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छत्तीसगढ़ चिरायु योजना बच्चों के लिए संजीवनी, 40 से ज्यादा गरीब बच्चों को मिला मुफ्त इलाज से मिला नया जीवन

चिरायु योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जो साल 2014 से लागू है। इस योजना का मकसद उन बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है जिनके परिवार आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करा पाते।

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार और राज्य सरकार की चिरायु योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। खासकर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को इस योजना के तहत जन्मजात बीमारियों का मुफ्त इलाज मिल रहा है। अब तक जिले में 40 से ज्यादा बच्चों के सफल ऑपरेशन हो चुके हैं, जिससे उनके परिवारों में खुशी का माहौल है।

चिरायु योजना क्या है और कैसे काम करती है

चिरायु योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जो साल 2014 से लागू है। इस योजना का मकसद उन बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है जिनके परिवार आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करा पाते। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव जाकर बच्चों की जांच करती है। जन्मजात हृदय रोग, कटे-फटे होंठ, सुनने की समस्या जैसी गंभीर बीमारियों वाले बच्चों को पहचानकर उन्हें रायपुर जैसे बेहतर अस्पतालों में मुफ्त इलाज के लिए भेजा जाता है।

वनांचल क्षेत्र में बच्चों की स्थिति

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के दूरस्थ इलाकों में कई परिवार लंबे समय से अपने बच्चों की बीमारियों से जूझ रहे थे। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज मुश्किल था। बच्चे बार-बार बीमार पड़ते थे, उनका वजन नहीं बढ़ता था और सामान्य गतिविधियां करने में दिक्कत होती थी। चिरायु योजना ने इन परिवारों को नई उम्मीद दी है।

40 से अधिक बच्चों का सफल ऑपरेशन

जिले में चिरायु टीम के प्रयासों से अब तक 40 से ज्यादा बच्चों का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इनमें कई बच्चे जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 2024-25 में मानपुर ब्लॉक में 11 बच्चों और 2025-26 में 8 बच्चों का हृदय संबंधी ऑपरेशन रायपुर के अस्पतालों में कराया गया। ऑपरेशन के बाद बच्चों की स्थिति में काफी सुधार देखा जा रहा है।

परिजनों की खुशी और अनुभव

परिजन जगन लाल ने बताया कि उनके गांव की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने चिरायु योजना की जानकारी दी। चिरायु टीम की मदद से बच्चे को रायपुर भेजा गया। दो दिन के इलाज के बाद बच्चा स्वस्थ हो गया। पहले बच्चे का वजन कम था और वह सामान्य बच्चों की तरह सक्रिय नहीं था।

इसी तरह परिजन लखन लाल ने बताया कि उनका बच्चा बार-बार निमोनिया से ग्रस्त होता था। आंगनवाड़ी में स्वास्थ्य जांच के दौरान चिरायु योजना की जानकारी मिली। जिला अस्पताल में जांच हुई तो दिल में छेद की पुष्टि हुई। रायपुर के नारायणा अस्पताल में इलाज के बाद बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है। लखन लाल ने डॉक्टरों और नर्स स्टाफ का भी आभार व्यक्त किया।

योजना का प्रभाव और भविष्य की योजना

इस योजना से परिवारों को न सिर्फ आर्थिक राहत मिली है बल्कि बच्चों को स्वस्थ जीवन का मौका भी प्राप्त हुआ है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आने वाले समय में जिले के और ज्यादा बच्चों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। चिरायु कार्यक्रम प्रभारी सुनील गायकवाड़ ने बताया कि पहले बच्चों को बार-बार सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ होती थी। अब ऑपरेशन के बाद उनकी स्थिति बेहतर है।

सरकार की पहल की सराहना

जिस परिवार ने कभी इलाज की उम्मीद छोड़ दी थी, वे आज अपने बच्चों को स्वस्थ देखकर खुश हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को वनांचल क्षेत्र के लोग सराह रहे हैं। चिरायु योजना गरीब परिवारों के लिए संजीवनी की तरह काम कर रही है।

चिरायु योजना बच्चों के स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुफ्त जांच, इलाज और ऑपरेशन की सुविधा से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे भी बेहतर जीवन जीने की ओर बढ़ रहे हैं। यह योजना समाज के कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का अच्छा उदाहरण है।

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