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उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को मिलने वाले बीज की होगी डिजिटल ट्रैकिंग, मोबाइल ऐप से बढ़ेगी पारदर्शिता

उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों की सुविधा और खेती को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग एक नया मोबाइल ऐप तैयार कर रहा है, जिससे गन्ने के बीजों की शोध केंद्र से किसानों के खेत तक पूरी ट्रैकिंग संभव हो सकेगी।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों की सुविधा और खेती को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग एक नया मोबाइल ऐप तैयार कर रहा है, जिससे गन्ने के बीजों की शोध केंद्र से किसानों के खेत तक पूरी ट्रैकिंग संभव हो सकेगी।

इस ऐप की मदद से बीज वितरण में पारदर्शिता आएगी, कालाबाजारी पर नियंत्रण रहेगा और 46 लाख से ज्यादा गन्ना किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज आसानी से मिलेगा। इससे गन्ना उत्पादन बढ़ने और किसानों की आय सुधारने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में यह पहल की जा रही है।

उत्तर प्रदेश गन्ना बीज ट्रैकिंग ऐप: किसानों के लिए नई सुविधा

उत्तर प्रदेश में गन्ना खेती बहुत बड़ी संख्या में किसानों की आजीविका से जुड़ी हुई है। प्रदेश सरकार की मंशा है कि बीज वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बने। इसी उद्देश्य से गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग सीड ट्रेस एंड ट्रैक मोबाइल ऐप लाने की तैयारी कर रहा है। एडिशनल केन कमिश्नर वीके शुक्ला ने बताया कि किसान प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हैं। गन्ने की खेती में उत्तर प्रदेश का योगदान देशभर में अहम है। इसलिए विभाग किसानों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है।

यह नया ऐप गन्ना शोध केंद्रों से निकलने वाले बीजों को उनके अंतिम उपयोग तक ट्रैक करेगा। इससे किसानों को अच्छी क्वालिटी का बीज मिलेगा, जो बेहतर पैदावार दे सके। विभाग के अनुसार, ऐप लॉन्चिंग की तैयारियां तेजी से चल रही हैं और जल्द ही इसे आम किसानों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

यूपी-गुजरात की मदद से तैयार हो रहा गन्ना बीज ट्रैकिंग मोबाइल ऐप

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने जानकारी दी कि यह ऐप उत्तर प्रदेश रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेंटर और गुजरात के भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लिकेशन एंड जियो-इंफॉर्मेटिक्स (BISAG-N) की मदद से बनाया जा रहा है।

सबसे अच्छी बात यह है कि ऐप बनाने में विभाग का कोई खर्च नहीं आ रहा है। पूरा काम पीएम गति शक्ति योजना के तहत किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि ऐप की टेस्टिंग चल रही है और एक से दो महीने में इसे लॉन्च कर दिया जाएगा। जमीनी स्तर पर भी इसका परीक्षण किया जाएगा, ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो।

गन्ना बीज ट्रैकिंग ऐप के मुख्य फायदे

गन्ने का बीज आमतौर पर तीन-चार चरणों से गुजरकर किसानों तक पहुंचता है। पहले यह शोध केंद्रों से निकलता है, फिर गन्ना विकास परिषद के आधार बीज उत्पादन केंद्र पहुंचता है। इसके बाद प्राथमिक बीज उत्पादन नर्सरी में जाता है और वहां से किसानों को बांटा जाता है। इतने चरणों में पहले ट्रैकिंग मुश्किल होती थी। अब नए मोबाइल ऐप से हर चरण की निगरानी आसान हो जाएगी।

किसान ऐप पर ही बीज की उपलब्धता देख सकेंगे। वहां से वे विभाग को अपनी डिमांड भेज सकते हैं। जिले में तैनात गन्ना पर्यवेक्षक डिमांड के आधार पर आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। ऐप में बीज लेने वाले किसानों का डेटा भी रहेगा, जिससे आगे उत्पादन की ट्रैकिंग भी आसान होगी।

इसके अलावा, ट्रैकिंग शुरू होने से गन्ने की वैराइटी को पैदावार के हिसाब से बदलना भी संभव हो सकेगा। इससे कुल उत्पादन में सुधार आएगा।

बीज कालाबाजारी पर नियंत्रण और गुणवत्ता सुनिश्चित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में विभाग ने बीजों की कालाबाजारी रोकने का पूरा प्लान तैयार किया है। उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ सीड ट्रेस एंड ट्रैक ऐप से हर कड़ी पर नजर रखी जाएगी। इससे किसानों को सही बीज मिलेगा और वे नकली या घटिया बीज से बच सकेंगे। अच्छे बीज से बेहतर पैदावार होगी, जिससे उनकी आय भी बढ़ेगी।

उत्तर प्रदेश में गन्ना खेती के आंकड़े

प्रदेश में गन्ना किसानों की संख्या 46.50 लाख से ज्यादा है, जो चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई करते हैं। पिछले वर्ष कुल गन्ना बोआई 28.61 लाख हेक्टेयर में हुई थी। औसत उत्पादन 83.25 टन प्रति हेक्टेयर रहा। सरकार की इस नई पहल से इन आंकड़ों में और सुधार की उम्मीद है।

यह डिजिटल कदम गन्ना किसानों के लिए राहत का काम करेगा। मोबाइल ऐप के जरिए वे घर बैठे बीज की जानकारी ले सकेंगे और मांग भी दर्ज करा सकेंगे। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।

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