प्रशासनिक दक्षता और कर्मचारी कल्याण से जुड़ी अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को सोलहवें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) तक निरंतर जारी रखने का मार्ग प्रशस्त किया गया है।

मंत्रि-परिषद द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णयों का संक्षिप्त ब्योरा

मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए मुख्य वित्तीय एवं नीतिगत फैसलों का विवरण इस प्रकार है:

योजना / विषयस्वीकृत राशि / निर्णयमुख्य उद्देश्य एवं प्रभाव
आईटी पार्क योजना (निरंतरता)₹595 करोड़इंदौर, भोपाल, जबलपुर व ग्वालियर में आईटी अवसंरचना विस्तार; 8,000 नए रोजगार।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी योजनाएं₹857.21 करोड़तकनीक का आधुनिककरण, जीआईएस (GIS) और क्लाउड सेवाओं का विस्तार।
ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस₹85.51 करोड़ (IISER भोपाल)ड्रोन तकनीक, AI और UAV डिजाइन में उन्नत शोध और स्टार्टअप्स का विकास।
महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026₹18.74 करोड़ (सैद्धांतिक)भोपाल में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का आयोजन; राज्य के पर्यटन व खेलों को बढ़ावा।
मल्हारगढ़ दाबयुक्त उद्वहन सिंचाई₹184.20 करोड़मंदसौर जिले में 46,500 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई क्षमता का विकास।
रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना₹111.04 करोड़सिंगरौली के 119 गांवों की 38,000 हेक्टेयर भूमि में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली।
मिशन शक्ति (सामर्थ्य उपयोजना)₹198.59 करोड़संकल्प-हब, शक्ति सदन और सखी निवास योजनाओं का 2030-31 तक विस्तार।
आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा अकादमी₹129.12 करोड़‘मिशन कर्मयोगी’ और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण हेतु सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण।
कर्मचारी व पेंशनर कल्याण योजनाएं₹982.49 करोड़पेंशन, भविष्य निधि, बीमा और कर्मचारी कल्याण निधि का निरंतर संचालन।
किसानों को समर्थन मूल्य बोनस₹500 करोड़+ (निरंतरता)समर्थन मूल्य (MSP) पर उपार्जन करने वाले किसानों को बोनस भुगतान।

आईटी पार्क योजना को मंजूरी: 8,000 युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

प्रदेश में तकनीकी निवेश को आकर्षित करने और युवाओं को स्थानीय स्तर पर कौशल-आधारित रोजगार देने के लिए मंत्रि-परिषद ने ‘आईटी पार्क स्थापना’ योजना को वर्ष 2031 तक निरंतर संचालित करने हेतु 595 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।

  • विस्तार वाले शहर: इस योजना के अंतर्गत भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में निर्मित एवं निर्माणाधीन आईटी पार्क व आईटी टावर्स के बुनियादी ढांचे को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
  • रोजगार के अवसर: इस योजना के विस्तार से प्रदेश में 8,000 से अधिक स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से कौशल-आधारित रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। गौरतलब है कि इस योजना के माध्यम से अब तक लगभग 22,000 युवाओं को रोजगार प्राप्त हो चुका है।
  • ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) का प्रभाव: समिट के दौरान हस्ताक्षरित एमओयू (MoUs) के प्रभावी निष्पादन से आईटी (Information Technology) तथा ईएसडीएम (ESDM) क्षेत्र का विस्तार होगा, जिससे राज्य एक प्रमुख तकनीकी और निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित होगा।

IISER भोपाल में बनेगा ‘ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’

तकनीकी रूप से मध्य प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के संचालन हेतु 857 करोड़ 21 लाख रुपये की मंजूरी दी है।

इसी बजट के तहत भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (CoE) स्थापित करने के लिए कुल 85 करोड़ 51 लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई है, जिसमें से 17 करोड़ 90 लाख रुपये आगामी तीन वर्षों में जारी किए जाएंगे।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मुख्य विशेषताएं:

  • उन्नत तकनीक पर शोध: यह केंद्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन सिमुलेशन, डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी, स्वायत्त प्रणालियों (Autonomous Systems) और यूएवी (UAV) डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग पर अनुसंधान को बढ़ावा देगा।
  • स्टार्टअप्स को सहारा: केंद्र में प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC), प्रोटोटाइप डेवलपमेंट, टेस्टिंग और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी, जो राज्य में एक आत्मनिर्भर ड्रोन इकोसिस्टम तैयार करेंगी।

प्रशासन को पारदर्शी बनाने के लिए ₹110 करोड़

‘नई तकनीक के लिए MPSEDC एवं अन्य संस्थाओं को सहायता’ योजना हेतु 110 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके माध्यम से एआई/एमएल (AI/ML) आधारित बिजनेस इंटेलिजेंस, व्हाट्सएप चैटबॉट, ई-साइन, लो-कोड/नो-कोड प्लेटफॉर्म, एमपी कोड और सिक्योरिटी ऑडिट लैब जैसे नवाचारों से प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, त्वरित और उत्तरदायी बनाया जाएगा।

जीआईएस और क्लाउड सर्विसेज का विस्तार

  • स्थानिक डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर (MPSSDI): भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) के माध्यम से रियल टाइम मैपिंग और एकीकृत डेटा संधारण के लिए 40 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे आपदा प्रबंधन, शहरी विकास, जल आपूर्ति और भूमि प्रबंधन जैसे कार्यों में निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हुई है।
  • क्लाउड सर्विसेज: मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPSEDC) के माध्यम से सभी शासकीय विभागों को सुरक्षित और स्केलेबल क्लाउड सेवाएं देने के लिए 26 करोड़ 50 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे सरकार को महंगे आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर अतिरिक्त पूंजीगत खर्च नहीं करना पड़ेगा।

भोपाल में ‘महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026’ का आयोजन

खेल अधोसंरचना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने अक्टूबर 2026 में भोपाल के बरखेड़ा नाथू स्थित अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ‘महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026’ के आयोजन हेतु 18 करोड़ 74 लाख रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है।

  • संयुक्त आयोजन: यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश तथा हॉकी इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जाएगी।
  • वित्तीय ढांचा: समझौते के तहत हॉकी इंडिया को ‘पेजेंटिंग पार्टनर राइट्स’ के लिए 11 करोड़ रुपये दिए जाएंगे, जबकि शेष 7 करोड़ 74 लाख रुपये का उपयोग अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं व लॉजिस्टिक्स पर किया जाएगा।
  • सहभागी देश: इस स्पर्धा में एशिया की 6 प्रमुख महिला हॉकी टीमें—भारत, चीन, जापान, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड भाग लेंगी, जिसमें 200 से अधिक खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ भोपाल आएंगे।
  • राज्य को लाभ: वर्ष 2010 से हर दो साल में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता से राज्य के हॉकी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों व टीमों के आगमन से मध्य प्रदेश में पर्यटन एवं अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिलेगा।

कृषि और सिंचाई क्षेत्र: 84,500 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित

प्रदेश के किसानों की समृद्धि और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए मंत्रि-परिषद ने दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालित करने की मंजूरी दी है:

  • मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना (मंदसौर): मंदसौर जिले की इस महत्वाकांक्षी लिफ्ट सिंचाई परियोजना के संचालन हेतु 184 करोड़ 20 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे क्षेत्र की 46,500 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई क्षमता विकसित की जाएगी।
  • रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना (सिंगरौली): गोविंद वल्लभ पंत सागर (रिहन्द जलाशय) से जल उद्वहन कर सिंगरौली, माड़ा, वैढन और जावद तहसील के 119 गांवों की 38,000 हेक्टेयर भूमि को सूक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation) सुविधा देने के लिए 111 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
  • किसानों को बोनस भुगतान योजना जारी: किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से समर्थन मूल्य (MSP) पर खाद्यान्न उपार्जन करने वाले किसानों को अतिरिक्त बोनस भुगतान करने की योजना को 16वें वित्त आयोग की पूरी अवधि के लिए निरंतर रखने की मंजूरी दी गई है।

मिशन शक्ति: महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए ₹198.59 करोड़

महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘मिशन शक्ति’ की उपयोजना ‘सामर्थ्य’ के तहत संचालित तीन प्रमुख योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालित करने के लिए 198 करोड़ 59 लाख रुपये की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है:

  • संकल्प – हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन: यह केंद्र जिला स्तर पर महिलाओं को सरकारी नीतियों, अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने वाली एकल खिड़की (Single Window) इकाई के रूप में काम करता है। वर्तमान में 52 जिलों में संचालित इस व्यवस्था का विस्तार अब 3 नए गठित जिलों में भी किया जाएगा।
  • शक्ति सदन: संकटग्रस्त, अवैध व्यापार से बचाई गई और कठिन परिस्थितियों में फंसी महिलाओं के पुनर्वास व आश्रय के लिए वर्तमान में 14 संस्थाएं काम कर रही हैं। केंद्र सरकार द्वारा 5 नए शक्ति सदन स्वीकृत किए गए हैं।
  • सखी निवास (कामकाजी महिला छात्रावास): कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास देने वाली इस योजना (पूर्व नाम ‘महिला विश्रामालय’) में सभी वर्ग की कामकाजी महिलाओं को प्रवेश मिलता है। इसमें महिला कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर (Creche) की सुविधा भी शामिल है। वर्तमान में 3 शासकीय सखी निवास संचालित हैं।

प्रशासनिक, न्यायिक सुधार और बुनियादी ढांचा विस्तार

  • ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा निरीक्षकालय का नया वृत्त: ग्वालियर एवं चंबल संभागों के विद्युत सुरक्षा और राजस्व संग्रहण संबंधी कार्य अब तक भोपाल स्थित मुख्यालय से संचालित होते थे। कैबिनेट ने ग्वालियर में नया वृत्त कार्यालय खोलने और 9 नवीन पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इससे मुरैना के बामौर और भिंड के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ भविष्य में मुरैना में बनने वाले 600 मेगावाट क्षमता के बैटरी स्टोरेज सोलर पावर प्लांट को बड़ी प्रशासनिक सुविधा मिलेगी।
  • नारायणगढ़ में नया न्यायालय: मंदसौर जिले के नारायणगढ़ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के 1 पद सहित 9 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। इससे स्थानीय अधिवक्ताओं और नागरिकों को अपने दीवानी व आपराधिक मामलों के त्वरित निराकरण हेतु सुलभ न्याय मिल सकेगा।
  • प्रशासनिक अकादमी हेतु ₹129.12 करोड़: सामान्य प्रशासन विभाग के तहत आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालन और परिसर संधारण के लिए 129 करोड़ 12 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इस राशि का उपयोग ‘मिशन कर्मयोगी’ के क्रियान्वयन और अधिकारियों के प्रशिक्षण हेतु भौतिक संसाधनों के निर्माण में होगा।
  • कर्मचारी कल्याण हेतु ₹982.49 करोड़: शासकीय सेवकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए वित्त विभाग के अंतर्गत पेंशन, भविष्य निधि, समूह बीमा योजनाओं, शासकीय सेवक परिवार कल्याण निधि और पेंशनर कल्याण कोष के निरंतर संचालन हेतु 982 करोड़ 49 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
  • विधिक माप विज्ञान नियमों में संशोधन: केंद्र सरकार के जनविश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2026 के अनुरूप राज्य में ‘मध्य प्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम, 2011’ में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। इससे व्यापारिक सुगमता (Ease of Doing Business), सत्यापन शुल्क के पुनरीक्षण और अनावश्यक कानूनी जटिलताओं को खत्म करने (Deregulation) में मदद मिलेगी।

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