रायपुर/जशपुर। जन्मजात दिल की बीमारी (Congenital Heart Disease) से जूझ रहे मासूम बच्चों और महंगे इलाज के खर्च से परेशान माता-पिता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ‘चिरायु योजना’ उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आई है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK-Chirayu) के तहत जिला चिकित्सालय जशपुर में एक विशेष और भव्य स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
इस एक दिवसीय महाशिविर में जिले के अलग-अलग विकासखंडों से पहुंचे 74 बच्चों की दिल की निःशुल्क जांच की गई। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इनमें से गंभीर रूप से पीड़ित 50 बच्चों को तत्काल हार्ट सर्जरी के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनका पूरा खर्च अब राज्य सरकार उठाएगी।
सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल और SECL की ‘धड़कन’ पहल
यह विशेष स्वास्थ्य शिविर चिरायु योजना और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ के साझा प्रयास से आयोजित हुआ। इस शिविर में रायपुर के सुप्रसिद्ध ‘सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल’ के कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) डॉक्टरों की एक विशेष टीम जशपुर पहुंची थी। डॉक्टरों ने आधुनिक मशीनों के जरिए बच्चों की गहन स्क्रीनिंग और ईकोकार्डियोग्राफी (Echocardiography) जांच की।

सीएम विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य शिविर का भव्य शुभारंभ जशपुर की स्थानीय विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने किया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत और कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रायमुनी भगत ने कहा, “मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गरीब परिवारों के लिए बच्चों के दिल का महंगा इलाज कराना नामुमकिन जैसा था, लेकिन सरकार की इस संवेदनशील पहल ने मासूमों को नया जीवनदान दिया है, क्योंकि स्वस्थ बच्चे ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव होते हैं।”
अभिभावकों की आँखों में आए आंसू, सरकार का जताया आभार
शिविर में अपने बच्चों को लेकर पहुंचे कई गरीब माता-पिता बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में लाखों रुपये का खर्च सुनकर वे पूरी तरह टूट चुके थे और लाचारी में अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे। लेकिन अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य विभाग की इस योजना ने उनके चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है।
इस पूरे शिविर को सफल बनाने में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जी.एस. जात्रा, सिविल सर्जन डॉ. कपिलदेव कश्यप, चिरायु नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद रात्रे और पूरी चिरायु टीम ने दिन-रात एक कर अहम भूमिका निभाई। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि चिन्हित किए गए सभी 50 बच्चों के मुफ्त ऑपरेशन की कागजी और चिकित्सकीय प्रक्रिया बेहद जल्द शुरू कर दी जाएगी ताकि उन्हें समय पर एक नया और स्वस्थ जीवन मिल सके।
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