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उत्तर प्रदेश में ‘सोलर दीदी’ अभियान तेज, महिलाएं कर रही स्वच्छ ऊर्जा की अगुवाई

उत्तर प्रदेश में ‘सोलर दीदी’ अभियान को अच्छी रफ्तार मिल रही है। महिलाएं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को बढ़ावा दे रही हैं। वाराणसी में 111 और अयोध्या में 148 महिलाएं ‘सोलर दीदी’ के रूप में काम कर रही हैं।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ‘सोलर दीदी’ अभियान को अच्छी रफ्तार मिल रही है। महिलाएं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को बढ़ावा दे रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू इस पहल से महिलाओं को स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका मिल रही है।

वाराणसी में 111 और अयोध्या में 148 महिलाएं ‘सोलर दीदी’ के रूप में काम कर रही हैं। उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है और मासिक प्रोत्साहन राशि भी मिल रही है। यह अभियान महिला सशक्तीकरण और स्वच्छ ऊर्जा को साथ-साथ आगे बढ़ा रहा है।

सोलर दीदी अभियान क्या है और क्यों शुरू किया गया

उत्तर प्रदेश सरकार ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए ‘सोलर दीदी’ मॉडल तैयार किया है। इस अभियान में शहरी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मुख्य भूमिका दी गई है। उद्देश्य है कि घर-घर सौर ऊर्जा पहुंचे और महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनें।

राज्य के प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी में इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के साथ समन्वय में यह काम हो रहा है।

वाराणसी और अयोध्या में सक्रिय सोलर दीदियां

अभी तक वाराणसी में 111 महिलाएं और अयोध्या में 148 महिलाएं ‘सोलर दीदी’ बनकर काम कर रही हैं। ये महिलाएं घर-घर जाकर लोगों को सोलर ऊर्जा के फायदे बताती हैं। आवेदन भरने से लेकर सोलर पैनल लगवाने और रखरखाव तक मदद करती हैं।

शहरी स्थानीय निकाय इन महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दे रहे हैं। इससे वे थोड़ी आर्थिक मदद भी पा रही हैं और आत्मनिर्भर बनने की राह पर आगे बढ़ रही हैं।

7 दिवसीय प्रशिक्षण से बन रही तकनीकी रूप से सक्षम

महिलाओं को सोलर से जुड़ी काम में कुशल बनाने के लिए 7 दिन का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कुछ महिलाएं सहायक के रूप में काम शुरू कर सकती हैं। प्रमाणित महिलाएं तकनीशियन की जिम्मेदारी भी संभाल सकेंगी।

इसके अलावा सिटी लेवल फेडरेशन और एरिया लेवल फेडरेशन को विक्रेता के रूप में तैयार किया जा रहा है। ये फेडरेशन मांग बढ़ाने, इंस्टॉलेशन का समन्वय करने और सेवा देने में मदद करेंगे।

स्वयं सहायता समूह नेटवर्क की अहम भूमिका

उत्तर प्रदेश में पहले से मजबूत स्वयं सहायता समूह (SHG) का नेटवर्क इस अभियान की सफलता की कुंजी है। हजारों सक्रिय समूहों के जरिए यह पहल गांवों और शहरों तक आसानी से पहुंच रही है। इससे सोलर ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और लोग योजना का फायदा उठा रहे हैं।

यूपी नेडा के अधिकारियों का कहना है कि यह मॉडल योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने में मदद करेगा। साथ ही सामाजिक विश्वास, जनभागीदारी और महिला सशक्तीकरण को मजबूत बनाएगा।

स्वच्छ ऊर्जा और महिला सशक्तीकरण का अनोखा मेल

‘सोलर दीदी’ अभियान उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आगे लाने की दिशा में एक ठोस कदम है। महिलाएं अब सिर्फ लाभार्थी नहीं बल्कि इस बदलाव की अगुवाई कर रही हैं। सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन बढ़ने से बिजली बिल कम होगा और पर्यावरण भी साफ रहेगा।

यह पहल दिखाती है कि जब महिलाओं को मौका और प्रशिक्षण मिले तो वे कैसे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। सरकार की इस कोशिश से आने वाले समय में और ज्यादा महिलाएं ‘सोलर दीदी’ बनकर काम करेंगी।

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