नई दिल्ली। देश के आम उपभोक्ताओं की जेब पर एक बार फिर महंगाई का बोझ बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। भारत की खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation Rate) में जून के महीने में सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जून में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38 प्रतिशत (अनंतिम) पर पहुंच गई है, जो इससे पिछले महीने यानी मई में 3.93 प्रतिशत (अंतिम) के स्तर पर थी।
गांवों और शहरों दोनों जगह बढ़ी महंगाई
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, महंगाई का असर ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में देखा गया है:
- ग्रामीण क्षेत्र: गांवों में खुदरा महंगाई दर मई के 4.25 प्रतिशत से बढ़कर जून में 4.74 प्रतिशत हो गई है।
- शहरी क्षेत्र: शहरों में भी जून के दौरान महंगाई दर में उछाल आया है और यह मई के 3.53 प्रतिशत से बढ़कर 3.92 प्रतिशत दर्ज की गई है।
इसके अलावा, लोगों के रसोई के बजट को प्रभावित करने वाली खुदरा खाद्य महंगाई दर (Food Inflation) जून में 5.32 प्रतिशत रही, जो मई के महीने में 4.78 प्रतिशत थी।
इन चीजों के बढ़े दाम, यहाँ मिली राहत
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून में जिन पांच चीजों की सालाना महंगाई दर सबसे अधिक रही, उनमें चांदी के आभूषण (133.21%), अदरक (50.41%), सोना/हीरा/प्लेटिनम के गहने (36.82%), टमाटर (31.92%) और किशमिश-मुनक्का (20.52%) शामिल हैं।
दूसरी तरफ, कुछ चीजों के दामों में सालाना आधार पर गिरावट भी आई है, जिससे जनता को थोड़ी राहत मिली है। दाम घटने वाली शीर्ष पांच चीजों में आलू (-20.34%), मटर (-9.67%), मोटर कार व जीप (-6.89%), जीरा (-3.75%) और मोटर साइकिल व स्कूटर (-3.49%) शामिल हैं।
अन्य प्रमुख क्षेत्रों और राज्यों का हाल
विभिन्न क्षेत्रों (सेक्टर्स) की बात करें तो फूड एंड बेवरेज में महंगाई दर 5.05%, पान, तंबाकू और नशीले पदार्थों में 4.83%, कपड़ों और जूतों में 3.23%, परिवहन (ट्रांसपोर्ट) में 4.31%, शिक्षा सेवाओं में 3.34%, मनोरंजन व संस्कृति में 1.75% और स्वास्थ्य (हेल्थ) क्षेत्र में 1.42% रही। राज्यों के स्तर पर जून में सबसे ज्यादा महंगाई दर तेलंगाना (6.36%) में रही। इसके बाद आंध्र प्रदेश (5.39%), तमिलनाडु (5.24%), ओडिशा (5.15%) और मध्य प्रदेश (5.09%) का स्थान रहा।
आरबीआई गवर्नर की पैनी नजर
जून की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के दौरान आरबीआई (RBI) गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि वैश्विक चुनौतियों के बाद भी देश की खुदरा महंगाई (CPI) फिलहाल आरबीआई के तय लक्ष्य के नीचे है। हालांकि, भविष्य में इसके बढ़ने की आशंका है और यह निर्धारित ऊपरी सीमा के पास पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि महंगाई के जोखिम बढ़े जरूर हैं, लेकिन केंद्रीय बैंक ने मौजूदा हालात में ब्याज दरों में बदलाव करने के बजाय स्थिति के और स्पष्ट होने का इंतजार करने का फैसला लिया है। आरबीआई आगे भी आने वाले आंकड़ों के आधार पर ही निर्णय लेगा और आपूर्ति के दबावों पर कड़ी नजर रखेगा।
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