नोएडा। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में सख्त कदम उठाया है। श्रम कानूनों के उल्लंघन पर 24 कारखानों से जुड़े 203 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त करने, 1.16 करोड़ रुपये की पेनल्टी वसूलने और संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
साथ ही गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी और मई महीने में भुगतान किया जाएगा। यह कार्रवाई हालिया श्रमिक आंदोलन के बाद श्रम विभाग द्वारा की जा रही है, जिसमें श्रमिकों को उनके देय भुगतान और लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
नोएडा में श्रम कानून उल्लंघन पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन
गौतमबुद्ध नगर जिले में श्रम विभाग ने श्रम कानूनों का पालन न करने वाले संविदाकारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी के अनुसार, 24 कारखानों से जुड़े 203 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें वे संविदाकार भी शामिल हैं, जिनके श्रमिकों ने हालिया आंदोलन के दौरान तोड़फोड़ की घटनाओं में भूमिका निभाई थी। उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
विभाग ने इन संविदाकारों पर 1 करोड़ 16 लाख 5 हजार 67 रुपये की पेनल्टी का नोटिस जारी किया है। यह राशि श्रमिकों को उनके बकाया भुगतान के रूप में वसूल की जाएगी। साथ ही संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी भी की जा रही है। अपर श्रमायुक्त ने बताया कि शेष संविदाकारों की पहचान जारी है और उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होगी। सरकार का साफ संदेश है कि श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
1.16 करोड़ की पेनल्टी और वसूली की प्रक्रिया
श्रम विभाग ने उन संविदाकारों पर पेनल्टी लगाई है जिन्होंने श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, बोनस और अन्य वैधानिक लाभ नहीं दिए। निर्देश दिए गए हैं कि यह राशि सीधे श्रमिकों को चुकाई जाए। अगर भुगतान में देरी हुई या कम भुगतान किया गया तो संविदाकारों के साथ-साथ उनके मुख्य नियोजकों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। मुकदमा चलाने की तैयारी भी चल रही है।
यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हालिया श्रमिक आंदोलन में वेतन वृद्धि और लाभों की मांग मुख्य मुद्दा थी। विभाग ने स्पष्ट किया कि ईपीएफ और ईएसआई के अलावा वेतन से कोई अन्य कटौती नहीं की जा सकती। अगर ऐसा होता है तो सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में 21 प्रतिशत वेतन वृद्धि लागू
श्रमिकों के असंतोष को दूर करने के लिए शासन स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिश पर गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में 74 अनुसूचित नियोजनों के श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
नई दरों का भुगतान मई महीने की 7 से 10 तारीख के बीच किया जाएगा। यह बढ़ोतरी संविदा श्रमिकों और स्थायी श्रमिकों दोनों पर समान रूप से लागू होगी। कुशल, अर्धकुशल और अकुशल सभी श्रेणियों के श्रमिकों को फायदा मिलेगा। अपर श्रमायुक्त ने कहा कि ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से, बोनस और ग्रेच्युटी जैसे सभी लाभ समय पर दिए जाएंगे।
उद्यमी संगठनों की अपील और औद्योगिक शांति का प्रयास
जनपद के उद्यमी संगठन औद्योगिक इकाइयों से न्यूनतम वेतन वृद्धि का पूरा अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं। वे व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए संदेश, ऑडियो और वीडियो भेजकर शासन की गाइडलाइंस का पालन करने को कह रहे हैं। इस प्रयास को सराहा जा रहा है क्योंकि इससे क्षेत्र में औद्योगिक सौहार्द और शांति बनी रहेगी।
श्रम विभाग ने सभी पक्षों से अपील की है कि कानून का पालन करें और श्रमिकों के हितों का सम्मान करें। इससे नोएडा जैसे औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर माहौल बनेगा।
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